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Khamenei Wife Alive: जिंदा है खामेनेई की बीवी, अमेरिकी-इजरायली हमले में घायल होने से नहीं हुई थी मौत-रिपोर्ट


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oi-Divyansh Rastogi

Khamenei Wife Alive: ईरान में हाल ही में हुए हमलों और बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया जा रहा था कि अमेरिकी और इजरायली हमले में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की पत्नी की मौत हो गई है। लेकिन अब ईरानी सरकारी मीडिया ने इन दावों को खारिज कर दिया है।

ईरान के सरकारी मीडिया ने स्पष्ट किया है कि खामेनेई की पत्नी मंसूरे खोजस्ते बागेरजादे जीवित हैं और उनकी मौत की खबरें गलत थीं। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है, जब ईरान में नेतृत्व परिवर्तन और क्षेत्रीय तनाव दोनों ही चर्चा में हैं।

Ali Khamenei Wife Alive

ईरानी मीडिया ने क्या कहा?

ईरान के सरकारी मीडिया ने गुरुवार को रिपोर्ट जारी कर बताया कि अली खामेनेई की पत्नी जिंदा हैं। इससे पहले कुछ रिपोर्टों में कहा गया था कि 28 फरवरी को हुए हमले में वह मारी गई थीं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने भी ईरानी मीडिया के हवाले से यह जानकारी दी कि उनकी मौत की खबरें गलत थीं। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक हमले में परिवार के कुछ सदस्य घायल जरूर हुए थे, लेकिन उनकी पत्नी की मौत नहीं हुई।

मोजतबा खामेनेई का पहला बयान

इस बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने भी पहली बार सार्वजनिक बयान दिया। उन्होंने चल रहे संघर्ष और अपने पिता की मौत को लेकर बात की। अपने बयान में उन्होंने कहा कि उन्होंने हमले के बाद अपने पिता का शव खुद देखा था। उन्होंने अपने पिता को दृढ़ता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका निधन देश के लिए बड़ी क्षति है।

मोजतबा खामेनेई ने यह भी बताया कि उस हमले में उनके परिवार के कुछ सदस्य मारे गए थे। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी, एक बहन, एक भतीजी और परिवार के अन्य सदस्य उस हमले का शिकार हुए।

कैसे हुआ था हमला?

कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के मुताबिक 28 फरवरी को तेहरान में एक बड़े नेतृत्व परिसर को निशाना बनाकर हमला किया गया था। स्थानीय समय के अनुसार सुबह लगभग 9 बजकर 40 मिनट पर लंबी दूरी की मिसाइलों से यह हमला किया गया। बताया जाता है कि मिसाइलों ने कुछ ही सेकंड के भीतर परिसर के कई हिस्सों को निशाना बनाया। इस हमले में ईरान के कई वरिष्ठ राजनीतिक और सुरक्षा अधिकारियों की भी मौत हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार यह हमला लंबे समय तक खुफिया निगरानी और जानकारी जुटाने के बाद किया गया था।

खुफिया एजेंसियों की निगरानी

कथित तौर पर अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियां कई महीनों से खामेनेई की गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। रिपोर्टों में कहा गया है कि उनकी दिनचर्या, यात्रा और रहने के स्थानों का विस्तृत विश्लेषण किया गया था। जब खुफिया एजेंसियों को यह जानकारी मिली कि तेहरान के एक नेतृत्व परिसर में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक होने वाली है और खामेनेई भी उसमें शामिल हो सकते हैं, तब हमले की योजना बनाई गई। शुरुआत में इस ऑपरेशन को रात में अंजाम देने की योजना थी, लेकिन बाद में जानकारी मिलने पर कि नेता उस समय परिसर में मौजूद हैं, हमले का समय बदलकर सुबह कर दिया गया।

क्षेत्र में बढ़ा तनाव

इन घटनाओं के बाद से मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे को चेतावनी दे रहे हैं और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है।

क्या कहती हैं ताजा रिपोर्टें?

फिलहाल, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खामेनेई की पत्नी की मौत की खबर को ईरानी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर गलत बताया है। इससे पहले जो रिपोर्टें सामने आई थीं, उन्हें अब अफवाह या गलत जानकारी माना जा रहा है। हालांकि हमले में परिवार और नेतृत्व से जुड़े कुछ लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। पूरे मामले को लेकर अभी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल बने हुए हैं।



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