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Iran America War: ईरान ने Amazon पर किया हमला, बहरीन का उड़ाया डेटा सेंटर, क्‍यों है बेहद खतरनाक?


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oi-Bhavna Pandey

Iran America War: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। 1 मार्च 2026 (बुधवार) को ईरान के शाहेद ड्रोन ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में Amazon Web Services (AWS) के दो डेटा सेंटरों को निशाना बनाया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में इमारतों को सीधा नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा बहरीन में एक कामर्शियल डेटा सेंटर भी क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि यह साफ नहीं है कि वह जानबूझकर निशाना था या नहीं।

Iran America War

ईरान ने एक दिन पहले दी थी धमकी

याद रहे मंगलवार को ईरान ने एक दिन पहले गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी दिग्गज अमेरिकी तकनीकी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी थी और 18 दिग्गज कंपनियों की हिट लिस्‍ट जारी थी। इस धमकी के एक दिन बाद अब ईरान ने कथित तौर पर ये हमला किया है।

ईरान ने क्‍यों डेटा सेंंटरों पर किया अटैक?

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि ये हमले उन डेटा सेंटरों पर किए गए जो “दुश्मन” की सैन्य और खुफिया गतिविधियों में सहायता कर रहे थे। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी सेना वास्तव में इन खास डेटा सेंटरों का उपयोग कर रही थी या नहीं। विश्लेषकों के अनुसार, यह हमला UAE को अमेरिका से करीबी संबंधों के लिए “संदेश” देने की कोशिश भी हो सकता है।

Civil Defence is extinguishing a fire in a facility of a company as a result of the Iranian aggression. Relevant authorities are taking their measures at the site.

— Ministry of Interior (@moi_bahrain) April 1, 2026 “>

डेटा सेंटरों पर हमले क्‍यों है बेहद खतरनाक

आज के दौर में डेटा सेंटर सिर्फ इंटरनेट चलाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सिस्टम की रीढ़ बन चुके हैं। अमेरिकी सेना भी अपने सैन्य अभियानों और निर्णय समर्थन प्रणालियों में AI का तेजी से उपयोग कर रही है, जिसमें क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की अहम भूमिका होती है। ऐसे में इन डेटा सेंटरों का रणनीतिक महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है।

आम जिंदगी पर बड़ा असर

इन हमलों का असर सिर्फ टेक्‍नालॉजी सिस्‍टम तक सीमित नहीं रहा। UAE में स्थानीय बैंकिंग सेवाओं में बाधा आई और इंटरनेट आधारित कई सेवाएं प्रभावित हुईं। चूंकि डेटा सेंटर मनोरंजन, समाचार, सरकारी कामकाज और डिजिटल सेवाओं को संचालित करते हैं, इसलिए इनके ठप होने से व्यापक व्यवधान पैदा हुआ।

कमजोर कड़ी क्यों बने डेटा सेंटर?

विशेषज्ञों का मानना है कि वाणिज्यिक डेटा सेंटर बड़े, स्थिर और अपेक्षाकृत असुरक्षित होते हैं, जिनके पास समर्पित हवाई सुरक्षा नहीं होती। ऐसे में वे “आसान लक्ष्य” बन जाते हैं। UAE पर हुए व्यापक मिसाइल और ड्रोन हमलों में डेटा सेंटरों पर हमला कुल हमलों का छोटा हिस्सा था, लेकिन इसका प्रतीकात्मक और रणनीतिक महत्व बड़ा है।

क्या बदल रही है युद्ध की प्रकृति?

हालांकि विशेषज्ञ इसे युद्ध की प्रकृति में पूरी तरह बदलाव नहीं मानते, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण संकेत जरूर है। पहले जहां डेटा सेंटर साइबर हमलों का शिकार होते थे, अब वे सीधे भौतिक हमलों के दायरे में आ गए हैं। AI और क्लाउड पर बढ़ती निर्भरता के साथ, भविष्य में ये इंफ्रास्ट्रक्चर और भी बड़े निशाने बन सकते हैं।





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