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खौफनाक: बस्ती में रसगुल्ला खाने पर 11 साल के मासूम को जलते तंदूर में फेंका, हालत नाजुक
त्तर प्रदेश के बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र से एक रूह कँपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक शादी समारोह में भोजन कर रहे 11 वर्षीय बच्चे को सिर्फ इसलिए जलते तंदूर में फेंक दिया गया क्योंकि वह बार-बार रसगुल्ला निकाल रहा था। इस अमानवीय कृत्य में बच्चा बुरी तरह झुलस गया है और उसे गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है। यह घटना 15 अप्रैल की रात मलौली गोसाईं गाँव में एक शादी समारोह के दौरान हुई। पुलिस के अनुसार, गोंडा जिले का रहने वाला 11 वर्षीय चमन उर्फ अमर अपने ननिहाल बाघानाला (बस्ती) में रह रहा था। वह अपनी नानी के साथ इस शादी समारोह में शामिल होने आया था।
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पुलिस ने पीड़ित के मामा देवीदीन निषाद की तहरीर पर बृहस्पतिवार को अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) की धारा 109(1) (हत्या के प्रयास) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गोंडा जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव का रहने वाला 11 वर्षीय चमन उर्फ अमर बस्ती के बाघानाला स्थित ननिहाल में रह रहा था। वह अपनी नानी के साथ मलौली गोसाई में एक रिश्तेदार की शादी में आया था।
आरोप है कि भोजन स्थल पर बार-बार रसगुल्ला निकालने से नाराज ‘कैटरिंग’ ठेकेदार ने पहले बच्चे को डराया और फिर उठाकर जलते तंदूर पर बिठा दिया। इसी दौरान बच्चा अनियंत्रित होकर तंदूर के भीतर गिर गया।
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चीख सुनकर परिजनों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक वह चेहरे से कमर तक बुरी तरह झुलस चुका था।
परिजन उसे पहले अयोध्या मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
हरैया की पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्वर्णिमा सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द गिरफ्तारी होगी।
सीओ ने बताया कि बच्चे को लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है और फिलहाल उसकी हालत स्थिर बतायी जा रही है।
MP में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 15 करोड़ की डकैती: हथियार लेकर घुसे 5 डकैतों ने मैनेजर को पीटा, फायरिंग की; 15 मिनट अंदर रहे – Singrauli News
मध्य प्रदेश के सिंगरौली में दिनदहाड़े बैंक डकैती का मामला सामने आया है। यहां बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में शुक्रवार दोपहर 5 हथियारबंद बदमाश घुसे। फायरिंग कर करीब 9-10 किलो सोना और 20 लाख कैश लेकर भाग गए। सोने की कीमत करीब 15 करोड़ आंकी गई है। घटन
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जानकारी के मुताबिक, लूटा गया सोना ग्राहकों का था, जिसे बैंक ने गिरवी रखकर लोन जारी किया था। सोना एक ही लॉकर में रखा गया था, जिसे बदमाशों ने निशाना बनाया। आरोपी पिट्ठू बैग के साथ एक बड़ा कपड़े का थैला लेकर आए थे। उसी में सारा माल भरकर फरार हो गए।
चश्मदीद आशीष पांडे ने बताया कि जब वह अपनी पत्नी के साथ बैंक में काम करा रहे थे, तभी अचानक दो हथियारबंद बदमाश अंदर दाखिल हुए। उन्होंने तुरंत बैंक कर्मचारियों को बंधक बना लिया।
इसके कुछ ही मिनटों बाद तीन और हथियारबंद साथी अंदर पहुंचे। पूरे बैंक को अपने कब्जे में ले लिया। बदमाशों ने वहां मौजूद ग्राहकों और कर्मचारियों पर बंदूक तान दी, जिससे बैंक परिसर में चीख-पुकार मच गई।
CM के निर्देश पर विधायक मौके पर पहुंचे
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर विधायक रामनिवास शाह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अंदर जाकर बैंक कर्मचारी और मैनेजर से बात की। विधायक ने बताया कि घटना गंभीर है, इसलिए सीएम भी चिंतित हैं। प्रभारी मंत्री संपतिया उइके भी पहुंच रही हैं। बैंक कर्मचारी डरे हुए हैं।
रीवा रेंज के आईजी साकेत प्रसाद पांडे मौके पर पहुंचे हैं। उनके साथ रीवा से फोरेंसिक टीम भी जांच के लिए आई है।
देखिए बैंक से निकलकर भागते हुए बदमाशों का CCTV फुटेज
सबसे पहले एक बदमाश आराम से बैंक से निकलता है। बाइक के पास आता है।

