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LPG: गैस संकट के बीच बड़ी राहत! कमर्शियल सिलेंडर की सप्‍लाई फिर से शुरू, दिल्ली-NCR के लिए सरकार का नया आदेश


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oi-Sohit Kumar

देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर के वितरण की प्रक्रिया एक बार फिर सुचारू रूप से शुरू कर दी गई है। सरकार ने 9 मार्च को कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगाई थी। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच जब रसोई गैस की सप्लाई का दबाव बढ़ा तब सरकार ने यह फैसला लिया था।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने शनिवार को जानकारी दी कि गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए पूरे देश में प्रशासन ने छापेमारी और औचक निरीक्षण का अभियान तेज कर दिया है, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की किल्लत का सामना न करना पड़े।

Gas Cylinder

LPG का पर्याप्त भंडार मौजूद

संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि देश में घरेलू और कमर्शियल उपयोग के लिए एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है और हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। इसके बावजूद उपभोक्ताओं के बीच घबराहट की वजह से ‘पैनिक बुकिंग’ के मामलों में भारी उछाल देखा गया है।

सिलेंडर की बुकिंग में भारी बढ़ोतरी

आंकड़ों के मुताबिक, युद्ध की स्थिति से पहले रोजाना लगभग 55 लाख सिलेंडर की बुकिंग होती थी, जो अब बढ़कर 88 लाख तक पहुंच गई है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सिलेंडर की कमी को लेकर न घबराएं और केवल जरूरत होने पर ही बुकिंग कराएं, क्योंकि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है।

बुकिंग के लिए बनाए गए नए नियम

गैस वितरण व्यवस्था को बैलेंस करने के लिए सरकार ने सिलेंडर बुकिंग के नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं। अब शहरी क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर की डिलीवरी मिलने के बाद दूसरी बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा। वहीं, ग्रामीण इलाकों के लिए यह समय सीमा 45 दिन तय की गई है।

अगर कोई उपभोक्ता इस निर्धारित अवधि से पहले दोबारा बुकिंग करने की कोशिश करता है, तो सिस्टम उसे स्वीकार नहीं करेगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि सिलेंडर का स्टॉक कुछ ही हाथों में जमा न हो और सभी को समान रूप से गैस उपलब्ध हो सके।

जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई

गैस की किल्लत की अफवाह फैलाकर अवैध मुनाफा कमाने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने लगभग 1,400 स्थानों पर औचक छापेमारी की है, जिसमें 20 एफआईआर दर्ज की गई हैं और कई लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है। इसी तरह महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी तेल कंपनियों के साथ मिलकर संयुक्त टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। एक ही दिन में देशभर की लगभग 1,300 गैस एजेंसियों और रिटेल आउटलेट्स की जांच की गई है ताकि सप्लाई चेन में पारदर्शिता बनी रहे।

सप्लाई के दबाव को कम करने के लिए भारत सरकार ने घरेलू एलपीजी उत्पादन में रिकॉर्ड 31 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही, कमर्शियल ग्राहकों जैसे होटलों और रेस्टोरेंट्स को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे एलपीजी के बजाय पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का उपयोग करें।

दिल्ली-NCR के लिए सरकार का नया आदेश

दिल्ली-एनसीआर जैसे क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने उद्योगों को एक महीने के लिए वैकल्पिक ईंधन के रूप में बायोमास और आरडीएफ पेलेट्स इस्तेमाल करने की अस्थायी अनुमति भी दी है। अधिकारियों का कहना है कि सीएनजी और पीएनजी की सप्लाई में कोई कटौती नहीं की जाएगी और यह 100 प्रतिशत क्षमता के साथ जारी रहेगी।

डिजिटल बुकिंग और होम डिलीवरी पर जोर

सरकार ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे गैस एजेंसियों पर जाकर भीड़ न लगाएं और न ही लंबी कतारों में खड़े हों। इसके बजाय, तेल कंपनियों के डिजिटल माध्यमों जैसे व्हाट्सएप, एसएमएस और मोबाइल ऐप्स का उपयोग करके अपनी बुकिंग दर्ज कराएं। गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी सेवा पहले की तरह ही सुरक्षित और निरंतर जारी रहेगी। प्रशासन ने सभी राज्य सरकारों और जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने स्तर पर सप्लाई की स्थिति की निगरानी करें ताकि किसी भी क्षेत्र में गैस की बनावटी कमी पैदा न हो सके।



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