India
oi-Smita Mugdha
c: देश में जारी एलपीजी संकट के बीच सरकार ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने होटल और रेस्टोरेंट्स को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे ग्राहकों से एलपीजी (LPG Charges), गैस चार्ज (Gas Charges) या इसी तरह के अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूल सकते।
यह एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की गई है जब एलपीजी की कीमतों और आपूर्ति को लेकर देशभर में चिंता बनी हुई है। सरकार का मानना है कि कुछ होटल और रेस्टोरेंट उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालते हुए बिल में अलग से गैस चार्ज जोड़ रहे हैं, जो कि अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) की श्रेणी में आता है।

LPG Crisis: अलग से नहीं वसूल सकेंगे एलपीजी चार्ज
– प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि खाने-पीने की वस्तुओं की कीमत में पहले से ही सभी लागतें शामिल होती हैं, जिनमें ईंधन (LPG) का खर्च भी शामिल है।
— ऐसे में अलग से गैस चार्ज या एलपीजी चार्ज जोड़ना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। सरकार ने सभी होटल और रेस्टोरेंट्स को निर्देश दिया है कि वे इस तरह के शुल्क को तुरंत बंद करें और बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखें।
– अगर कोई प्रतिष्ठान इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
LPG New Rules: आम उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की लागत में वृद्धि हुई है। हालांकि, इसका सीधा बोझ ग्राहकों पर डालना नियमों के खिलाफ है। इस कदम से आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। खास तौर परऐसे समय में जब पहले से ही महंगाई का दबाव बना हुआ है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यापारिक प्रतिष्ठान लागत बढ़ने का बहाना बनाकर उपभोक्ताओं का शोषण न करें।
उपभोक्ताओं को भी सलाह दी गई है कि अगर किसी होटल या रेस्टोरेंट में इस तरह का अतिरिक्त शुल्क वसूला जाता है, तो वे इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से करें। यह कदम उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करने और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।



