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स्पेस में 18 बार खतरे में आए भारतीय उपग्रह: इसरो ने रास्ता बदलकर मलबे से बचाया; 2025 में 1.5 लाख बार अलर्ट जारी




इसरो की ‘इंडियन स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस रिपोर्ट-2025’ के मुताबिक, 2025 में भारत को अपने सैटेलाइट्स को सुरक्षित रखने के लिए बहुत सतर्कता बरतनी पड़ी। 2025 में इसरो के सैटेलाइट्स के लिए करीब डेढ़ लाख से ज्यादा क्लोज अप्रोच अलर्ट जारी हुए। ये अलर्ट अमेरिकी स्पेस कमांड से मिले, जिनका विश्लेषण भारतीय वैज्ञानिकों ने अधिक सटीक ऑर्बिटल डेटा के साथ किया। ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि लो-अर्थ ऑर्बिट (लियो) अब खतरनाक रूप से भीड़भाड़ वाला हो चुका है। अंतरिक्ष में मलबों के आपस में टकराने के खतरों से बचने के लिए इसरो को कुल 18 बार ‘कोलोजन अवॉइडेंस मैन्यूवर’ करना पड़ा जो 14 बार लियो सैटेलाइट्स के लिए और 4 बार जियो सैटेलाइट्स के लिए किया गया। इन मैन्यूवर्स में सैटेलाइट की गति और ऊंचाई में बदलाव कर संभावित टकराव को टाला जाता है। चिंता: चंद्रयान-2 के लिए 2025 में 16 ऑर्बिट मैन्यूवर भविष्य के जोखिम को देखते हुए भी इसरो को 84 बार अपनी ऑर्बिट मैन्यूवर प्लानिंग बदलनी पड़ी। गहरे अंतरिक्ष में चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर के लिए 2 बार प्लान बदला गया, ताकि नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर से टकराव से बचा जा सके। अकेले चंद्रयान-2 के लिए 2025 में 16 ऑर्बिट मैन्यूवर किए गए। इसरो ने 2025 में अपने सभी 5 लॉन्च के लिए लिफ्ट-ऑफ से पहले कोलोजन अवॉइडेंस एनालिसिस किया। एक मामले में एलवीएम3-एम6 मिशन की लॉन्चिंग को 41 सेकंड तक टालना पड़ा, ताकि मलबे से दूरी सुनिश्चित की जा सके। 10 सेंटीमीटर से बड़े 40,000 मलबों से खतरा अंतरिक्ष अब कचरे का डिब्बा: आईएसएसएआर 2025 और डब्ल्यूईएफ 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरिक्ष अब ‘कचरे का डिब्बा’ बनता जा रहा है। डराने वाले हैं ये आंकड़े: शोध के अनुसार, अंतरिक्ष में 10 सेंटीमीटर से बड़े 40,000 और 1 सेंटीमीटर से बड़े करीब 12 लाख मलबे के टुकड़े मौजूद हैं। तेजी से बढ़ रही स्पेस में भीड़: 2025 में 328 लॉन्च प्रयास हुए जिससे 4,198 सैटेलाइट्स स्थापित हुए और कुल 4,651 नए स्पेस ऑब्जेक्ट्स जुड़ गए। बुलेट से भी होती है तेज रफ्तार: स्पेस में कचरा 28,000 किमी/घंटा की रफ्तार से घूम रहा है। एक छोटा सा पेंच भी सैटेलाइट को तबाह कर सकता है। दूसरे देश कैसे कर रहे सैटेलाइट की सुरक्षा अमेरिका: उन्नत रडार नेटवर्क और सेंसर से से 40 हजार मलबों की रियल-टाइम ट्रैकिंग। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी: अत्याधुनिक कोलिजन अवॉइडेंस सॉफ्टवेयर। चीन: विशाल ग्राउंड-बेस्ड टेलीस्कोप और अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स को एक कक्षा से दूसरी में ले जाने वाली ‘ऑन-ऑर्बिट रीफ्यूलिंग’ तकनीक। जापान: निजी कंपनियों के साथ मिलकर चुंबकीय और बिजली के तारों जैसी तकनीकों से मलबे को खींचकर वापस धरती के वातावरण में लाने का प्रयोग। —————————— ये खबर भी पढ़ें… गगनयान मिशन का दूसरा क्रू मॉड्यूल टेस्ट सफल:चिनूक हेलिकॉप्टर से 3 किमी ऊंचाई से छोड़ा गया; पैराशूट के साथ समुद्र में सेफ लैंडिंग भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारी में बड़ी कामयाबी मिली है। ISRO ने शुक्रवार को दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-1) सफलतापूर्वक पूरा किया। पूरी खबर पढ़ें…



