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Netanyahu Threat Iran: शांति वार्ता के बीच नेतन्याहू ने ईरान को दी तबाही की धमकी, कहा- कार्रवाई जारी रहेगी


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oi-Sumit Jha

Netanyahu Threat Iran: एक तरफ जहां इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए चार घंटे से हाई-लेवल मीटिंग चल रही है, वहीं इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के एक बयान ने माहौल को फिर गरमा दिया है। नेतन्याहू ने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन पर निशाना साधते हुए दो टूक कहा कि उनके नेतृत्व में इजराइल, ईरान के आतंकवादी शासन और उसके सहयोगियों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा।

नेतन्याहू ने एर्दोगन पर आतंकवादियों की मदद करने और अपने ही कुर्द नागरिकों के नरसंहार का आरोप लगाया। इस बयान ने इस्लामाबाद में चल रही शांति वार्ता के बीच क्षेत्रीय तनाव को एक बार फिर चरम पर पहुंचा दिया है।

Netanyahu Threat Iran

नेतन्याहू का कड़ा रुख

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान और उसके समर्थित गुटों के खिलाफ इजराइल की कार्रवाई कमजोर नहीं पड़ेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार इजराइल की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस क्षेत्र में तनाव पहले से ही बहुत ज्यादा है। उन्होंने यह संदेश दिया है कि इजरायल अपनी रक्षा के लिए कोई भी समझौता नहीं करेगा।

Israel under my leadership will continue to fight Iran’s terror regime and its proxies, unlike Erdogan who accommodates them and massacred his own Kurdish citizens.

— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) April 11, 2026 “>

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एर्दोगन पर तीखे आरोप

नेतन्याहू ने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ एर्दोगन इजरायल की आलोचना करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ वे उन संगठनों की मदद करते हैं जिन्हें दुनिया आतंकवादी मानती है। नेतन्याहू ने सीधे तौर पर कहा कि एर्दोगन ईरान के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। यह आरोप दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत दुश्मनी और राजनीतिक मतभेदों को और गहरा करता है, जिससे क्षेत्र की कूटनीति जटिल हो गई है।

कुर्दों का मुद्दा और नरसंहार का आरोप

नेतन्याहू ने अपने बयान में कुर्द नागरिकों का मुद्दा उठाकर एर्दोगन को घेरने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि एर्दोगन ने अपने ही देश के कुर्द नागरिकों का कत्लेआम किया है। इजरायल लंबे समय से कुर्दों के मुद्दे पर तुर्की की आलोचना करता रहा है। इस आरोप के जरिए नेतन्याहू ने एर्दोगन की मानवाधिकारों पर बात करने की नैतिकता पर सवाल खड़े किए हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब करने की कोशिश की है।

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तनाव और क्षेत्रीय कूटनीति

यह जुबानी जंग इजरायल और तुर्की के बीच के नाजुक रिश्तों को और खराब कर सकती है। दोनों देश पहले भी कई मुद्दों पर भिड़ चुके हैं, खासकर फिलिस्तीन और हमास के मुद्दे पर। नेतन्याहू का यह हालिया बयान दोनों देशों के बीच किसी भी तरह के सुधार की गुंजाइश को कम करता है। इस तनाव का असर मध्य पूर्व की क्षेत्रीय कूटनीति पर भी पड़ सकता है, जहां समीकरण लगातार बदल रहे हैं और देशों को नए सिरे से अपनी रणनीतियां बनानी पड़ सकती हैं।





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