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oi-Sumit Jha
Iran USA War 2026: ईरान के साथ छिड़ी भीषण जंग और गहराते आंतरिक असंतोष के बीच, व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से आई एक तस्वीर ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो अब तक अपनी आक्रामक छवि के लिए जाने जाते थे, पहली बार सार्वजनिक रूप से ‘ईश्वरीय शरण’ में नजर आए। अमेरिका के शीर्ष पादरियों के साथ ईसाई पद्धति से की गई इस विशेष प्रार्थना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है।
2026 की इस निर्णायक जंग में जहां एक तरफ मिसाइलें बरस रही हैं, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप हाथ जोड़कर राष्ट्र और अमेरिकी सैनिकों की सलामती की दुआ मांग रहे हैं।

Donald Trump Prayer Video: ओवल ऑफिस में प्रार्थना: शक्ति या मजबूरी?
व्हाइट हाउस के गलियारों में गूंजती प्रार्थना की आवाजें ट्रंप के मानसिक दबाव को साफ बयां कर रही हैं। राष्ट्रपति के सहायक डेन स्केविनो द्वारा साझा किए गए वीडियो में ट्रंप अपनी कुर्सी पर आंखें मूंदकर ध्यान में लीन दिखे। पादरियों ने राष्ट्रपति को नेतृत्व की शक्ति और अमेरिकी सेना की सुरक्षा के लिए आशीर्वाद दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूजा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि उन अमेरिकी परिवारों को सांत्वना देने की एक कोशिश है, जिनके बेटे और बेटियां मोर्चे पर तैनात हैं।
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Trump Prayer Video: 5 साल बाद युद्ध का साया और जन आक्रोश
2021 में अफगानिस्तान से सैनिकों की वापसी के बाद अमेरिका ने खुद को सीधे युद्धों से दूर रखने की कोशिश की थी, लेकिन 2026 में ईरान के साथ शुरू हुआ यह संघर्ष फिर से इतिहास दोहरा रहा है। युद्ध के मैदान में अब तक 6 अमेरिकी सैनिकों की आधिकारिक मौत ने देश के भीतर गम और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। एक्सियोस का सर्वे बताता है कि 50% से ज्यादा अमेरिकी इस जंग के खिलाफ हैं, जिससे ट्रंप की घरेलू राजनीति संकट में घिर गई है।
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US Iran Conflict Update Hindi: मध्य पूर्व का दबाव और खाड़ी देशों की नाराजगी
ईरान और अमेरिका की इस जंग ने खाड़ी के देशों (Gulf Countries) को भी अपनी चपेट में ले लिया है। तेहरान ने अरब के 12 देशों पर हमला कर युद्ध का दायरा बढ़ा दिया है, जिससे मुस्लिम देशों में भारी नाराजगी है। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, खाड़ी के दो प्रमुख देशों ने ट्रंप प्रशासन से अपनी स्पष्ट नाराजगी जाहिर की है। ट्रंप पर अब यह दोहरी चुनौती है कि वे अपने सहयोगियों का भरोसा कैसे बचाएं और ईरान के आक्रामक रुख को कैसे नियंत्रित करें।
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घायल अमेरिका और ट्रंप की ‘अंतिम शरण’
ईरान के सटीक प्रहारों और अंतरराष्ट्रीय दबाव ने अमेरिका को रक्षात्मक रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। ट्रंप का ओवल ऑफिस में पूजा करना इस बात का संकेत है कि सैन्य शक्ति के साथ-साथ अब उन्हें ‘चमत्कार’ की भी उम्मीद है। ‘गॉड ब्लेस अमेरिका’ का नारा अब केवल एक तकियाकलाम नहीं, बल्कि एक हताश राष्ट्र की पुकार बन गया है। क्या यह प्रार्थना ट्रंप को उस राजनीतिक और सैन्य भंवर से निकाल पाएगी, जिसमें वे इस वक्त बुरी तरह फंसे हुए हैं?



