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LPG Crisis: ‘एलपीजी को लेकर घबराहट…देश को भारी नुकसान, संकट से भारत निपटेगा’, PM मोदी ने क्या-क्या कहा?


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oi-Divyansh Rastogi

PM Modi On LPG Crisis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने LPG संकट को लेकर पहली बार खुलकर बात की। NXT समिट में संबोधन देते हुए गुरुवार (12 मार्च 2026) को PM मोदी ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर घबराहट फैला रहे हैं और अपना राजनीतिक एजेंडा चला रहे हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा करके ये लोग न सिर्फ जनता के सामने अपनी असलियत उजागर कर रहे हैं, बल्कि पूरे देश को भारी नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। आइए जानते हैं पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा?

India LPG Crisis

PM Modi On LPG Crisis Bullets Points: PM मोदी ने क्या कहा? (मुख्य बातें)

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा:- ‘आजकल LPG को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कुछ लोग घबराहट पैदा करने और अपना एजेंडा चलाने की कोशिश कर रहे हैं। मैं इस समय उन पर राजनीतिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। लेकिन मैं यह ज़रूर कहूंगा कि ऐसा करके वे जनता के सामने अपनी असलियत उजागर कर रहे हैं और पूरे देश को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।’

#WATCH | Delhi: Speaking at the NXT Summit, PM Narendra Modi says, “Theres a lot of discussion these days about LPG. Some people are trying to create panic and pursue their own agenda. I dont want to comment on them politically at this time. But I will definitely say that by… pic.twitter.com/VfulaDrks9

— ANI (@ANI) March 12, 2026 “>

  • ‘युद्ध के कारण पैदा हुए इस वैश्विक संकट के असर से कोई भी देश अछूता नहीं है। कम या ज़्यादा, हर कोई इस संकट से प्रभावित है। भारत भी इस संकट से निपटने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।’
  • ‘हम अलग-अलग स्तरों पर प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में, मैंने दुनिया के कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ इस पर चर्चा की है। सप्लाई चेन में आने वाली रुकावटों को दूर करने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।’

ऊर्जा सुरक्षा पर मोदी का दोहरा फोकस

PM मोदी ने इस मौके पर भारत की ऊर्जा नीति को भी विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि देश के तेज विकास के लिए ऊर्जा के अलग-अलग स्रोतों को बढ़ावा देना जरूरी है। इसके लिए दो स्तरों पर काम किया जा रहा है:-

  • 1. इंफ्रास्ट्रक्चर विकास – देश में ऊर्जा की पहुंच बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया।
  • 2. आत्मनिर्भरता – विदेशी स्रोतों पर पूरी तरह निर्भर न रहने के लिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया।

संकट का असली कारण और भारत की तैयारी

PM मोदी ने जोर देकर कहा कि यह संकट युद्ध के कारण पैदा हुआ वैश्विक संकट है। इसमें कोई एक देश दोषी नहीं है। भारत इस चुनौती से निपटने के लिए हर स्तर पर सक्रिय है – चाहे वैश्विक नेताओं से बातचीत हो या घरेलू स्तर पर सप्लाई चेन को मजबूत करने के प्रयास।

  • सरकार का साफ संदेश है: घबराहट की कोई जरूरत नहीं। भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत है और हम लगातार काम कर रहे हैं ताकि आम नागरिकों को कोई परेशानी न हो।

क्या कहते हैं आप?

PM मोदी के इस बयान को लेकर आपकी क्या राय है? क्या घबराहट फैलाने वालों पर सख्ती होनी चाहिए? कमेंट में जरूर बताएं।





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