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Iran Vs America: अमेरिका-इजराइल को दहलाने के लिए ईरान ने तैयार किए 2 नए संगठन, लंदन में ब्लास्ट का आरोप


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oi-Sumit Jha

Iran Proxy Groups Europe: मिडिल ईस्ट के तनाव की आग अब यूरोप तक पहुंच गई है। ईरान से जुड़े दो नए ‘प्रॉक्सी’ (रिमोट कंट्रोल से चलने वाले) संगठनों हरकत अशहाब अल-यामीन अल-इस्लामिया और अर्थक्वेक फैक्शन-का नाम सामने आया है। ये ग्रुप लंदन से लेकर चेक गणराज्य तक यहूदी ठिकानों और इजराइली कंपनियों को निशाना बना रहे हैं।

इनका मकसद इजराइल और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये संगठन सीधे तौर पर ईरान के इशारे पर काम कर रहे हैं, जिससे यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई है।

Iran Proxy Groups Europe

लंदन में एम्बुलेंस पर हमला

23 मार्च को उत्तरी लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में एक यहूदी चैरिटी ‘हटजोला’ की चार एम्बुलेंस में आग लगा दी गई। CCTV फुटेज में तीन संदिग्धों को इस घटना को अंजाम देते देखा गया। गनीमत रही कि धमाकों में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन पास की इमारतों को नुकसान पहुंचा है। ‘हरकत अशहाब’ नाम के संगठन ने इसकी जिम्मेदारी ली है। पुलिस फिलहाल इसे यहूदी विरोधी ‘हेट क्राइम’ मानकर जांच कर रही है। यह चैरिटी 1979 से मुफ्त मेडिकल सेवा दे रही है।

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नए संगठन और उनकी धमकियां

‘हरकत अशहाब अल-यामीन’ नाम का यह संगठन इसी साल मार्च में सुर्खियों में आया है। इसने पिछले 25 दिनों में यूरोप के कई शहरों जैसे बेल्जियम और नीदरलैंड्स में धमाकों और हमलों का दावा किया है। टेलीग्राम पर वीडियो जारी कर इस ग्रुप ने चेतावनी दी है कि वे इजराइल और अमेरिका के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेंगे। जानकारों का कहना है कि ये संगठन बहुत कम समय में सोशल मीडिया पर सक्रिय हुए हैं, जो इनके सुनियोजित नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

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इजराइली फैक्ट्री पर निशाना

एक और नया ग्रुप ‘अर्थक्वेक फैक्शन’ भी चर्चा में है। इसने 20 मार्च को चेक गणराज्य में एक हथियार फैक्ट्री में आग लगाने का दावा किया। यह फैक्ट्री इजराइली कंपनी ‘एल्बिट सिस्टम्स’ के लिए ड्रोन बनाने का काम करती है। ग्रुप का कहना है कि वे हर उस जगह को निशाना बनाएंगे जो इजराइल की सैन्य ताकत में मदद करती है। उनका आरोप है कि यहां बने हथियारों का इस्तेमाल फिलिस्तीन और लेबनान में किया जाता है, इसलिए वे इस सप्लाई चेन को तोड़ना चाहते हैं।

ईरान का संभावित कनेक्शन

इन संगठनों के काम करने के तरीके और उनकी टाइमिंग सीधे तौर पर ईरान के हितों से मेल खाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीधे युद्ध से बचने के लिए ईरान इन छोटे और गुप्त गुटों का इस्तेमाल यूरोप की धरती पर कर रहा है। ‘अर्थक्वेक फैक्शन’ खुद को एक अंतरराष्ट्रीय सीक्रेट नेटवर्क बताता है, जिसका मुख्य लक्ष्य इजराइल से जुड़ी आर्थिक और सैन्य संपत्तियां हैं। जब तक मिडिल ईस्ट में संघर्ष जारी रहेगा, यूरोप में इन हमलों का खतरा और बढ़ सकता है।



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