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New Income Tax Rules: डेडलाइन पास है! सैलरी से लेकर शेयर बाजार तक! 1 अप्रैल से बदल जाएंगे ये बड़े नियम


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oi-Sohit Kumar

New Rules From 1 April 2026: नये फाइनेंशियल ईयर (FY 2026-27) शुरू होने के साथ ही 1 अप्रैल 2026 से आम आदमी की जिंदगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदलने जा रहे हैं। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्‍ट टैक्‍स (CBDT) ने ‘इनकम टैक्स नियम, 2026’ को नोटिफाई कर दिया है, जिससे सैलरी स्ट्रक्चर और टैक्स फाइलिंग का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। सिर्फ टैक्स ही नहीं, बल्कि बैंकिंग और शेयर बाजार से जुड़े नियमों में भी बड़े फेरबदल होने वाले हैं।

इन बदलावों का सीधा असर आपकी टेक-होम सैलरी, निवेश और बैंकिंग ट्रांजेक्शन पर पड़ेगा। आइए जानते हैं 1 अप्रैल से क्या-क्या बदलने वाला है और इन बदलावों से आपकी जेब पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

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8 शहरों के लिए HRA छूट की सीमा बढ़ी

नए इनकम टैक्स नियमों के तहत, अब देश के 8 प्रमुख शहरों में रहने वाले नौकरीपेशा लोग 50 प्रतिशत HRA छूट का दावा कर सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई तक सीमित थी, लेकिन अब इसमें बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी शामिल कर लिया गया है। अन्य शहरों के लिए यह सीमा 40 प्रतिशत ही रहेगी। यह बदलाव उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो इन आईटी हब्स में महंगे किराये पर रहते हैं।

बच्चों की शिक्षा और हॉस्टल भत्ते में बंपर इजाफा

पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वाले कर्मचारियों के लिए चिल्ड्रेन एजुकेशन अलाउंस और हॉस्टल अलाउंस की लिमिट में कई गुना बढ़ोतरी की गई है। शिक्षा भत्ता अब 100 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह प्रति बच्चा (अधिकतम दो बच्चे) कर दिया गया है। वहीं, हॉस्टल भत्ता 300 रुपये से बढ़ाकर सीधे 9,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इससे माता-पिता को टैक्स में बड़ी बचत करने का मौका मिलेगा।

HRA क्लेम के लिए ये चीजें होंगी अनिवार्य

टैक्स चोरी रोकने के लिए सरकार ने नियमों को कड़ा कर दिया है। अब यदि आपका सालाना किराया 1 लाख रुपये से अधिक है, तो HRA क्लेम करते समय मकान मालिक का नाम, पता और पैन कार्ड देने के साथ-साथ यह भी बताना होगा कि मकान मालिक से आपका क्या रिश्ता है। यह नियम विशेष रूप से उन लोगों पर लागू होगा जो अपने माता-पिता या रिश्तेदारों के घर में रहकर किराया चुकाते हैं और टैक्स छूट लेते हैं।

शेयर बाजार में ट्रेडिंग होगी महंगी

अगर आप शेयर बाजार में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेड करते हैं, तो 1 अप्रैल से आपकी लागत बढ़ने वाली है। बजट 2026 के प्रस्तावों के अनुसार, फ्यूचर्स पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है। इसके अलावा, अब शेयर बायबैक से मिलने वाली राशि को ‘डिविडेंड’ के बजाय ‘कैपिटल गेन्स’ के रूप में टैक्स किया जाएगा।

HDFC और PNB समेत कई बैंकों के ATM नियम बदले

बैंकिंग सेक्टर में भी 1 अप्रैल से बड़े बदलाव हो रहे हैं। HDFC बैंक ने घोषणा की है कि यूपीआई (UPI) के जरिए एटीएम से कैश निकालने को भी अब ‘फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट’ में गिना जाएगा। लिमिट खत्म होने पर 23 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन चार्ज लगेगा। वहीं, PNB ने अपने कुछ डेबिट कार्ड्स की डेली कैश विड्रॉल लिमिट 1 लाख से घटाकर 50,000 रुपये कर दी है। बंधन बैंक ने भी अपने फ्री एटीएम ट्रांजेक्शन की संख्या में कटौती की है।

Sovereign Gold Bond (SGB) पर टैक्स छूट सीमित

सोने में निवेश करने वालों के लिए भी खबर जरूरी है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर मैच्योरिटी के समय मिलने वाली टैक्स छूट अब केवल उन निवेशकों को मिलेगी जिन्होंने इसे सीधे सरकार (प्राइमरी मार्केट) से खरीदा है। यदि आपने शेयर बाजार (सेकेंडरी मार्केट) से गोल्ड बॉन्ड खरीदे हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको कैपिटल गेन्स टैक्स देना होगा।



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