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oi-Sohit Kumar
US-Israel-Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी जंग ने ग्लोबल लेवल पर बैचेनी बढ़ा दी है। ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच लड़ाई आज 27वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ईरान के साथ जारी महीने भर पुराने युद्ध को लेकर एक बेहद सनसनीखेज दावा किया है।
ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने एक दावा करते हुए कहा कि ईरान के नेतृत्व ने उन्हें अनौपचारिक रूप से देश का अगला ‘सुप्रीम लीडर’ बनने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।

नेशनल रिपब्लिकन कांग्रेसनल कमिटी (NRCC) द्वारा आयोजित एक रिपब्लिकन फंडरेज़र में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, ‘दुनिया में ऐसा कोई राष्ट्राध्यक्ष नहीं होगा जो ईरान का प्रमुख बनने की इच्छा मुझसे कम रखता हो। हमें उनकी आवाज साफ सुनाई दे रही है। वे कह रहे हैं कि हम आपको अगला सुप्रीम लीडर बनाना चाहते हैं, लेकिन मैंने कह दिया-जी नहीं, शुक्रिया। मुझे यह पद नहीं चाहिए।’ ट्रंप के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
ईरान में सत्ता के शून्य पर ट्रंप ने क्या कहा?
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान में नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। पिछले महीने अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर बनाया गया था, लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद से वह सार्वजनिक रूप से नहीं देखे गए हैं। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को ‘सैन्य विनाश’ (Military Decimation) करार देते हुए एक बार फिर अमेरिकी जीत का दावा किया।
क्या पर्दे के पीछे वाकई कोई समझौता हो रहा है?
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि तेहरान के साथ बैकचैनल बातचीत चल रही है और ईरानी शासन युद्धविराम के लिए बेताब है। ट्रंप के अनुसार, ‘वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे यह कहने से डर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके अपने ही लोग उन्हें मार देंगे। साथ ही वे हमसे भी डरे हुए हैं।’ हालांकि, ईरान ने आधिकारिक तौर पर किसी भी तरह की बातचीत से साफ इनकार किया है।
अमेरिका का 15-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव क्या है?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वॉशिंगटन ने पाकिस्तान जैसे मध्यस्थों के जरिए तेहरान को 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है। इस योजना की मुख्य शर्तें हैं:
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करना।
- हिजबुल्लाह जैसे प्रॉक्सी ग्रुप को समर्थन बंद करना।
- स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलना।
ईरान ने ट्रंप के दावों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव और बातचीत के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फिकारी ने सरकारी टीवी पर ट्रंप का मजाक उड़ाते हुए कहा, ‘क्या आपका आंतरिक संघर्ष इस स्तर पर पहुंच गया है कि आप (ट्रंप) खुद से ही बातचीत करने लगे हैं? हमारे जैसा कोई भी आपके साथ कभी समझौता नहीं करेगा।’ वहीं, ईरान की समाचार एजेंसी ‘फास’ के अनुसार, तेहरान ने अपना 5-सूत्रीय जवाबी प्रस्ताव पेश किया है और साफ किया है कि युद्ध का अंत उनकी शर्तों पर होगा।



