Homeट्रैवलKashmiri Asiya Andrabi कौन है? दिल्ली कोर्ट ने क्यों सुनाई उम्रकैद? 24...

Kashmiri Asiya Andrabi कौन है? दिल्ली कोर्ट ने क्यों सुनाई उम्रकैद? 24 साल से जेल में पति अलगाववादी ‘आशिक’


India

oi-Divyansh Rastogi

Asiya Andrabi UAPA Case: दिल्ली की एक विशेष NIA अदालत के बड़े फैसले ने मंगलवार, 24 मार्च 2026 को एक बार फिर कश्मीर से जुड़े अलगाववाद के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। आसिया अंद्राबी को कोर्ट ने UAPA केस में दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों पर बहस तेज हो गई है। अदालत ने उनकी दो सहयोगियों सोफी फेहमीदा और नाहिदा नसरीन को भी इसी मामले में 30-30 साल की जेल की सजा दी।

यह फैसला दिल्ली की विशेष अदालत ने सुनाया, जहां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदरजीत सिंह ने सजा पर सुनवाई पूरी होने के बाद यह निर्णय दिया। कोर्ट ने माना कि अंद्राबी गैरकानूनी गतिविधियों और देश विरोधी साजिश से जुड़े मामलों में दोषी हैं। आखिर कौन है आसिया अंद्राबी? आइए जानते हैं…

ashiq-hussain-faktoo-wife-asiya-andrabi

Who Is Asiya Andrabi: आसिया अंद्राबी कौन है?

आसिया अंद्राबी (उम्र लगभग 64 वर्ष) कश्मीर घाटी की प्रमुख महिला अलगाववादी नेता है। वे दुख्तरान-ए-मिल्लत (Daughters of the Nation) नामक संगठन की संस्थापक और चेयरपर्सन है। यह संगठन 2018 में भारत सरकार द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया गया था। आसिया 1980 के दशक से सक्रिय है। शुरू में उसने कश्मीर में महिलाओं के बीच इस्लामी शिक्षा और सामाजिक सुधार पर काम किया, लेकिन बाद में अलगाववाद और पाकिस्तान समर्थक गतिविधियों में शामिल हो गईं। वे जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग कर पाकिस्तान में मिलाने की वकालत करती रही है। आसिया अंद्राबी का निकाह पूर्व मिलिटेंट कमांडर और अलगाववादी नेता आशिक हुसैन फाक्तू (Ashiq Hussain Faktoo, जिसे मोहम्मद कासिम भी कहा जाता है) से हुआ है, जो खुद लंबे समय से जेल में है।

Asiya Andrabi FIR Sections: कौन-कौन सी धाराओं में केस?

14 जनवरी 2026 को दिल्ली कोर्ट ने आसिया अंद्राबी, सोफी फेहमीदा और नाहिदा नसरीन को UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था।

  • मुख्य धाराएं: UAPA की धारा 20 (आतंकवादी गिरोह या संगठन का सदस्य होना), 38 (आतंकवादी संगठन से संबंधित अपराध) और 39 (आतंकवादी संगठन का समर्थन करना)।
  • इसके अलावा IPC की धाराएं: 153A (समूहों के बीच दुश्मनी भड़काना), 153B (राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाले आरोप), 120B (आपराधिक साजिश), 505 (सार्वजनिक उपद्रव भड़काने वाले बयान) और 121A (राज्य के खिलाफ अपराध की साजिश)।

NIA के आरोप थे कि तीनों महिलाओं ने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, यूट्यूब), पाकिस्तानी टीवी चैनलों और अन्य प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारत विरोधी भाषण दिए, नफरत फैलाई और कश्मीर को भारत से अलग करने की साजिश रची। उन्होंने पाकिस्तान के अधिकारियों और कुछ प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से भी संपर्क बनाए रखा था।

NIA ने क्यों मांगी उम्रकैद?

दोषसिद्धि के बाद NIA ने कड़ी सजा की मांग की और कहा कि आसिया अंद्राबी ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रची। राज्य के खिलाफ साजिश रचने वालों को सबसे सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि समाज में कानून की विश्वसनीयता बनी रहे। रक्षा पक्ष ने स्वास्थ्य, उम्र और पहले से जेल में बिताए समय (लगभग 8 वर्ष) का हवाला देते हुए नरमी की अपील की थी, लेकिन अदालत ने NIA की दलीलों को स्वीकार करते हुए सजा सुनाई।

महत्वपूर्ण फैक्ट्स एक नजर में..

  • आसिया अंद्राबी 2018 से लगातार जेल में हैं (मुख्य रूप से Tihar जेल, दिल्ली)।
  • यह केस NIA द्वारा दर्ज किया गया था और इसमें आतंकवाद विरोधी कानून UAPA का इस्तेमाल हुआ।
  • यह फैसला कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों के खिलाफ भारत सरकार की सख्त कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।

नोट: अदालत का फैसला कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। आसिया अंद्राबी और उनकी सहयोगियों के पास उच्च अदालत में अपील करने का अधिकार है।

यह मामला UAPA जैसे सख्त कानूनों के इस्तेमाल, अलगाववाद और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन पर बहस को फिर से जिंदा कर सकता है। आधिकारिक अपडेट के लिए NIA या अदालती दस्तावेजों पर नजर रखें।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments