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MI vs KKR: रिंकू को बांधकर खड़े हो गए जसप्रीत बुमराह, बिना विकेट बने जीत के हीरो, केकेआर के जबड़े से छीनी जीत


Cricket

oi-Naveen Sharma

MI vs KKR Match Turning Point: वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया मुकाबला किसी रोमांचक फिल्म से कम नहीं था। जहां एक तरफ रोहित शर्मा और रयान रिकेलटन की तूफानी बल्लेबाजी ने सुर्खियां बटोरीं, वहीं इस मैच का असली हीरो जसप्रीत बुमराह रहे।

उनकी तूफानी गेंदबाजी ने अंतिम पलों में मैच का पासा पलट दिया। आमतौर पर क्रिकेट में विकेट लेने वाले गेंदबाजों की चर्चा होती है, लेकिन बुमराह ने साबित कर दिया कि विकेट न लेकर भी कैसे मैच जीता जाता है। उनकी किफायती गेंदबाजी ही थी जिसने कोलकाता नाइट राइडर्स को एक ऐसे स्कोर पर रोक दिया, जो अंत में उनकी हार का सबसे बड़ा कारण बना।

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मैच के 17 ओवर खत्म होने तक कोलकाता नाइट राइडर्स जिस अंदाज में बल्लेबाजी कर रही थी, उसे देखकर लग रहा था कि स्कोर आसानी से 230 या 240 रनों के पार जाएगा। क्रीज पर रिंकू सिंह जैसे विस्फोटक बल्लेबाज मौजूद थे, जो अंतिम ओवरों में किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाने के लिए मशहूर हैं।

बुमराह ने रिंकू को बांध दिया

यहां सामना दुनिया के सर्वश्रेष्ठ डेथ ओवर गेंदबाज जसप्रीत बुमराह से था। बुमराह ने अपने अंतिम दो ओवरों में महज 19 रन खर्च किए, जिसमें कुछ वाइड और नो-बॉल भी शामिल थीं। उनकी सटीक यॉर्कर और स्लोअर गेंदों ने रिंकू सिंह जैसे हिटर के हाथ-पैर बांध दिए। रिंकू लगातार बड़े शॉट खेलने का प्रयास करते रहे, लेकिन बुमराह की चालाकी के आगे उनकी एक न चली।

जसप्रीत बुमराह ने अपने कोटे के 4 ओवरों में 35 रन दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। लेकिन मैच की गहराई में जाकर देखें तो यही 4 ओवर केकेआर के लिए काल साबित हुए। रिंकू सिंह ने 33 रनों की नाबाद पारी खेली, लेकिन इसके लिए उन्होंने 21 गेंदें खर्च कर दीं। बुमराह के अंतिम स्पेल के दबाव के कारण केकेआर का स्कोर 220 रनों तक ही सीमित रह गया। अगर बुमराह के उन दो ओवरों में 15 से 20 रन अतिरिक्त बन जाते, तो स्कोर 240 के आसपास होता और मुंबई के लिए उसे चेज करना नामुमकिन हो जाता।

अंत में केकेआर को खली रनों की कमी

अंत में जब मुंबई इंडियंस ने 19.1 ओवर में लक्ष्य हासिल किया, तब केकेआर को उन 20 रनों की कमी सबसे ज्यादा खली। बुमराह ने भले ही विकेटों का कॉलम खाली रखा हो, लेकिन उन्होंने अपनी डॉट बॉल्स और सटीक लेंथ से रनों की उस गति को रोक दिया जो केकेआर के लिए जीत के दरवाजे खोल सकती थी।



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