कुछ देर बाद दूसरा बदमाश थैला लेकर आता है और बाइक पर बैठ जाता है।

इसके बाद तीनों बदमाश भाग जाते हैं।

पूरी वारदात 15 से 20 मिनट में अंजाम दी जाती है।
मैनेजर पर बट से किया हमला
एसपी मनीष खत्री के अनुसार, बदमाशों ने बैंक मैनेजर से कैश की चाबियां और नकदी की जानकारी मांगी। जब मैनेजर ने आनाकानी की तो उनके साथ जमकर मारपीट की। बंदूक की बट से उनके सिर पर वार किया। करीब 15 मिनट तक बैंक के अंदर जमकर उत्पात मचाया। अंत में नकदी और जेवर से भरा थैला लेकर भाग गए।

एसपी और अन्य पुलिस अफसरों ने बैंक का मुआयना किया।
पुलिस ने की पूरे जिले की घेराबंदी
वारदात की खबर मिलते ही सिंगरौली एसपी मनीष खत्री दलबल के साथ खुद मौके पर पहुंचे। शहर के सभी एग्जिट पॉइंट्स को सील कर दिया गया है। बैंक और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
एसपी ने बताया कि करीब 14.50 लाख रुपए कल के रखे थे। बाकी आज का उस समय तक का कलेक्शन था। इसके अलावा सोना-चांदी था। फिलहाल, कुल कितने का सामान ले गए हैं, इसका सटीक आकलन बताना मुश्किल है।

वारदात की जानकारी मिलते ही भीड़ लग गई।
गार्ड नहीं था, एक फायर किया
एसपी के मुताबिक, घटना के समय यहां गार्ड नहीं था। बदमाशों ने एक फायर भी किया है। प्रत्यक्षदर्शियों और बैंक कर्मचारियों के बयान लिए जाएंगे। जांच में पता चला है कि एक शख्स ने हेलमेट पहना था। बाकी चार के चेहरे खुले थे।
सामने आया सीसीटीवी फुटेज
बैंक के सामने स्थित एक दुकान का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें तीन आरोपी बैंक से निकलते हुए नजर आ रहे हैं। फुटेज में एक लुटेरा पहले बैंक के अंदर से निकलता है। सामने खड़ी एक बाइक पर वह इंतजार करता है। उसके बाद अंदर से दो लोग एक झोला हाथ में लेकर भागते हुए बैंक से निकलते हैं।

आरोपी एक ही बाइक पर बैठकर बैढ़न शहर के ओर फरारा हो गए।
तीनों आरोपी एक ही बाइक में बैठकर बैढ़न शहर की तरफ फरार हो जाते हैं। यह सीसीटीवी बैंक के ठीक सामने रोड के दूसरी तरफ लगभग 50 फीट दूर एक दुकान में लगा हुआ है, जिसमें लुटेरे भागते हुए कैद हुए हैं।

बैंक से 1 km दूर मस्जिद तिराहे पर बदमाशों का देसी कट्टा गिर गया। इसे बरामद कर लिया है।
डीजीपी कैलाश मकवाना मौके के लिए रवाना
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी कैलाश मकवाना भी भोपाल से मौके के लिए रवाना हो चुके हैं। वहीं अनिल कुमार भी रीवा पहुंच रहे हैं। दोनों वरिष्ठ अधिकारी विशेष विमान से रीवा पहुंचकर सड़क मार्ग से सिंगरौली जाएंगे। उनके रात करीब 9 बजे तक सिंगरौली पहुंचने की संभावना है।
SP बोले- स्टाफ और ग्राहकों को बंधक बनाया
एसपी मनीष खत्री ने बताया कि जांच में पता चला है कि हेलमेट पहने बदमाश ने बैंक मैनेजर को पीटा। बाकी बैंक स्टाफ और मौजूद ग्राहकों को एक जगह बैठाकर बंधक बनाया। इसके बाद जबरन लॉकर खुलवाकर सोना और कैश ले गए।
सीमावर्ती राज्य छत्तीसगढ़ और उत्तरप्रदेश की पुलिस से भी सहयोग लिया जा रहा है। बारीकी से जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
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बैंक से 14 करोड़ का सोना, 5 लाख कैश लूटा

