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Khamenei Death: संसद में गूंजा खामेनेई का नाम, सांसद इकरा हसन ने कही ऐसी बात मोदी सरकार को लग सकती है मिर्ची


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oi-Sumit Jha

Khamenei Death Parliament Discussion: संसद के गलियारों में मंगलवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब कैराना से सपा सांसद इकरा हसन ने विदेश नीति पर सरकार को घेरा। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की ‘शहादत’ का जिक्र कर सबको चौंका दिया।

इकरा का तर्क था कि भारत की मौजूदा विदेश नीति में साहस की कमी है, जिसके कारण देश महंगाई और तेल के संकट से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिका के दबाव में झुक रही है, जबकि चीन जैसे देश स्वतंत्र नीति अपनाकर अपने नागरिकों को सस्ता तेल उपलब्ध करा रहे हैं।

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Iqra Hasan on Iran Supreme Leader: संसद में गूंजा खामेनेई का नाम

इकरा हसन ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के उदाहरण से सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विदेश नीति दिखावे से नहीं, बल्कि स्पष्टता और साहस से चलती है। इकरा के अनुसार, खामेनेई ने अमेरिका के सामने झुकने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना। भारतीय संसद में एक विदेशी नेता की शहादत का जिक्र कर उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि भारत अपनी पुरानी स्वतंत्र विदेश नीति से भटक गया है और अब हम केवल दूसरों के विवादों का खामियाजा भुगत रहे हैं।

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Iqra Hasan on Khamenei Death: महंगाई और आपूर्ति का गहराता संकट

सांसद ने सीधे तौर पर विदेश नीति को आम आदमी की जेब से जोड़ दिया। उनका कहना था कि सरकार के पास तेल और गैस का पर्याप्त भंडार होने के दावों के बावजूद कीमतें आसमान छू रही हैं। इकरा ने सवाल उठाया कि अगर हमारी रणनीति इतनी ही सफल है, तो पेट्रोल और एलपीजी के दाम कम क्यों नहीं हो रहे? उन्होंने तर्क दिया कि ईरान जैसे पुराने और भरोसेमंद मित्रों से दूरी बनाने की वजह से आज भारत को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है।

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Iran America War Update: अमेरिका के सामने ‘सरेंडर’ का आरोप

इकरा हसन ने सरकार के दो बड़े ‘ब्लंडर’ (गलतियों) का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील और उनके सामने किया गया ‘आत्मसमर्पण’ भारत के हित में नहीं है। पहले भारत खाड़ी देशों के मामले में एक संतुलित और स्वतंत्र रुख रखता था, लेकिन अब हम अमेरिकी प्रभाव में काम कर रहे हैं। इकरा के मुताबिक, इसी कमजोरी की वजह से भारत को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीति में वह सम्मान नहीं मिल पा रहा, जो पहले मिलता था।

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चीन से तुलना और भारत का नुकसान

चर्चा के दौरान इकरा ने चीन का उदाहरण देते हुए सरकार को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि चीन ने चतुराई दिखाते हुए रूस और ईरान से सस्ता तेल खरीदा और अपने नागरिकों को राहत दी। वहीं दूसरी ओर, भारत अपनी उलझी हुई नीति के कारण एशिया में सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान उठाने वाला देश बन गया है। उन्होंने अफसोस जताया कि ईरान के मुश्किल समय में भारत उसके साथ मजबूती से खड़ा नहीं हुआ, जिसका नतीजा आज गैस आपूर्ति की किल्लत के रूप में सामने है।



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