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Khamenei Death: खामेनेई की मौत पर RSS ने दिया ऐसा संदेश, मुस्लिम समाज भी हुआ मुरीद!


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oi-Sumit Jha

Khamenei Death RSS Statement: हरियाणा के समालखा में आयोजित आरएसएस की ‘अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा’ के समापन सत्र में न केवल संगठन के भविष्य, बल्कि वैश्विक उथल-पुथल पर भी गहरा मंथन हुआ। इस बैठक का सबसे चर्चित और चौंकाने वाला केंद्र रहा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के निधन पर संघ का उदार रुख।

सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने भारतीय संस्कृति की दुहाई देते हुए स्पष्ट किया कि वैचारिक मतभेदों की सीमाएं मृत्यु के द्वार पर समाप्त हो जाती हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि निधन के बाद विरोध करना हमारी परंपरा का हिस्सा नहीं है। होसबोले का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया खेमों में बंटी है, जो भारत के ‘मानवीय दृष्टिकोण’ और सांस्कृतिक उदारता को वैश्विक मंच पर एक नई मजबूती प्रदान करता है।

Khamenei Death RSS Statement

RSS Statement On Khamenei Death: खामेनेई की मौत पर RSS की राय

दत्तात्रेय होसबोले ने भारतीय मूल्यों की गहराई को रेखांकित करते हुए एक बड़ा नैतिक सिद्धांत सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीवित रहते वैचारिक युद्ध और नीतियों का प्रखर विरोध लोकतंत्र की जीवंतता है, लेकिन मृत्यु उस विरोध की ‘पूर्णविराम रेखा’ होनी चाहिए। होसबोले के अनुसार, जब प्राण पखेरू उड़ जाते हैं, तब केवल मानवीय संवेदना शेष रहनी चाहिए।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय परंपरा इतनी विशाल और उदार है कि यहाँ शत्रु की मृत्यु पर भी उत्सव मनाने की अनुमति नहीं है। यह बयान उन कट्टरपंथी दृष्टिकोणों पर एक ‘सांस्कृतिक प्रहार’ है जो अंतरराष्ट्रीय विवादों में अक्सर मानवीय मर्यादाओं को लांघ जाते हैं। संघ का यह नजरिया न केवल कूटनीतिक है, बल्कि भारत के ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और मृत्यु के पश्चात सम्मान देने वाले संस्कारों को वैश्विक पटल पर पुनर्स्थापित करता है।

#WATCH | Panipat, Haryana | RSS General Secretary Dattatreya Hosabale says, “On the occasion of the centenary of the Sangh this year, we had specifically deliberated on the programs for the centenary year… From an organisational perspective, we discussed the expansion of Sangh… pic.twitter.com/E1x8WofLz4

— ANI (@ANI) March 15, 2026 “>

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शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति पर जोर

खामेनेई की मृत्यु के बाद भारत के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों और तनाव की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए होसबोले ने शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि शोक व्यक्त करने या अपनी बात रखने का तरीका हमेशा संवैधानिक और शांतिपूर्ण होना चाहिए। संघ का मानना है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी उग्र प्रदर्शन से बचना चाहिए, ताकि देश के भीतर आपसी भाईचारा बना रहे।

Iran USA War Updates: क्या है ताजा स्थिति

ईरान और इजराइल के बीच तनाव अब पूर्ण युद्ध का रूप ले चुका है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमले में खामेनेई की मृत्यु के बाद से संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटों में इजराइली सेना ने तेहरान और इस्फहान के सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी की है, जिसके जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर दर्जनों मिसाइलें दागी हैं।

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वैश्विक शांति की अपील

होसबोले ने पश्चिम एशिया के युद्ध पर चिंता जताते हुए कहा कि ‘विश्व का कल्याण शांति में ही है।’ उन्होंने दोहराया कि संघ हमेशा वैश्विक शांति का समर्थक रहा है। भारत सरकार के रुख का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च हित में जो भी आवश्यक कदम होंगे, सरकार उन्हें उठाएगी। संघ का लक्ष्य ‘शताब्दी वर्ष’ के अवसर पर समाज को एकजुट करना और औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होकर राष्ट्र निर्माण करना है।





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