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Iran US War: 100 डॉलर पार पहुंचा तेल तो ट्रंप बोले- ‘यह तो छोटी कीमत’, जंग रुकने की अब कोई उम्मीद नहीं!


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oi-Smita Mugdha

Iran US War: अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ शुरू की गई सैन्य कार्रवाई का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर देखने को मिल रहा है। युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल की कीमतों में इस बढ़ोतरी को ज्यादा चिंताजनक नहीं बताया है।

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। इस बीच ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि तेल की कीमतों में अस्थायी बढ़ोतरी को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि यदि इस युद्ध के जरिए ईरान के परमाणु खतरे को खत्म किया जा सके, तो इसके बदले में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ‘बहुत छोटी कीमत’ है।

Iran US War

Iran US War: तेल की कीमतों में जल्द गिरावट की उम्मीद

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संदेश में यह भी दावा किया कि तेल की कीमतें जल्द ही कम हो सकती हैं। उन्होंने लिखा कि ईरान के परमाणु खतरे के खत्म होने के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट देखने को मिलेगी। युद्ध के असर से तेल बाजार में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई है। रविवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई, जो 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार हुआ है। बढ़ती कीमतों ने अमेरिका समेत कई देशों में महंगाई और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

Donald Trump 6 महीने तक युद्ध के लिए तैयार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि संघर्ष खत्म होने के अभी आसार नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा कि नेतन्याहू की सहमति से ही युद्ध खत्म होगा और हम 6 महीने तक जंग के लिए तैयार हैं। दरअसल, ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद शुरू हुआ संघर्ष अब दूसरे सप्ताह में पहुंच चुका है। ईरान भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है।

Iran Israel War का असर कच्चे तेल की कीमतों पर

इस टकराव का असर खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल सप्लाई पर पड़ा है, जो वैश्विक तेल व्यापार का अहम मार्ग है। ईरान की ओर से इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही सीमित करने से दुनिया के कई हिस्सों में कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। फिलहाल अमेरिका की ओर से युद्ध रोकने के संकेत भी नहीं मिले हैं, जिससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।



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