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आज का मेष राशिफल 11 अप्रैल 2026: होगा धनलाभ, सिंगल लोगों को मिल सकता है पार्टनर


Astrology

-P Chakrapani Upadhyay

Aaj Ka Mesh Rashifal: आज मेष राशि के जातकों के लिए दिन ऊर्जा से भरा रहेगा, लेकिन इस ऊर्जा को सही दिशा देना बेहद ज़रूरी है। कुछ नए अवसर सामने आ सकते हैं, जिन्हें पहचानने और उन पर काम करने के लिए आपको थोड़ी अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचें और हर कदम सोच-समझकर उठाएं, ताकि बाद में पछताना न पड़े।

Aaj Ka Mesh Rashifal 11 April 2026

सामान्य भविष्यफल: आज का दिन आपके लिए कुछ अप्रत्याशित चुनौतियों और अवसरों का मिश्रण लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में अचानक कोई नया काम या ज़िम्मेदारी मिल सकती है, जिसके लिए आपको अपनी योजनाएं बदलनी पड़ सकती हैं। घर-परिवार में किसी बात को लेकर चर्चा हो सकती है, जिसमें आपकी राय महत्वपूर्ण होगी। अपनी बात को स्पष्टता से रखें, लेकिन दूसरों की भावनाओं का भी सम्मान करें। आज किसी भी बड़े निवेश या महत्वपूर्ण दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें।

स्वास्थ्य: आपकी ऊर्जा का स्तर अच्छा रहेगा, लेकिन काम के दबाव के कारण मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। पर्याप्त नींद लेने और हल्का व्यायाम करने पर ध्यान दें। बाहर के खाने से बचें और घर का बना पौष्टिक भोजन करें।

करियर/वित्त: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और आपको पहचान मिल सकती है। नए प्रोजेक्ट्स में अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा। आर्थिक मामलों में आज थोड़ा सतर्क रहने की ज़रूरत है; अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें और बजट बनाकर चलें।

प्रेम: रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखना ज़रूरी है। पार्टनर के साथ किसी गलतफहमी को तुरंत दूर करें, वरना बात बिगड़ सकती है। सिंगल जातकों के लिए आज किसी नए व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जो भविष्य में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

आज के लिए आपका शुभ अंक 9 है।

आपका शुभ रंग लाल है, जो आपके उत्साह को बढ़ाएगा।

आज आप “ॐ अंग अंगारकाय नमः” मंत्र का जाप कर सकते हैं।

पूजनीय देवता हनुमान जी की आराधना करना आपके लिए फलदायी रहेगा।

ग्रहों का प्रभाव:

आज आपके राशि स्वामी मंगल की स्थिति आपको ऊर्जा और साहस प्रदान करेगी, जिससे आप मुश्किलों का सामना डटकर कर पाएंगे। हालांकि, इसकी वजह से आप थोड़े अधीर भी हो सकते हैं, इसलिए धैर्य बनाए रखना ज़रूरी है।

सूर्य का प्रभाव आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा, लेकिन ध्यान रहे कि यह आत्मविश्वास अहंकार में न बदले। अपनी बात रखते समय दूसरों की राय को भी महत्व दें।

बुध की स्थिति संचार के लिए अच्छी है, लेकिन विचारों की अधिकता आपको थोड़ा भ्रमित कर सकती है। महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करें।

युवा जातकों के लिए सलाह:

  • अपने लक्ष्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटें और एक-एक करके उन पर काम करें, ताकि आप अभिभूत महसूस न करें।
  • नए लोगों से जुड़ने और अपने नेटवर्क को बढ़ाने का यह अच्छा समय है; भविष्य में ये संबंध काम आ सकते हैं।
  • सोशल मीडिया और डिजिटल उपकरणों पर बिताए जाने वाले समय को नियंत्रित करें, ताकि आप अपनी पढ़ाई या काम पर बेहतर ध्यान दे सकें।
  • अगर किसी विषय में संदेह हो या कोई समस्या आ रही हो, तो अपने शिक्षकों या बड़ों से सलाह लेने में संकोच न करें।
  • अपनी रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए किसी नई हॉबी या स्किल को सीखने का प्रयास करें, यह आपको मानसिक शांति देगा।

यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। आपके व्यक्तिगत ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार इसमें भिन्नता हो सकती है।

आपका दिन शुभ और मंगलमय हो! सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें।



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खबर हटके- चोरी करने फ्लाइट से आए चोर: बच्चों को ज्यादा होमवर्क पर रोक; पाइप के सहारे 26वीं मंजिल से उतरी 89 साल की महिला


गुजरात के अहमदाबाद में फ्लाइट से चोरी करने आने वाले चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं, चीन में बच्चों को ज्यादा होमवर्क देने पर रोक लगा दी गई है। उधर, चीन के ही बीजिंग में 89 साल की महिला पाइप के सहारे 26वीं मंजिल से नीचे उतर गई।

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आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें…

khabar hatke 10 april 1775835135
khabar hatke 25 march7 1775830229
khabar hatke 10 april2 1 1775834947
khabar hatke 25 march8 1775830240
khabar hatke 10 april5 1775834964
khabar hatke 25 march9 1775830251
khabar hatke 10 april4 1775835043
khabar hatke 25 march10 1775830261
khabar hatke 10 april3 1775835061

तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ…

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US-Iran Talk: कतर और अन्य देशों मे पड़े ईरानी फंड्स को अनफ्रीज करने को तैयार अमेरिका, जानिए क्या ताजा अपडेट


अमेरिका कतर में ईरान की छह अरब डॉलर की संपत्ति अनफ्रीज करने को तैयार हो गया है। ईरानी सूत्रों के अनुसार अमेरिका कतर और अन्य देशों में रखे ईरानी फंड को अनफ्रीज करने पर सहमत हो गया है। दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत चल रही है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका कतर और अन्य विदेशी बैंकों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्ति को जारी करने पर सहमत हो गया है। एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे वाशिंगटन की ओर से समझौते तक पहुंचने की दिशा में ‘गंभीरता’ के संकेत के रूप में बताया है। यह कदम न केवल संकटग्रस्त ईरानी अर्थव्यवस्था के लिए राहत ला सकता है, बल्कि वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के कूटनीतिक प्रयासों से भी सीधा जुड़ा हुआ है। पूरे घटनाक्रम की आर्थिक-सामरिक महत्व को नीचे सवाल-जवाब के नजरिए से समझें।

सवाल: अमेरिका ईरान की कितनी संपत्ति को अनफ्रीज कर रहा है और इसका मतलब क्या है?

जवाब: सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने कतर के बैंकों में रखी ईरान की लगभग छह अरब डॉलर की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करने पर सहमति दी है। यह कदम इस्लामाबाद वार्ता में एक सकारात्मक माहौल बनाने की रणनीति का हिस्सा है। मुख्य रूप से इस फंड की रिहाई को ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ के माध्यम से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने की शर्त से जोड़ा गया है, जो इस वार्ता का एक प्रमुख मुद्दा रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस घटनाक्रम पर अब तक अमेरिका या कतर के विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।

सवाल: यह भारी-भरकम फंड कहां से आया और इसे पहली बार कब फ्रीज किया गया था?

जवाब: यह धनराशि मूल रूप से ईरान द्वारा दक्षिण कोरिया को बेचे गए कच्चे तेल की बिक्री से जुड़ी है। 2018 में, जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हुए समझौते को रद्द कर दिया था और ईरान पर कड़े प्रतिबंध फिर से लगा दिए थे, तब यह संपत्ति दक्षिण कोरियाई बैंकों में ब्लॉक हो गई थी। 

सवाल: दक्षिण कोरिया के बैंकों से यह संपत्ति कतर तक कैसे पहुंची?

जवाब: सितंबर 2023 में कतर (दोहा) की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच एक कैदियों की अदला-बदली से जुड़ा समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत, अमेरिका में कैद पांच ईरानियों और ईरान में कैद पांच अमेरिकी नागरिकों की रिहाई पर सहमति बनी थी। इसी समझौते के हिस्से के रूप में इस फंड को दक्षिण कोरिया से कतर के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था।

सवाल: 2023 में इस संपत्ति को दोबारा फ्रीज करने की नौबत क्यों आई?

