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Hyderabad Musi Riverfront: हैदराबाद के मूसी रिवरफ्रंट का इंतजार खत्म! इस तारीख से आम लोगों के लिए खुलेगा


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oi-Smita Mugdha

Hyderabad Musi Riverfront: हैदराबाद में लंबे समय से प्रस्तावित मूसी रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट का शहरवासियों को लंबे समय से इंतजार है। अब इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने का काम लगभग पूरा होने वाला है। राज्य सरकार अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। यह प्रोजेक्ट शहर की ऐतिहासिक मूसी नदी के किनारे बड़े स्तर पर विकास और सौंदर्यीकरण का लक्ष्य लेकर तैयार किया गया है।

परियोजना के पहले चरण में करीब 20 किलोमीटर क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इसमें उस्मान सागर से बापू घाट तक लगभग 11 किलोमीटर और हिमायत सागर से बापू घाट तक करीब 9 किलोमीटर के हिस्से को विकसित किया जाएगा। इस चरण का सबसे बड़ा आकर्षण ‘गांधी सरोवर’ होगा, जिसे एक प्रमुख पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।

Hyderabad Musi Riverfront

Hyderabad Musi Riverfront: पर्यटकों के लिए बनेगा खास आकर्षण

– सरकार की योजना के मुताबिक मूसी नदी के किनारे वॉकवे, साइक्लिंग ट्रैक, हरित क्षेत्र (ग्रीन पार्क), ओपन स्पेस, रिवरफ्रंट प्लाजा और सांस्कृतिक स्थल विकसित किए जाएंगे।

– इसके अलावा, नदी के पानी की गुणवत्ता सुधारने, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने और बाढ़ नियंत्रण के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

– तेलंगाना सरकार ने इस परियोजना के बारे में कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ सौंदर्यीकरण ही नहीं बल्कि शहर में पर्यटन, रियल एस्टेट और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना भी है।

– मूसी रिवरफ्रंट को विकसित कर इसे लंदन के थेम्स रिवरफ्रंट या अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर एक आधुनिक शहरी आकर्षण बनाने की योजना है।

Musi Riverfront: परियोजना का कुछ संगठन कर रहे विरोध

हालांकि, परियोजना को लेकर विवाद भी सामने आ गया है। ‘मूसी जन आंदोलन’ नाम के संगठन ने गांधी सरोवर परियोजना का विरोध करते हुए कांग्रेस आलाकमान को पत्र लिखा है। संगठन का आरोप है कि इस परियोजना के कारण जमीन अधिग्रहण और स्थानीय लोगों के विस्थापन की आशंका बढ़ रही है। उन्होंने मांग की है कि सरकार जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर रोक लगाए और प्रभावित लोगों के पुनर्वास की स्पष्ट नीति सामने लाए। इ

सके बावजूद सरकार का दावा है कि परियोजना के तहत पर्यावरण संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और शहरी विकास को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। अगर योजना तय समय पर लागू होती है तो आने वाले वर्षों में मूसी नदी के किनारे का क्षेत्र हैदराबाद का नया पर्यटन और मनोरंजन केंद्र बन सकता है।



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