India
oi-Pallavi Kumari
LPG Shortage Gas Cylinder Crisis Delhi: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ऊर्जा सप्लाई में आई रुकावट का असर अब सीधे भारत की गलियों तक पहुंचने लगा है। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में एलपीजी सिलेंडर की कमी ने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। सड़क किनारे चाय, पोहा, समोसा और पराठा बेचने वाले दुकानदारों को अब गैस महंगी मिल रही है या कई बार मिल ही नहीं रही। नतीजा यह है कि कई दुकानदारों को मजबूरी में अपने खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि हालात ऐसे हो गए हैं कि रोज की कमाई से दुकान चलाना भी मुश्किल हो रहा है। कई लोग तो यह सोचने लगे हैं कि अगर स्थिति ऐसे ही रही तो उन्हें अपना ठेला या दुकान बंद करनी पड़ सकती है।

30% महंगा पोहा, 50% बढ़े समोसे के दाम (Street Food Price Hike)
नोएडा के फिल्म सिटी इलाके में पोहा बेचने वाले विजय पाल बताते हैं कि पहले जो गैस सिलेंडर उन्हें सस्ते में मिल जाता था, अब वही कई गुना महंगा हो गया है। उनकी मानें तो पहले जिस सिलेंडर के लिए करीब ₹100 देने पड़ते थे, अब वही ₹300 तक में मिल रहा है। यही बात सेक्टर-62 में पोहा बेचने वाले ने भी कहा कि ब्लैक में एक किलो गैस जो पहले 100 रुपये मिलता था, वो 300 रुपये मिलता है। इसी वजह से उन्हें अपने पोहे की कीमत 30 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ानी पड़ी।
इसी तरह समोसा बेचने वाले प्रमोद कुमार ने भी अपने समोसे के दाम करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। प्रमोद कहते हैं कि सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगले दिन सिलेंडर मिलेगा भी या नहीं। उन्होंने सप्लायर से बात की है, लेकिन जवाब साफ नहीं मिला। अगर सिलेंडर नहीं आया तो दुकान खोलना मुश्किल हो जाएगा।
कई ढाबे और फूड जॉइंट्स बंद होने लगे, कमर्शियल गैस ब्लैक में 3000 में बिक रहे (LPG Price Small Businesses Impact)
दिल्ली-NCR में कई ढाबों और छोटे फूड जॉइंट्स ने गैस की कमी के कारण काम बंद करना शुरू कर दिया है। छोटे कारोबारियों का कहना है कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई कम हो गई है और जो मिल भी रहा है वह बेहद महंगा है।
सेक्टर 62 में चाय बेचने वाले प्रदीप बताते हैं कि हालात ये है कि उनके पास सिलेंडर का स्टॉक खत्म होने वाला है और ब्लैक में सिलेंडर मनमाने ढंग से बेचे जा रहे हैं। उनकी एक कुल्हड़ चाय 13 की आती है, जो 12 मार्च को थी तो इतनी ही लेकिन उनका कहना है कि अगर सिलेंडर उन्हें महंगा मिल तो हो सकता है चाय के दाम बढ़ाने पड़े।
दिल्ली के गणेश नगर, पांडव नगर, मयूर विहार और पटपड़गंज, लक्ष्मी नगर में भी कई रोड साइड वेंडर को सिलेंडर की दिक्कत हो रही है। लक्ष्मी नगर मेट्रो के नीचे चाय बेचने वाले सुनील का भी कहना है कि उनके पास मात्रा 4-5 दिनों के सिलेंडर का ही स्टॉक है…पता नहीं उसके बाद उन्हें सिलेंडर मिलेगा या चाय की दुकान बंद करनी होगी।
असल में आधिकारिक सप्लाई चैनल से कमर्शियल गैस नहीं मिलने में बहुत दिक्कत हो रही है। कई लोगों को नहीं मिल पा रहा है। दिल्ली-NCR में सामान्य तौर पर 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर करीब ₹1900 में मिलता था, वहीं अब ब्लैक मार्केट में इसकी कीमत ₹3000 से ₹3500 तक पहुंच गई है।
एडवांस पेमेंट मांग रहे सप्लायर (Black Market LPG)
कई इलाकों में फूड वेंडर का दावा है कि गैस सप्लायर पहले एडवांस पेमेंट मांग रहे हैं। उनका कहना है कि सप्लाई कम है इसलिए पहले पैसे देकर सिलेंडर बुक कराना पड़ रहा है। इसके बावजूद यह पक्का नहीं होता कि सिलेंडर उसी दिन मिल जाएगा। कई छोटे ठेले वाले तो पूरे सिलेंडर की बजाय रोजाना कुछ किलो गैस अवैध रीफिलिंग यूनिट से खरीदकर अपना काम चला रहे हैं। लेकिन वहां भी कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। एक किलो गैस जहां 90 रुपये में मिलता था अब 250 रुपये किलो है।
रोजाना गैस भरवाने की कीमत दोगुनी (Daily LPG Refill Cost)
गाजियाबाद के इंदिरापुरम में चाय का ठेला लगाने वाले एक दुकानदार का कहना है कि पहले वह एक दिन के लिए गैस करीब ₹85 प्रति किलो के हिसाब से भरवा लेते थे। अब वही कीमत लगभग ₹200 प्रति किलो तक पहुंच गई है। अगर दिन भर के लिए 5-6 किलो गैस लेनी पड़े तो खर्च बहुत ज्यादा हो जाता है।
ऐसे में चाय, मोमोज, चाउमीन और स्नैक्स बेचने वाले छोटे दुकानदारों की कमाई पर सीधा असर पड़ रहा है। उनकी आमदनी पहले ही सीमित होती है और अब गैस महंगी होने से मुनाफा लगभग खत्म हो गया है।
सब्सिडी वाले सिलेंडर की भी चर्चा (Domestic LPG Subsidy)
बताया जा रहा है कि ब्लैक मार्केट में बिक रही गैस का बड़ा हिस्सा घरेलू सिलेंडरों से डायवर्ट होकर आ रहा है। सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर पर करीब ₹300 की सब्सिडी मिलती है और इसकी कीमत करीब ₹613 के आसपास पड़ती है। वहीं बिना सब्सिडी वाला घरेलू सिलेंडर लगभग ₹913 में मिलता है। लेकिन जब बाजार में कमर्शियल गैस की कमी होती है तो यही घरेलू गैस कई बार गैरकानूनी तरीके से छोटे कारोबारियों तक पहुंचने लगती है।
जमीनी हकीकत और सरकारी दावे (Gas Supply Reality)
सरकार लगातार यह भरोसा दिला रही है कि देश में एलपीजी की सप्लाई को लेकर कोई बड़ी दिक्कत नहीं है। लेकिन जमीन पर छोटे कारोबारियों और ठेला-खोमचा चलाने वालों की परेशानियां कुछ और ही कहानी बता रही हैं।
अगर गैस की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और सप्लाई बाधित रही तो सबसे पहले असर उन्हीं लोगों पर पड़ेगा जिनकी रोजी-रोटी पूरी तरह इस ईंधन पर निर्भर है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के छोटे दुकानदार इसी चिंता में हैं कि आने वाले दिनों में उनका कारोबार चलेगा या उन्हें दुकान बंद करनी पड़ेगी।
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