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oi-Sumit Jha
Hormuz Strait Shipping News: ईरान और इजराइल के बीच तनाव कम होने और सीजफायर (युद्धविराम) के ऐलान के बाद मिडिल ईस्ट के समुद्री रास्तों में हलचल फिर से शुरू हो गई है। हाल ही में ‘होर्मुज स्ट्रेट’ से पहले व्यापारिक जहाजों के गुजरने की खबर आई है, जिसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक राहत भरा संकेत माना जा रहा है।
ईरानी मीडिया और मरीन ट्रैकिंग कंपनियों ने पुष्टि की है कि तनाव के बावजूद समुद्री यातायात अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। यह रास्ता तेल व्यापार के लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है।

Israel-Iran Ceasefire: होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले पहले जहाज
सीजफायर के बाद ग्रीस का कार्गो जहाज NJ Earth और लाइबेरिया के झंडे वाला Daytona Beach सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकले। मरीनट्रैफिक के आंकड़ों के मुताबिक, इन जहाजों की आवाजाही यह दर्शाती है कि समुद्री व्यापारिक मार्गों पर अब जोखिम कम हो रहा है। लंबे समय से बने डर और अनिश्चितता के बाद इन जहाजों का इस संकरे रास्ते को पार करना वैश्विक बाजार के लिए एक बड़ी राहत और उपलब्धि है।
समंदर में जहाजों का बड़ा जमावड़ा
ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में अभी भी सैकड़ों जहाज मौजूद हैं जो अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि वर्तमान में यहां लगभग 426 टैंकर, 34 एलपीजी (LPG) वाहक और 19 एलएनजी (LNG) जहाज मौजूद हैं। इतनी बड़ी संख्या में जहाजों की मौजूदगी बताती है कि यह रास्ता ग्लोबल सप्लाई चेन के लिए कितना जरूरी है और सीजफायर ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को कितनी बड़ी राहत दी है।
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भारत के 16 जहाज अभी भी फंसे हुए
ईरान और इजराइल के बीच तनाव के बीच भारतीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के इस रणनीतिक मार्ग में कुल 16 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं। इनमें 5 कच्चे तेल के टैंकर और 1 एलपीजी टैंकर शामिल हैं। इन जहाजों पर भारतीय चालक दल के सदस्य सवार हैं, जिनकी सुरक्षा भारत के लिए प्राथमिकता है। ये जहाज फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित निकासी का इंतजार कर रहे हैं।
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सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियां
भले ही जहाज अब गुजरने लगे हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर अभी भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय नौसेनाएं और एजेंसियां इन जहाजों की मूवमेंट पर पैनी नजर रख रही हैं। व्यापारिक कंपनियों को डर है कि कहीं फिर से इजराइल और ईरान के बीच तनाव न बढ़ जाए। हालांकि, फिलहाल जहाजों का सुरक्षित निकलना इस बात का सबूत है कि कूटनीतिक कोशिशें रंग ला रही हैं और समुद्री व्यापार फिर से पटरी पर लौट रहा है।



