Homeट्रैवलKaran Adani ने शेयर की सफलता की कहानी, बोले- माता-पिता की सीख...

Karan Adani ने शेयर की सफलता की कहानी, बोले- माता-पिता की सीख ने दिया मेरे नेतृत्व दृष्टिकोण को आकार


India

oi-Bhavna Pandey

Karan adani leadership: नई दिल्ली में 13 मार्च को आयोजित नेतृत्व शिखर सम्मेलन में अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) के प्रबंध निदेशक और अडानी सीमेंट के निदेशक करण अडानी ने अपने नेतृत्व की मूल प्रेरणा साझा की। उन्होंने कहा कि उनकी लचीलापन, सुगमता, सहानुभूति और दीर्घकालिक सोच जैसी विशेषताएँ सीधे उनके माता-पिता से मिली हैं।

करण अडानी ने अपने पिता, गौतम अडानी, से जीवन और नेतृत्व के महत्वपूर्ण सबक सीखे। उन्होंने एक यादगार घटना साझा की, जब रात 1 बजे उनके पिता ने उन्हें फोन किया और कहा कि “नेतृत्व का मतलब अक्सर तब उपलब्ध रहना होता है जब जिम्मेदारी पुकारती है।” इस अनुभव ने करण को कठिन समय में भी दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान रखने का सबक दिया।

Karan Adani

माँ से मिली सहानुभूति और सामाजिक दृष्टिकोण

व्यस्त नेतृत्व के बावजूद, करण ने साझा किया कि उनके पिता गौतम अडानी की तीन पोतियाँ किसी भी गंभीर मीटिंग को ठहराने में सक्षम हैं। करण अडानी ने अपनी माँ, प्रीति अडानी, के योगदान की भी तारीफ की। अडानी फाउंडेशन के माध्यम से उनके सामाजिक विकास कार्यों ने उन्हें यह समझने में मदद की कि नेतृत्व केवल व्यवसायिक सफलता तक सीमित नहीं होता, बल्कि लोगों और समाज पर सार्थक प्रभाव डालना भी जरूरी है।

संगठन में मूल्यों की अहमियत

करण ने कहा कि जैसे-जैसे अडानी समूह बंदरगाहों, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, हवाई अड्डों और सामग्री क्षेत्रों में बढ़ रहा है, संगठन अपने मूल मूल्यों से निर्देशित रहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “तीव्र गति और बड़े पैमाने पर विकास महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सहानुभूति और जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी हैं।”

सबसे बड़ी विरासत- दृष्टिकोण

अपने माता-पिता से मिली सबसे बड़ी सीख को उन्होंने “दृष्टिकोण” बताया। करण ने कहा, “व्यवसाय संपत्ति बनाते हैं, लेकिन मूल्य संस्थाएँ बनाते हैं।” यह उनकी संतुलित नेतृत्व शैली और भविष्य के स्थायी संगठन बनाने के दृष्टिकोण को बखूबी दर्शाता है।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments