Maharashtra
oi-Bhavna Pandey
Maharashtra Bike Taxi Ban: महाराष्ट्र सरकार ने नियमों के उल्लंघन को लेकर सख्त कदम उठाते हुए ओला, उबर और रैपिडो की ई-बाइक टैक्सी सेवाओं को दिए गए अस्थायी लाइसेंस पर रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि कंपनियां तय नियमों और शर्तों का पालन नहीं कर रही थीं, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई। इस फैसले से राज्य में इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए चलने वाली ई-बाइक टैक्सी सेवाओं पर फिलहाल असर पड़ सकता है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधान परिषद में घोषणा की कि ऐसी कंपनियों पर केस दर्ज हुए हैं और उनके अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।

विधान परिषद में सदस्य सुनील शिंदे द्वारा नियम 93 के तहत उठाए गए मुद्दे पर जवाब देते हुए मंत्री सरनाईक ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश 2020 के आधार पर महाराष्ट्र ने ई-बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए विशेष नीति बनाई है।
2024 में मिली थी मंजूरी
राज्य मंत्रिमंडल ने इस नीति को 7 अगस्त, 2024 को मंजूरी दी थी। इसके अनुसार, महाराष्ट्र के उन शहरों में ई-बाइक टैक्सी सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है जिनकी आबादी एक लाख से अधिक है। महाराष्ट्र ई-बाइक टैक्सी नियम 2024 के तहत, सरकार ने बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का उपयोग अनिवार्य किया है। कंपनियों को सभी निर्धारित नियमों और शर्तों को पूरा करने हेतु निश्चित समय भी दिया गया था। Mumbai Water Cut: भीषण गर्मी में 24 घंटे बंद रहेगी वाटर सप्लाई, गोरेगांव समेत इन इलाकों में नहीं आएगा पानी
30 दिनों के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी किए गए थे
प्रक्रिया के अंतर्गत, मुंबई महानगर क्षेत्र में तीन कंपनियां – उबर इंडिया सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, रैपिडो ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और एएनआई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (ओला) – को 30 दिनों के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी किए गए। उनसे तय अवधि में नियमों का पालन कर अंतिम लाइसेंस प्राप्त करने की अपेक्षा थी।
परिवहन विभाग के मुताबिक, कुछ कंपनियों ने नियमों की पूर्ति किए बिना ही अवैध रूप से बाइक टैक्सी सेवाएं शुरू कर दीं। इसके अतिरिक्त, बाइक टैक्सी चालकों से जुड़ी सड़क दुर्घटनाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। Mumbai Musical Road: भारत की पहली म्यूजिकल रोड क्यों बनी सिरदर्द? लोगों ने की शिकायत, क्या है ममला?
कंपनियों को नोटिस जारी की गई
इन शिकायतों के बाद, विभाग ने संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी किए और कुछ मामलों में पुलिस थानों में एफआईआर भी दर्ज कराई। परिवहन विभाग ने अब राज्यभर में सभी क्षेत्रीय व उप-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों को अवैध बाइक टैक्सियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
33 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया
अधिकारियों ने विशेष जांच दल (SIT) बनाकर वाहनों की जांच शुरू की है, दोषी पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। मंत्री सरनाईक ने बताया कि अप्रैल 2024 से अब तक 130 दोपहिया वाहनों पर कार्रवाई हुई, जिससे 33 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बाइक टैक्सी सेवाओं को केवल नियमानुसार और सुरक्षित तरीके से ही संचालित होने देगी। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी कंपनी द्वारा नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा और ऐसी अनियमितताओं पर कड़ी कार्यवाही जारी रहेगी।