जबलपुर से 50 किलोमीटर दूर खितौला इलाके में हथियारबंद बदमाशों ने सोमवार सुबह करीब 9 बजे बैंक लूट लिया। लुटेरों ने बैंक कर्मचारियों को कट्टा दिखाकर धमकाया। फिर 15 मिनट में 14 किलो 800 ग्राम सोना और 5 लाख 70 हजार रुपए नकद लेकर भाग निकले। पढ़ें पूरी खबर
पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज: SC ने कहा- असम कोर्ट जाएं; खेड़ा बोले- क्या मैं कोई अपराधी हूं?
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि वे अपनी याचिका असम की अदालत में दाखिल करें। पवन खेड़ा की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी। उन्होंने कहा- असम की अदालतें बंद हैं, इसलिए उन्हें कुछ दिन का समय दिया जाए। क्या खेड़ा कोई अपराधी हूं, जो मुझे इतनी राहत भी नहीं मिल सकती? जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने यह मांग ठुकरा दी। कोर्ट ने उन्हें गलत डाक्यूमेंट देने के लिए फटकार भी लगाई। यह मामला असम सीएम हिमंता बिस्व सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा को लेकर दिए गए आरोपों से जुड़ा है। खेड़ा ने 5 अप्रैल को आरोप लगाया था कि उनके पास एक से ज्यादा पासपोर्ट और विदेश में संपत्तियां हैं, जिनका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया। खेड़ा ने कोर्ट में गलत डाक्यूमेंट दिया सुनवाई के दौरान खेड़ा की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ट्रांजिट जमानत शुक्रवार को खत्म हो रही है, इसलिए इसे मंगलवार तक बढ़ा दिया जाए ताकि वे सोमवार को असम में याचिका दाखिल कर सकें। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि खेड़ा ने सीधे असम की अदालत का रुख क्यों नहीं किया और पहले तेलंगाना हाईकोर्ट क्यों गए। सिंघवी ने जवाब दिया कि खेड़ा की पत्नी का हैदराबाद में घर है। वे वहां आते-जाते रहते हैं। इस दौरान अटॉर्नी जनरल तुषार मेहता ने दस्तावेजों में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते समय आधार कार्ड के आगे और पीछे अलग-अलग लोगों की जानकारी दी गई थी। उनके मुताबिक, इसी आधार पर हाईकोर्ट से राहत ली गई और यह फोरम शॉपिंग का मामला है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दस्तावेजों में गड़बड़ी को गंभीर माना और जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि खेड़ा असम की अदालत में जाकर अपनी बात रखें। हिमंता बोले- खेड़ा को सरेंडर करना चाहिए असम के सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने शुक्रवार को बंगाल में मीडिया से बात करते हुए कहा कि मेरा मानना है कि पवन खेड़ा को कानून के सामने सरेंडर करना चाहिए। उन्हें गुवाहाटी आकर सरेंडर करना चाहिए। तलंगाना कोर्ट से मिली थी अग्रिम जमानत इससे पहले 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, ताकि वे असम की अदालत में जा सकें। असम सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। अब समझें पूरा मामला… 5 अप्रैल- खेड़ा के 2 आरोप, पूछा- ₹52 हजार करोड़, तीन पासपोर्ट कहां से आए ————– ये खबर भी पढ़ें… असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:हिमंता बोले- पाताल से निकालेंगे; खेड़ा ने कहा था- CM की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट का आरोप लगाने के दो दिन बाद असम पुलिस ने दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापा मारा। हिमंता की पत्नी की FIR के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि छापेमारी के वक्त पवन घर पर मौजूद नहीं थे। पूरी खबर पढ़ें…
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पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज: SC ने कहा- असम कोर्ट जाएं; खेड़ा बोले- क्या मैं अपराधी हूं?
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि वे अपनी याचिका असम की अदालत में दाखिल करें। सुनवाई के दौरान खेड़ा ने कहा- असम की अदालतें बंद हैं, इसलिए उन्हें कुछ दिन का समय दिया जाए। क्या मैं कोई अपराधी हूं, जो मुझे इतनी राहत भी नहीं मिल सकती? जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने यह मांग ठुकरा दी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा को लेकर दिए गए आरोपों से जुड़ा है। खेड़ा ने 5 अप्रैल को आरोप लगाया था कि उनके पास एक से ज्यादा पासपोर्ट और विदेश में संपत्तियां हैं, जिनका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया। इसके दो दिन बाद असम पुलिस ने दिल्ली में उनके घर पर तलाशी ली, हालांकि उस समय खेड़ा हैदराबाद में थे। पुलिस कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गई खेड़ा पर कोर्ट में गलत डाक्यूमेंट देने का आरोप सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल तुषार मेहता ने दस्तावेजों में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड के आगे और पीछे अलग-अलग जानकारी और नंबर थे। इसे फोरम शॉपिंग बताया। इस पर खेड़ा की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि याचिका जल्दबाजी में दाखिल हुई थी, इसलिए गलत दस्तावेज लग गया था। इसे बाद में ठीक कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह जालसाजी नहीं बल्कि गलती थी और मामला मूल रूप से मानहानि का है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दस्तावेजों में गड़बड़ी को गंभीर माना और जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि खेड़ा असम की अदालत में जाकर अपनी बात रखें। तलंगाना कोर्ट से मिली थी अग्रिम जमानत इससे पहले 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, ताकि वे असम की अदालत में जा सकें। असम सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। अब समझें पूरा मामला… 5 अप्रैल- खेड़ा के 2 आरोप, पूछा- ₹52 हजार करोड़, तीन पासपोर्ट कहां से आए 6 अप्रैल: हिमंता बोले- हमने प्रापर्टी के असली मालिक का पता लगाया हिमंता ने दुबई में फ्लैट होने के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा कि हमने उन दो दुबई अपार्टमेंट के असली मालिकों का पता लगा लिया है, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है। ये फ्लैट मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। कांग्रेस ने ये दस्तावेज एक वेबसाइट Scribd से चुराए थे। हमने इस तरह इनका पता लगाया है। आप भी फोन पर देख सकते हैं। इससे पहले पांच अप्रैल को हिमंता ने पवन खेड़ा की कॉन्फ्रेंस के कुछ देर बाद ही X पर पर पोस्ट किया था कि उनके दिखाए गए दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग, फोटो और पासपोर्ट विवरण जैसी कई गंभीर गलतियां हैं, जो साफ तौर पर इनके फर्जी और डिजिटल छेड़छाड़ होने का सबूत हैं।
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महिला आरक्षण बिल को लेकर मायावती ने वंचित समाज को किया अलर्ट! SC-ST-OBC मुद्दे पर कांग्रेस और सपा की खोली पोल
2023 का महिला आरक्षण कानून लागू, आधी रात नोटिफिकेशन जारी: इसमें बदलाव के लिए सरकार 3 नए बिल लाई; विपक्ष बोला- कानून नहीं तो संशोधन कैसा
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नई दिल्ली7 घंटे पहले
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PM ने गुरुवार और राहुल ने आज लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े बिलों पर स्पीच दी।
केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून यानी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ को 16 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया है। संसद में गुरुवार से ही इसके संशोधन पर 3 दिनों के लिए बहस शुरू हुई। इस बीच, आधी रात को मूल कानून लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया।
इसका मतलब यह है कि महिला आरक्षण के जिस कानून में संशोधन की बात की जा रही है, वह लागू ही नहीं हुआ था। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, कानून में बदलाव तभी हो सकता है जब वह लागू हो चुका हो। अचानक सरकारी नोटिफिकेशन की यही वजह है।
हालांकि, कानून लागू होने के बावजूद संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण तुरंत नहीं मिलेगा। 2023 के कानून के मुताबिक, यह 2027 की जनगणना और उसके आधार पर होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू किया जा सकेगा।
इस बीच विपक्ष ने शुक्रवार को संसद में सवाल उठाया कि जब 2023 का कानून लागू ही नहीं था, तो उसमें संशोधन का बिल कैसे लाया गया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह नोटिफिकेशन रात करीब 10 बजे जारी हुआ, जबकि उससे पहले ही संशोधन बिल पेश कर उस पर चर्चा शुरू हो चुकी थी।

