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Israel Iran War: Dubai से भागने के लिए मोटा पैसा खर्च कर रहे रईस! बम धमाकों से थर-थर कांपे, बुक कर रहे जेट


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oi-Siddharth Purohit

Israel Iran War: खाड़ी देशों के कुछ हिस्सों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले होने के बाद, रईस लोग मिडिल ईस्ट छोड़ने के लिए निजी जेट पर 350,000 डॉलर (लगभग ₹3.2 करोड़) तक खर्च कर रहे हैं। यानी डर का माहौल इतना बढ़ गया है कि पैसा अब सेफ्टी खरीदने का जरिया बन गया है।

दुबई में धमाकों की खबर और फैली दहशत

शनिवार को ईरान द्वारा जवाबी हमले शुरू करने के बाद, दुबई भी खाड़ी के उन क्षेत्रों में शामिल था, जिन पर असर पड़ा। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले किए जाने के बाद, तेहरान ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों से जवाब दिया।

Israel Iran War

शनिवार को दुबई में हुए विस्फोटों और उन्हें रोके जाने की रिपोर्टों ने निवासियों, खासकर शहर और पास के अबू धाबी में रहने वाले धनी विदेशियों के बीच घबराहट फैला दी। जिन लोगों ने पहले कभी जंग को सिर्फ टीवी स्क्रीन पर देखा था, उन्हें अब खतरा अपने शहर के ऊपर मंडराता दिखा।

निजी सुरक्षा कंपनियों से बढ़ा संपर्क

इस माहौल में, दुबई और अबू धाबी में रहने वाले रईस लोग निकलने का रास्ता खोजने के लिए निजी सुरक्षा कंपनियों से तेजी से संपर्क कर रहे हैं। वहीं न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट बताती है कि कुछ लोग 10 घंटे सऊदी अरब तक ड्राइव करने के लिए लाखों डॉलर खर्च करने को तैयार हैं। वहां से वे यूरोप के लिए निजी विमान किराए पर लेने की योजना बना रहे हैं। यानी सीधी फ्लाइट नहीं, बल्कि पहले सड़क से सुरक्षित देश तक पहुंचना और फिर वहां से प्राइवेट जेट पकड़ना-यह नया एग्जिट प्लान बन चुका है।

सऊदी अरब ही एकमात्र विकल्प

विमाना प्राइवेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमीर नारन ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि- “जो लोग अभी इस क्षेत्र से बाहर निकलना चाहते हैं, उनके लिए सऊदी अरब ही एकमात्र वास्तविक विकल्प है।” इस बयान से साफ है कि खाड़ी के कई हिस्सों में हवाई संचालन और सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

परिवार, कॉर्पोरेशन और हाई-नेटवर्थ क्लाइंट्स

यूके स्थित सुरक्षा फर्म अल्मा रिस्क में कार्यरत इयान मैककॉल ने बताया- “हमारे पास विभिन्न प्रकार के ग्राहक आए हैं, जिनमें परिवार, व्यक्ति और कॉर्पोरेशन शामिल हैं, जो अपनी सुरक्षा के डर से या व्यावसायिक कारणों से इस क्षेत्र से बाहर निकलना चाहते हैं।” यानि यह सिर्फ अमीर परिवारों की बात नहीं है, बल्कि मल्टी नेशनल कंपनियां भी अपने कर्मचारियों और अधिकारियों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की तैयारी में हैं।

350,000 डॉलर तक पहुंचा चार्टर का खर्च

इस अचानक आई मांग ने चार्टर उड़ानों की कीमतों में भारी उछाल ला दिया है। कंपनियों का कहना है कि उच्च मांग और सीमित उपलब्धता के कारण अब यूरोप के लिए निजी उड़ानों का खर्च 350,000 डॉलर (लगभग 3.2 करोड़ भारतीय रुपए) तक पहुंच गया है। मतलब जो सेवा पहले लक्जरी थी, अब इमरजेंसी एग्जिट बन चुकी है, और उसकी कीमत भी उसी हिसाब से आसमान छू रही है।

दुबई में गिरे मिसाइलों के मलबे

ईरान के जवाबी हमले के बाद दुबई के कुछ हिस्सों में इसका असर देखने को मिला। अवरुद्ध की गई मिसाइलों के मलबे शहर के कई हिस्सों में गिरे। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में आसमान में धुएं के निशान दिखाई दिए। लक्जरी होटल फेयरमोंट द पाम के पास भी मलबा गिरने से आग लगने की खबर सामने आई। हालांकि बड़े पैमाने पर नुकसान की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इन घटनाओं ने डर को और बढ़ा दिया।

दुबई एयरपोर्ट पर असर, उड़ानें प्रभावित

दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने पुष्टि की कि एक कॉनकोर्स को मामूली नुकसान हुआ, जिसे तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। इस घटना में चार कर्मचारी घायल हुए। अधिकारियों ने सीमित उड़ानों की बहाली की जानकारी दी और यात्रियों को सलाह दी कि वे एयरलाइन से संपर्क किए बिना एयरपोर्ट न आएं।

इंडिगो, अकासा एयर और कतर एयरवेज ने मिडिल ईस्ट की उड़ानें निलंबित या रद्द कर दीं। अमीरात ने भी सीमित संचालन शुरू करने से पहले अपने ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिए थे।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।



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