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Bihar News: अधिकारियों की फिटनेस से सुदृढ़ होगा प्रशासन, 150 कृषि पदाधिकारियों ने लिया विशेष साहसिक प्रशिक्षण


Bihar News: अधिकारियों की फिटनेस से सुदृढ़ होगा प्रशासन, 150 कृषि पदाधिकारियों ने लिया विशेष साहसिक प्रशिक्षण | बिहार कृषि अधिकारी उत्तरकाशी में सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का निर्माण करते हैं – Hindi Oneindia



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तेलंगाना में SC-ST सामान्य वर्ग से 3 गुना पिछड़े: राज्य की 242 में से 135 बहुत पिछड़ी; 3.55 लाख लोगों पर सर्वे




तेलंगाना में पिछले साल हुए जातिगत सर्वे की रिपोर्ट में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लोग सामान्य वर्ग से 3 गुना पिछड़े हैं। वहीं, ओबीसी वर्ग 2.7 गुना पिछड़ा है। एससी का पिछड़ापन सूचकांक स्कोर 96, एसटी का 95 और ओबीसी का 86 है। नियम कहता है कि स्कोर जितना ज्यादा होगा, पिछड़ापन उतना ही अधिक होगा। यानी तेलंगाना में इन जाति वर्ग की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक स्थिति बहुत पिछड़ी है। सामान्य वर्ग का स्कोर 31 है, जो बेहतर स्थिति है। राज्य में 242 जातियां हैं। इनमें से 67% आबादी यानी 135 जातियां बहुत पिछड़ी हैं। यह रिपोर्ट पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी की अध्यक्षता वाले पैनल ने सर्वे के बाद तैयार कर राज्य सरकार को सौंपी है। सर्वे पिछले साल राज्य के 3.55 करोड़ लोगों के बीच कराया गया था। सर्व की 7 बड़ी बातें सबसे पिछड़ा, सबसे संपन्न समुदाय कौन सा? सबसे पिछड़ा है एससी वर्ग का दक्कल समुदाय (स्कोर 116)। सामान्य वर्ग का कापु समुदाय सबसे संपन्न (12) है। जैन का स्कोर 13 और ब्राह्मण का 22 है। 1 लाख से कम कमाने वाले एससी परिवार का पिछड़ापन स्कोर 49 है, जबकि उतनी ही आय वाले सामान्य परिवार का स्कोर केवल 16 है। —————————- ये खबर भी पढ़ें… भारत ने 17 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाला:10 साल में गरीबी दर 14% घटी; वर्ल्ड बैंक ने हालिया रिपोर्ट में बताया वर्ल्ड बैंक ने अपनी ‘पॉवर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ’ रिपोर्ट में बताया कि भारत बीते एक दशक में गरीबी को कम करने में सफल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक- भारत ने 2011-12 से 2022-23 के बीच बेहद गरीबी में रह रहे 17.1 करोड़ लोगों को बाहर निकाला। पूरी खबर पढ़ें…



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Aaj Ka Mausam: बाड़मेर में पारा पहुंचा 42 डिग्री, कई राज्यों में चलेगी ‘लू’ लेकिन इन 9 राज्यों में Rain Alert


Aaj Ka Mausam: बाड़मेर में पारा पहुंचा 42 डिग्री, कई राज्यों में चलेगी ‘लू’ लेकिन इन 9 राज्यों में Rain Alert | IMD Weather Forecast Today 17 April 2026 Aaj Ka Mausam Heat Wave Alert in UP, Rain expected JK-UTT, Assam, West Bengal, in Hindi – Hindi Oneindia