कानून मंत्रालय की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रावधान 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गए हैं।
2023 में कानून बना लेकिन लागू नहीं हुआ था
महिला आरक्षण बिल को 2023 में लोकसभा और राज्यसभा में पास किया गया था। इसके बाद राष्ट्रपति ने भी मंजूरी दे दी लेकिन इसके बावजूद यह कानून संविधान का हिस्सा नहीं बना था। क्योंकि कोई कानून तब तक लागू नहीं माना जाता जब तक सरकार राजपत्र (गजट) में उसको लागू करने की तारीख अधिसूचित न कर दे।
अब नोटिफिकेशन जारी होने के बाद कानून तो लागू हो गया है लेकिन इसे मौजूदा लोकसभा में लागू नहीं किया जा सकता। कानून के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, अगली जनगणना और उसके आधार पर परिसीमन (सीटों का पुनर्गठन) होगा। इसके बाद ही आरक्षण लागू किया जाएगा। इस प्रक्रिया के कारण आरक्षण 2034 तक लागू होने की संभावना जताई गई थी।
2011 की जनगणना के आधार पर आरक्षण लागू करना चाहती है सरकार
हालांकि, सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कर महिला आरक्षण को 2029 के चुनाव से लागू करना चाहती है। इसके लिए सरकार ने संसद में तीन नए बिल पेश किए हैं: संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक, 2026।
इन तीन बिलों को पास कराने के लिए सरकार ने 16 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। दरअसल, परिसीमन संशोधन बिल के तहत सरकार लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने की योजना बना रही है।
इस नए ढांचे में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाएगा। विपक्ष इसके खिलाफ है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार नए संशोधन बिल के जरिए परिसीमन से दक्षिण के राज्यों को नुकसान होगा।

