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Hormuz Tension: ‘अनुमति लो, वरना उड़ा देंगे’, US-Iran Ceasefire के बावजूद ईरान ने टैंकरों को दी कड़ी चेतावनी


International

oi-Divyansh Rastogi

Strait of Hormuz Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आज सुबह भारतीय समयानुसार 4 बजे घोषित 14 दिन के युद्धविराम के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बरकरार है। ईरानी नौसेना ने खाड़ी में फंसे अंतरराष्ट्रीय टैंकरों और जहाजों को साफ चेतावनी दे दी है कि पूर्व अनुमति लो, वरना निशाना बनाकर नष्ट कर देंगे।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कई शिपिंग कंपनियों को ईरान की तरफ से यह सीधा संदेश मिला है कि समुद्र में जाने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया जाएगा।

Strait of Hormuz Tension

Ceasefire के बाद भी क्यों नहीं खुला होर्मुज?

दिन की शुरुआत इस खबर से हुई थी कि ईरान 2 हफ्ते के लिए जलडमरूमध्य खोल रहा है, जिसके बाद ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान किया। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि सशस्त्र बलों के साथ समन्वय और तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित आवागमन संभव होगा। लेकिन अब ईरानी नौसेना ने कोई ढील नहीं दी। नियंत्रण पूरी तरह बरकरार है।

वैश्विक शिपिंग ऑपरेटर अब उलझन में हैं। डेनिश कंपनी माएर्स्क ने कहा कि युद्धविराम से कुछ अवसर खुल सकते हैं, लेकिन अभी पूर्ण समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई है। हम स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

ईरान का रुख सख्त, सिर्फ अस्थायी सीजफायर नहीं मंजूर

ईरान ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह केवल व्यापक शांति समझौते के तहत जलडमरूमध्य खोलेगा। इसमें अमेरिका-इजरायल से कोई हमला न करने की लिखित गारंटी चाहिए। अभी केवल मित्र देशों के जहाजों को ही अनुमति मिल रही है। लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के प्रधान संपादक रिचर्ड मीड का बयान कि सीजफायर से स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। ईरान का नियंत्रण बरकरार है। अनुमति नहीं तो आवागमन नहीं।

ये तनाव कितना गंभीर है?

  • दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग: होर्मुज से रोजाना 20% वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती है। बंदी जारी रहने से तेल की कीमतें फिर से आसमान छू सकती हैं।
  • फंसे हुए जहाज: संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 2,000 जहाज और 20,000 नाविक खाड़ी में फंसे हुए हैं।
  • पाकिस्तान-चीन का रोल: तीन ईरानी अधिकारियों ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि ईरान ने पाकिस्तान के सीजफायर प्रस्ताव को इसलिए स्वीकार किया, क्योंकि चीन ने अंतिम समय में हस्तक्षेप कर तनाव कम करने की सलाह दी। नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी मंजूरी दी।
  • ट्रंप का ड्रामा: ट्रंप ने बार-बार अल्टीमेटम दिए, समयसीमा बढ़ाई और ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि ‘अगर समझौता नहीं हुआ तो एक पूरी सभ्यता आज रात नष्ट हो जाएगी… या फिर कुछ क्रांतिकारी रूप से अद्भुत हो सकता है।’

भारत के लिए क्या मायने रखता है?

  • तेल आयात पर निर्भर भारत को महंगाई का खतरा।
  • अगर होर्मुज 14 दिन भी बंद रहा तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
  • शिपिंग रूट प्रभावित होने से व्यापार पर असर।

अभी की स्थिति ये है कि Ceasefire तो हो गया, लेकिन होर्मुज अभी भी बंद। ईरान कह रहा है कि अनुमति लो या घर जाओ। अगले 48 घंटे में अगर कोई नया समझौता नहीं हुआ तो तेल बाजार में भारी उथल-पुथल संभव है।



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