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Forex Reserves: विदेशी मुद्रा भंडार में शानदार वापसी, भारत का फॉरेक्स रिजर्व उछाल के साथ फिर 700 अरब डॉलर पार


भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश के विदेशी मुद्रा भंडार ने एक बार फिर 700 अरब डॉलर का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लिया है। 10 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 3.825 अरब डॉलर का मजबूत इजाफा हुआ, जिससे कुल भंडार बढ़कर 700.946 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। यह वृद्धि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत बाहरी बफर को दर्शाती है।

लगातार दूसरे सप्ताह बढ़त

विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर यह लगातार दूसरे सप्ताह दर्ज की गई तेजी है। ताज़ा वृद्धि से ठीक पहले वाले सप्ताह, यानी 3 अप्रैल को समाप्त हफ्ते में भी ओवरऑल रिजर्व में 9.063 अरब डॉलर का शानदार उछाल देखा गया था, तब यह आंकड़ा 697.121 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। 

पश्चिम एशिया संकट और आरबीआई का बाजार में हस्तक्षेप

ज्ञात हो कि इसी साल 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, इस ऐतिहासिक ऊंचाई को छूने के बाद मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू हो गया, जिसके कारण भारतीय रुपये पर काफी दबाव पड़ा। रुपये को सहारा देने और गिरावट को रोकने के लिए रिज़र्व बैंक को विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की बिक्री के जरिए हस्तक्षेप करना पड़ा था, जिसके परिणामस्वरूप कई हफ्तों तक फॉरेक्स रिजर्व में लगातार गिरावट देखी गई थी।

विदेशी मुद्रा भंडार के विभिन्न घटकों का प्रदर्शन

फॉरेक्स रिजर्व में ताजा वृद्धि मुख्य रूप से इसके विभिन्न घटकों में हुए सुधार के कारण आई है। रिज़र्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार इसका विवरण इस प्रकार है:


  • विदेशी मुद्रा संपत्तियां: विदेशी मुद्रा भंडार के इस सबसे प्रमुख हिस्से में 10 अप्रैल को समाप्त सप्ताह के दौरान 3.127 अरब डॉलर की वृद्धि हुई, जिसके बाद यह 555.983 अरब डॉलर पर पहुंच गया। डॉलर के संदर्भ में व्यक्त की जाने वाली इन संपत्तियों में गैर-अमेरिकी मुद्राओं, जैसे यूरो, पाउंड और येन के मूल्य में होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी शामिल होता है।

  • स्वर्ण भंडार: समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान देश के सोने के भंडार के मूल्य में भी 601 मिलियन डॉलर का उछाल दर्ज किया गया है, जिससे यह बढ़कर 121.343 अरब डॉलर हो गया है।

  • विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर): केंद्रीय बैंक के अनुसार, देश के विशेष आहरण अधिकार या एसडीआर भी 56 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.763 अरब डॉलर हो गए हैं।

  • आईएमएफ में रिजर्व स्थिति: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत की आरक्षित स्थिति में भी बढ़त दर्ज की गई है। रिपोर्टिंग सप्ताह के अंत में यह 41 मिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 4.857 अरब डॉलर हो गई है।

आगे का आउटलुक

पश्चिम एशिया संकट के कारण आई कई हफ्तों की गिरावट के बाद 700 अरब डॉलर के स्तर की पुनः प्राप्ति इस बात का संकेत है कि फॉरेक्स मार्केट में स्थिति अब नियंत्रण में आ रही है। विदेशी मुद्रा भंडार का यह विशाल स्तर रिज़र्व बैंक को रुपये की विनिमय दर को स्थिर रखने के लिए पर्याप्त ताकत देता है, साथ ही यह किसी भी अप्रत्याशित वैश्विक आर्थिक झटके की स्थिति में देश के लिए एक मजबूत ढाल का काम करेगा।