क्या सरकार लोकसभा में तीनों बिल पास करा पाएगी
संविधान संशोधन पारित कराने के लिए सरकार को बैक-चैनल बातचीत करनी होगी। भारतीय संविधान के ऑर्टिकल 368 के तहत, संविधान में संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होता है।
कुल सदस्यों का बहुमत (50% से अधिक) और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत। लोकसभा की वर्तमान संख्या 540 (कुल 543 में से) है। 3 सीटें खाली हैं। अगर सभी सांसद मतदान करते हैं, तो कम से कम 360 सांसदों (दो तिहाई) को इसके पक्ष में वोट देना होगा।
वर्तमान में, भाजपा-नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के पास 292 सांसद हैं, जबकि INDIA (विपक्ष) के पास 233 सांसद हैं। 15 सांसद किसी गठबंधन के साथ नहीं हैं।
परिसीमन से सभी राज्य में लोकसभा सीटें 50% बढ़ेगी

रिजिजू बोले- महिला आरक्षण बिल को कानून बनाया, ताकि संशोधन हो सके
केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू बोले- ‘सरकार ने महिला आरक्षण कानून में बदलाव (संशोधन) करने की तैयारी कर रही है। जो पुराना कानून है, वह अभी तक लागू नहीं हुआ था। अब सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया है, ताकि उस कानून को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। फिर उसका संशोधन हो पाए।’
कल्याण बनर्जी बोले- कानून लाए नहीं, संशोधन शुरू कर दिया था
कल्याण बनर्जी ने कहा- केंद्र सरकार महिला आरक्षण में संशोधन से जुड़ा बिल लेकर आई है। लेकिन जब कानून लागू नहीं हुआ तो उसमें कैसा संशोधन। इसीलिए देर रात में इन्होंने 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया।

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