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Khamenei Death News: कौन होगा ईरान का अगला सुल्तान? खामेनेई की मौत के बाद सेना में बगावत, बेस छोड़कर भागे जवान


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oi-Sumit Jha

Ayatollah Khamenei Death News: ईरान के इतिहास में एक युग का अंत हो गया है। सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद अब पूरे देश में सत्ता संघर्ष और अनिश्चितता का माहौल है। 47 साल पुराने शासन के ढहने के साथ ही ईरान की शक्तिशाली सेना IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स) सक्रिय हो गई है।

रिपोर्टों के अनुसार, IRGC संवैधानिक प्रक्रियाओं को दरकिनार कर जल्द से जल्द नया उत्तराधिकारी चुनना चाहती है ताकि शासन पर अपनी पकड़ बनाए रख सके। इस घटनाक्रम ने न केवल ईरान के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि मध्य पूर्व की राजनीति में भी भारी उथल-पुथल मचा दी है।

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who will be next iran supreme leader: खामेनेई के युग का अंत और सत्ता का संकट

अयातुल्लाह खामेनेई की मृत्यु ईरान के लिए एक बड़ा झटका है, जिससे दशकों पुरानी व्यवस्था की नींव हिल गई है। उनकी मौत के तुरंत बाद देश की सैन्य और प्रशासनिक व्यवस्था में भारी भ्रम (Confusion) पैदा हो गया है। ‘ईरान इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट बताती है कि चेन ऑफ कमांड टूटने से आदेशों के पालन में दिक्कतें आ रही हैं। वर्तमान में ईरान के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक ऐसे चेहरे को खोजने की है, जो बिखरते हुए सैन्य ढांचे और जनता के गुस्से को संभाल सके।

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IRGC का दबदबा और जल्दबाजी

सूत्रों के अनुसार, IRGC संवैधानिक संस्था ‘एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के बिना ही नए नेता की नियुक्ति के लिए दबाव बना रही है। वे चाहते हैं कि रविवार तक नए नेता के नाम पर मुहर लग जाए। सेना को डर है कि यदि नियुक्ति में देरी हुई, तो देश की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी। जारी हवाई हमलों और युद्ध जैसी स्थिति के बीच कानूनी प्रक्रिया को पूरा करना उनके लिए कठिन लग रहा है, इसलिए वे शॉर्टकट अपनाकर तख्तापलट जैसी स्थिति पैदा कर रहे हैं।

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सैन्य व्यवस्था में विद्रोह की संभावना

खामेनेई की मौत के बाद ईरानी सेना के भीतर अनुशासन टूटने की खबरें आ रही हैं। बताया जा रहा है कि कई निचले रैंक के अधिकारी और जवान अपने बेस पर रिपोर्ट नहीं कर रहे हैं। सैन्य तालमेल पूरी तरह तितर-बितर हो चुका है, जिससे संकट प्रबंधन (Crisis Management) करना असंभव होता जा रहा है। अगर यह बिखराव जारी रहा, तो ईरान की सुरक्षा व्यवस्था और इजरायल-अमेरिका के खिलाफ जारी मोर्चा पूरी तरह कमजोर पड़ सकता है, जो IRGC के लिए सबसे बड़ी चिंता है।

World News Hindi: जन विद्रोह का डर

ईरानी प्रशासन को सबसे ज्यादा डर रविवार को होने वाले संभावित विरोध प्रदर्शनों का है। उन्हें अंदेशा है कि खामेनेई के जाते ही लोग सड़कों पर उतर आएंगे और शासन के खिलाफ विद्रोह शुरू कर देंगे। ईरान अब एक ऐसे दोराहे पर खड़ा है जहां एक तरफ आंतरिक विद्रोह का खतरा है और दूसरी तरफ बाहरी युद्ध। ऐसे में नए नेता का चुनाव केवल सत्ता का हस्तांतरण नहीं, बल्कि इस्लामिक गणतंत्र के अस्तित्व को बचाने की एक आखिरी कोशिश होगी।



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