 



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Chahatt Khanna Love Story: ‘पंडित’ कहलाने वाली चाहत ने कैसे अपनाया इस्लाम? तोहफे में मिले 2 तलाक-2 बेटियां


Chahatt Khanna Love Story: ‘पंडित’ कहलाने वाली चाहत ने कैसे अपनाया इस्लाम? तोहफे में मिले 2 तलाक-2 बेटियां | Chahatt Khanna Love Story: Two Divorce-Two Kids, Religion Conversion-Adopted Islam, Comeback Sanatan News Hindi – Hindi Oneindia



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Gold Silver Price: सर्राफा बाजार में बड़ी गिरावट; चांदी 5700 रुपये टूटी, सोने के भाव में भारी नरमी


घरेलू बाजार में कमजोर मांग के बीच शुक्रवार को सर्राफा बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमतों में 5,700 रुपये की भारी गिरावट आई, जबकि सोने के भाव भी 1,600 रुपये तक लुढ़क गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और घरेलू बाजार में सुस्त मांग ने कीमती धातुओं की चाल को काफी हद तक धीमा कर दिया है।

घरेलू बाजार में भारी गिरावट का दौर

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को चांदी (सफेद धातु) 2.2 प्रतिशत यानी 5,700 रुपये टूटकर 2,53,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। इन कीमतों में सभी कर शामिल हैं। दूसरी ओर, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने के भाव में भी 1.01 प्रतिशत यानी 1,600 रुपये की कमी दर्ज की गई, जिसके बाद यह 1,56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर आ गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार और भू-राजनीतिक दबाव

घरेलू बाजार के विपरीत, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी में तेजी दिखी, जबकि सोना दबाव में रहा। विदेशी बाजारों में स्पॉट गोल्ड मामूली गिरावट के साथ 4,786.90 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 1.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79.28 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी के अनुसार, “शुक्रवार को सोने में नकारात्मक रुझान बना रहा और यह 4,800 डॉलर के स्तर से नीचे रहा, क्योंकि इसकी तेजी की गति कमजोर पड़ गई थी”। उन्होंने साफ किया कि कुछ सहायक घटनाक्रमों के बावजूद, कीमतें ऊंचे स्तरों को बरकरार रखने में विफल रहीं, जो बुलिश ट्रैक्शन की कमी को दर्शाता है। मजबूत अमेरिकी डॉलर और स्थिर ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के कारण भी सोने पर दबाव बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार सतर्क बना हुआ है।

सर्राफा बाजार की मुख्य बातें


  • चांदी में भारी गिरावट: 5,700 रुपये (2.2%) टूटकर 2.53 लाख रुपये प्रति किलोग्राम।

  • सोने में नरमी: 1,600 रुपये (1.01%) गिरकर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम।

  • विदेशी बाजार का हाल: सोना 4,786.90 डॉलर/औंस; चांदी बढ़कर 79.28 डॉलर/औंस।

  • दबाव के प्रमुख कारण: मजबूत डॉलर, स्थिर बॉन्ड यील्ड और वैश्विक अनिश्चितता।

सर्राफा बाजार की चाल पर विशेषज्ञों की क्या राय?

एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी एंड करेंसी) जतिन त्रिवेदी ने बाजार की चाल का विश्लेषण करते हुए बताया कि युद्धविराम के बाद के घटनाक्रमों पर सप्ताहांत में आने वाले अहम अपडेट्स से पहले बाजार सतर्क है, जिससे सोने की चाल एक सीमित दायरे में रही है। अनिश्चितता के बावजूद किसी नए ट्रिगर के अभाव में सोना ‘साइडवेज कंसोलिडेशन’ के दौर से गुजर रहा है।

अब आगे का आउटलुक क्या?

विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोने की कीमतें फिलहाल सीमित दायरे में रह सकती हैं, लेकिन सप्ताहांत के घटनाक्रमों पर यह तेजी से प्रतिक्रिया दे सकता है। सौमिल गांधी के मुताबिक, यद्यपि नई बातचीत की उम्मीदों ने बाजार को कुछ अंतर्निहित समर्थन प्रदान किया है, लेकिन किसी स्पष्ट प्रगति के अभाव में निवेशकों ने फिलहाल खुद को किनारे कर रखा है। ऐसे में आने वाले दिनों में वैश्विक वार्ताएं और भू-राजनीतिक घटनाक्रम ही सर्राफा बाजार की दिशा तय करेंगे।





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Amit Shah का 850 सीटों का गणित BJP का ‘2029 विजयी फॉर्मूला’? परिसीमन राजनीति कैसे Modi Govt का 4th टर्म प्लान?


Amit Shah का 850 सीटों का गणित BJP का ‘2029 विजयी फॉर्मूला’? परिसीमन राजनीति कैसे Modi Govt का 4th टर्म प्लान? | Amit Shah 850 Lok Sabha Seats Formula: How BJP’s Masterstroke Hits 2029 Elections-Modi Fourth Term Explore News Hindi – Hindi Oneindia



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भास्कर अपडेट्स: NH-52 पर केमिकल टैंकर में धमाके के बाद आग, ड्राइवर लापता होने की आशंका


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नई दिल्ली35 मिनट पहले

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कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में गुरुवार को नेशनल हाईवे-52 पर एक केमिकल टैंकर में धमाके के बाद भीषण आग लग गई। घटना अंकोला के कंचिनाबागिलु इलाके के पास हुई, जहां विस्फोट के तुरंत बाद टैंकर आग की लपटों में घिर गया।

धमाके के चलते आग तेजी से फैल गई और घटनास्थल से घना धुआं उठने लगा, जिससे राहत और बचाव टीमों को मौके के पास पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों को आशंका है कि टैंकर का ड्राइवर लापता हो सकता है।

अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच के बाद ही घटना को लेकर बाकी जानकारी सामने आएगी।

आज की अन्य बड़ी खबरें…

गोवा के मंद्रेम में बीच किनारे भीषण आग, मौके पर पहुंची फायर टीम

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गोवा के मंद्रेम में गुरुवार को बीच किनारे एक प्रॉपर्टी के पास तीन कॉटेज में अचानक भीषण आग लग गई। जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड और इमरजेंसी टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी।

पेरनेम फायर स्टेशन के इंचार्ज नामदेव पवार ने बताया कि दमकल की गाड़ियां मौके के लिए रवाना कर दी गईं और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और किसी के हताहत होने की भी जानकारी सामने नहीं आई है।

दिल्ली LG तरनजीत सिंह संधू को ट्रंप की बधाई, बोले- भारत-अमेरिका रिश्तों को किया मजबूत

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी है। ट्रंप ने संधू को एक अनुभवी राजनयिक बताते हुए भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका की सराहना की।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि तरनजीत संधू ने अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने के लिए हमेशा गहरी प्रतिबद्धता दिखाई है। उन्होंने दिल्ली के विकास और वैश्विक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए संधू को शुभकामनाएं भी दीं।

देश में नक्सल हिंसा खत्म: MHA का दावा- अब कोई जिला प्रभावित नहीं

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गृह मंत्रालय (MHA) ने राज्यों को जानकारी दी है कि भारत अब नक्सल हिंसा से प्रभावित नहीं रहा और देश का कोई भी जिला इस श्रेणी में नहीं आता है। 8 अप्रैल को नौ राज्यों को भेजे गए आधिकारिक पत्र के मुताबिक, देश में अब कोई भी जिला नक्सल हिंसा प्रभावित के रूप में वर्गीकृत नहीं है।

इससे पहले 30 मार्च को संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा था कि भारत अब माओवादी प्रभाव से मुक्त हो चुका है। सरकार के इस दावे को देश में आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है

पंजाब में पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल, 4 हैंड ग्रेनेड और हथियार बरामद

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पंजाब पुलिस ने गुरुवार को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल को पकड़ा है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और उसके कब्जे से चार हैंड ग्रेनेड समेत हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं।

डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) गौरव यादव ने बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने अमृतसर और मोहाली स्थित स्टेट स्पेशल ऑपरेशन यूनिट के साथ मिलकर संयुक्त ऑपरेशन चलाया। इस दौरान दो विदेशी पिस्तौल और कारतूस भी बरामद किए गए।



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Biz Updates आरबीआई ने बैंकिंग सिस्टम से वापस लिए दो लाख करोड़ रुपये, वीआरआरआर ऑक्शन को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स


भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त तरलता को प्रबंधित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को केंद्रीय बैंक ने 7-दिवसीय वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो ऑक्शन के जरिए 2,00,031 करोड़ रुपये की अल्पकालिक तरलता को सिस्टम से बाहर कर दिया है। यह कदम बाजार में संतुलित नकदी प्रवाह सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।

ऑक्शन में अनुमान से अधिक बोलियां

आरबीआई ने शुरुआत में दो लाख करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के लिए यह ऑक्शन आयोजित किया था। हालांकि, बैंकों की तरफ से इस कदम को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस ऑक्शन में केंद्रीय बैंक को कुल 2,28,098 करोड़ रुपये की भारी बोलियां प्राप्त हुईं, जो तय सीमा से काफी अधिक है। 

कट-ऑफ रेट और लिक्विडिटी सरप्लस की स्थिति

रिज़र्व बैंक ने इस ऑक्शन में 5.24 प्रतिशत की कट-ऑफ दर और 5.23 प्रतिशत की भारित औसत दर पर बोलियों को स्वीकार किया है। यह निर्णय मौजूदा समय में बैंकिंग सिस्टम में नकदी की अधिकता को देखते हुए लिया गया है। अनुमान के मुताबिक, वर्तमान में बैंकिंग सिस्टम में लगभग 4.09 लाख करोड़ रुपये का सरप्लस  मौजूद है।

10 अप्रैल के फंड्स की हुई वापसी

तरलता प्रबंधन की यह प्रक्रिया एक निरंतर चलने वाली व्यवस्था है। इस ताज़ा ऑक्शन से पहले, 10 अप्रैल को भी रिजर्व बैंक ने एक सात दिवसीय वीआरआरआर ऑक्शन आयोजित किया था। उस दौरान केंद्रीय बैंक ने 2,00,041 करोड़ रुपये की अल्पकालिक तरलता बैंकिंग सिस्टम से निकाली थी। उल्लेखनीय है कि 10 अप्रैल को निकाले गए ये फंड्स आज बैंकिंग सिस्टम में वापस कर दिए गए हैं।

मुख्य बिंदु


  • निकाली गई तरलता: 2,00,031 करोड़ रुपये।

  • कुल प्राप्त बोलियां: 2,28,098 करोड़ रुपये।

  • कट-ऑफ और भारित औसत दर: क्रमशः 5.24 प्रतिशत और 5.23 प्रतिशत।

  • मौजूदा बैंकिंग सरप्लस: लगभग 4.09 लाख करोड़ रुपये।

तरलता प्रबंधन पर आरबीआई का साफ रुख

रिजर्व बैंक अर्थव्यवस्था की उत्पादक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। लिक्विडिटी के मोर्चे पर केंद्रीय बैंक के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए, अप्रैल की मौद्रिक नीति के दौरान आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था, “आगे बढ़ते हुए, हम तरलता प्रबंधन में सक्रिय और पूर्व-अनुमानित बने रहेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि अर्थव्यवस्था की उत्पादक जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त तरलता मौजूद रहे”।



कुल मिलाकर, आरबीआई द्वारा वीआरआरआर ऑक्शन का यह सफल आयोजन यह दर्शाता है कि केंद्रीय बैंक तरलता को नियंत्रित करने के प्रति पूरी तरह सतर्क है। 4.09 लाख करोड़ रुपये के भारी सरप्लस को देखते हुए, लिक्विडिटी को संतुलित रखने के लिए रिज़र्व बैंक भविष्य में भी ऐसे सक्रिय कदम उठाता रहेगा।



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