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Iran-US War में नया ट्विस्ट! Pakistan की अपील पर Trump क्या 14 दिन बढ़ाएंगे डेडलाइन? हां कहने के 4 बड़े कारण


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Iran-US War Pakistan PM Request Trump Extend Iran Deadline: ईरान-अमेरिका संघर्ष अब अपने 5वें हफ्ते में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को आज रात 8 बजे (ET) तक होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की अल्टीमेटम दी है। अगर नहीं खुला तो अमेरिका-इजरायल ईरान के पावर प्लांट, ब्रिज और तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी हमले की धमकी है।

इसी बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आखिरी घंटों में बड़ा कूटनीतिक दांव खेला है। आइए विस्तार से समझें क्या है ट्रंप के हां कहने के 4 बड़े कारण?

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Pakistan Shehbaz Sharif का प्रस्ताव: क्या कहा X पोस्ट में?

शहबाज शरीफ ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर ट्रंप से दो हफ्ते (14 दिन) की डेडलाइन बढ़ाने की अपील की। साथ ही ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य दो हफ्ते के लिए खोलने की गुजारिश की। इसे ‘सद्भावना का प्रतीक’ बताया।

शहबाज ने लिखा कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए कूटनीतिक प्रयास लगातार, मजबूती से और शक्तिशाली ढंग से आगे बढ़ रहे हैं… कूटनीति को अपना काम करने दें, मैं राष्ट्रपति ट्रंप से विनम्र अनुरोध करता हूं कि डेडलाइन दो हफ्ते बढ़ा दें। शरीफ ने सभी पक्षों से दो हफ्ते का युद्धविराम मानने की भी अपील की ताकि स्थायी शांति की बात हो सके।

Diplomatic efforts for peaceful settlement of the ongoing war in the Middle East are progressing steadily, strongly and powerfully with the potential to lead to substantive results in near future. To allow diplomacy to run its course, I earnestly request President Trump to extend…

— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) April 7, 2026 “>

व्हाइट हाउस का तुरंत रिएक्शन

  • प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को इस प्रस्ताव की जानकारी दे दी गई है। जल्द जवाब आएगा।
  • ट्रंप अभी तक चुप हैं, लेकिन उन्होंने पहले भी कई बार डेडलाइन बढ़ाई है।

पाकिस्तान मध्यस्थ क्यों बना?

पाकिस्तान का यह रोल कई लोगों को हैरान कर रहा है, लेकिन इसमें हैरानी की बात नहीं है।

  • ईरान से गहरे संबंध: 900 किमी लंबी साझा सीमा, सांस्कृतिक-धार्मिक भाईचारा।
  • ट्रंप का पसंदीदा: पाक आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को ट्रंप खुद ‘मेरा फेवरेट फील्ड मार्शल’ कह चुके हैं। मुनीर ने रातभर वाइस प्रेसिडेंट JD वेंस और ईरानी अधिकारियों के बीच बैक-चैनल चलाया।
  • अमेरिका से पुराना रिश्ता: 2025 के पाक-भारत संकट में ट्रंप को ‘शांति पुरस्कार’ नामांकित करने समेत कई ‘बड़ी जीत’ दिलाईं।
  • कोई अमेरिकी बेस नहीं: पाकिस्तान न इजरायल समर्थक दिखता है, न अति-अमेरिकी। यही इसे दोनों तरफ बात करने लायक बनाता है।

BREAKING: A deal is “expected to be closed” between the US and Iran tonight, per CNN.

Details include:

1. A “regional source” has informed CNN that “some good news is expected from both sides soon”

2. Discussions are being steered directly by Pakistan’s army chief, Field…

— The Kobeissi Letter (@KobeissiLetter) April 7, 2026 “>

पाकिस्तान के हित, क्यों इतनी मेहनत?

  • तेल का गला: पाकिस्तान 90% तेल होर्मुज से आयात करता है। अगर बंद रहा तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और बढ़ेंगी (मार्च में ही 20% बढ़ाई जा चुकी हैं)।
  • आर्थिक दबाव: 4-दिन का वर्क वीक, ईंधन बचत के उपाय पहले से लागू हैं।
  • खतरा: सऊदी के साथ डिफेंस पैक्ट, अगर सऊदी युद्ध में कूद गया तो पाकिस्तान फंस सकता है।
  • दो मोर्चे पहले से: अफगानिस्तान से ‘पूर्ण युद्ध’ जैसी स्थिति, भारत से तनाव।

फिर भी पाकिस्तान को फायदा भी दिख रहा है। वैश्विक कूटनीति में नई पहचान।

ट्रंप स्वीकार करेंगे या नहीं?

संभावना 60-40 ट्रंप के पक्ष में (अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं):

ट्रंप के हां कहने के 4 बड़े कारण

  • ट्रंप का स्टाइल: उन्होंने पहले भी डेडलाइन बार-बार बढ़ाई। ‘आज रात सभ्यता खत्म’ जैसी धमकी के बावजूद आखिरी वक्त में डील पसंद करते हैं।
  • पाकिस्तान पर भरोसा: मुनीर और शरीफ दोनों को ट्रंप पसंद करते हैं। पाकिस्तान ने बैक-चैनल चलाकर ट्रंप को ‘फेस-सेविंग’ विकल्प दिया।
  • तेल की कीमतें: होर्मुज खुलने से तुरंत राहत। पूरी दुनिया देख रही है।
  • कूटनीतिक जीत: पाकिस्तान के जरिए डील हुई तो ट्रंप कह सकेंगे ‘मेरा दबाव काम आया’।

ट्रंप के ना कहने के कारण

  • मैक्सिमम प्रेशर: ट्रंप मानते हैं कि ईरान को झुकाने के लिए आखिरी झटका जरूरी।
  • ईरान का रुख: तेहरान ने 45 दिन के सीजफायर को भी ‘परमानेंट पीस’ की मांग करते हुए खारिज कर दिया।
  • इजरायल का दबाव: इजरायल पूरे युद्ध में ईरान को कमजोर करना चाहता है।

नतीजा क्या हो सकता है?

अगर ट्रंप 14 दिन बढ़ाते हैं, तो अस्थायी युद्धविराम संभव। होर्मुज दो हफ्ते के लिए खुल सकता है। लेकिन अगर नहीं बढ़ाया तो भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह हमले शुरू हो सकते हैं। पाकिस्तान ने अपना दांव खेल दिया। अब ट्रंप का पत्ता खुलने वाला है। कूटनीति जीतेगी या बम? दुनिया की नजर अमेरिकी वक्त रात 8 बजे (भारतीय वक्त 8 अप्रैल की सुबह) पर है।





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