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Hormuz Crisis: इन देशों के लिए खुला होर्मुज, भारत के शिप को मिलेगा ‘सेफ पास’ या नहीं? ईरान का नया आदेश


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oi-Sumit Jha

Strait of Hormuz Crisis: मिडिल ईस्ट में तनाव अपनी चरम सीमा पर है। अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे इस संघर्ष में ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Hormuz Strait) को बंद कर वैश्विक तेल आपूर्ति को संकट में डाल दिया है।

इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि अगर रास्ता नहीं खुला, तो वे ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाएंगे। हालांकि, ईरान ने झुकने के बजाय चतुराई से जवाब देते हुए रास्ते को शर्तों के साथ खोलने का ऐलान किया है।

Strait of Hormuz Crisis

Iran USA Conflict: ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी

ईरान द्वारा इजरायल के परमाणु केंद्रों (डिमोना और अराद) पर मिसाइल हमले के बाद स्थिति बिगड़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए सख्त लहजे में कहा है कि ईरान के पास केवल 48 घंटे हैं। अगर इस दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बिना किसी शर्त के नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर ग्रिड और बिजली घरों को तबाह कर देगा। यह सीधी धमकी ईरान की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ने के लिए दी गई है।

Iran Israel Missile Attack: ईरान की ‘शर्तों वाली’ राहत

ट्रंप की धमकी के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने प्रतिक्रिया दी। ईरान के प्रतिनिधि अली मौसवी ने कहा कि यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए खुला है, लेकिन इसमें एक बड़ा पेंच है। उन्होंने साफ किया कि ‘दुश्मन देशों’ (अमेरिका, इजरायल और उनका साथ देने वाले गल्फ देश) के जहाजों को यहाँ से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। ईरान के इस रुख से साफ है कि वह अंतरराष्ट्रीय दबाव को कम करना चाहता है, लेकिन अमेरिका के सामने पूरी तरह सरेंडर करने को तैयार नहीं है।

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Indian ships in Hormuz: भारत के लिए कितनी उम्मीद?

भारत के लिए यह खबर राहत भरी हो सकती है क्योंकि उसके 22 जहाज इस रास्ते में फंसे हुए हैं। भारत के ईरान के साथ अच्छे कूटनीतिक रिश्ते रहे हैं, इसलिए उम्मीद है कि भारतीय जहाजों को वहां से निकलने की अनुमति मिल जाएगी। अगर ऐसा होता है, तो भारत में तेल और ऊर्जा का संकट काफी हद तक टल सकता है। हालांकि, युद्ध क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा का खतरा अब भी बना हुआ है और जहाज वहां से गुजरने में कतरा रहे हैं।

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गहराता तेल और बिजली संकट

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। इसके बंद होने से ग्लोबल ऑयल मार्केट में हड़कंप मचा हुआ है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कूटनीति चाहता है, लेकिन पहले अमेरिका और इजरायल को अपने हमले बंद करने होंगे। एक तरफ ट्रंप का अल्टीमेटम है और दूसरी तरफ ईरान की अपनी शर्तें। इस खींचतान ने पूरी दुनिया को एक बड़े आर्थिक और ऊर्जा संकट के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।



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