जवाब: यह छह बिलियन डॉलर का फंड 2023 में जारी किया जाना तय हुआ था। लेकिन 7 अक्तूबर 2023 को इस्राइल पर ईरान के सहयोगी फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास द्वारा किए गए हमलों के बाद, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन ने इसे फिर से फ्रीज कर दिया था। अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया था कि ईरान निकट भविष्य में इस पैसे तक नहीं पहुंच पाएगा और वाशिंगटन के पास इस खाते को पूरी तरह से फ्रीज रखने का अधिकार सुरक्षित है।

सवाल: अनफ्रीज होने के बाद, क्या ईरान इस पैसे का इस्तेमाल अपनी मर्जी से कर सकेगा?

जवाब: नहीं, इस फंड के इस्तेमाल पर बेहद सख्त पाबंदियां लागू हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह धनराशि केवल ‘मानवीय उपयोग’ तक सीमित रहेगी। ईरान इस पैसे को सीधे तौर पर नहीं निकाल सकता; इसके बजाय यह फंड अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की निगरानी में अनुमोदित विक्रेताओं को भोजन, दवा, चिकित्सा उपकरण और कृषि वस्तुओं की खरीद के लिए चुकाया जाएगा, जिन्हें ईरान में भेजा जाएगा।

सवाल: अब आगे क्या?

जवाब: कतर में ईरानी संपत्ति का अनफ्रीज होना कूटनीतिक मोर्चे पर एक बड़ा कदम है। इस्लामाबाद वार्ता के नतीजे और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा इस कदम की अंतिम सफलता तय करेंगे। इसके साथ ही, ईरान वर्तमान में एक गंभीर आंतरिक नेतृत्व संकट से भी जूझ रहा है यह देखना बेहद अहम होगा कि अमेरिकी ट्रेजरी की कड़ी निगरानी के बीच, इन मानवीय वस्तुओं की आपूर्ति से ईरान के आम नागरिकों और वहां की चरमराती अर्थव्यवस्था को कितनी वास्तविक राहत मिल पाती है।





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12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे: UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर




चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इसके पूरा होने के बाद 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कम हुए हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाता करीब 51 करोड़ थे। फाइनल लिस्ट के बाद यह संख्या 44.92 करोड़ रह गई। SIR के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा समेत पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई है। उत्तर प्रदेश में SIR की फाइनल लिस्ट में वोटर्स 13% घटकर 13.39 करोड़ रह गए हैं। यानी 2.04 करोड़ नाम कट गए हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में भी करीब 91 लाख नाम बाहर हुए। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को देशभर में SIR कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हुए। पहले फेज में बिहार, दूसरे में 9 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे। असम में SIR के बजाय 10 फरवरी को स्पेशल रिवीजन पूरा हुआ था। इस प्रक्रिया के दौरान कई राज्यों में शेड्यूल में बार-बार बदलाव हुए। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों ने इसे चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ शामिल किए जा चुके हैं। बाकी 39 करोड़ को तीसरे फेज में 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। इन 22 राज्यों-UT में प्रक्रिया इस महीने पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद शुरू होगी। चुनावी राज्य बंगाल में SIR के बाद 90.83 लाख नाम हटे पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 91 लाख नाम हटाए गए। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई। 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक SIR शुरू होने के बाद 63.66 लाख नाम हटाए गए थे। इससे मतदाता 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गए। बाद में कुल हटाए गए नाम बढ़कर करीब 90.83 लाख हो गए। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।



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12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे: UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर




चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इसके पूरा होने के बाद 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कम हुए हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 51 करोड़ थी। फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद यह संख्या 44.92 करोड़ रह गई है। SIR के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा समेत पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई है। यूपी में शुक्रवार को जारी हुई SIR की फाइनल लिस्ट में वोटर्स की संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ हो गई है। यानी लिस्ट में 2.04 करोड़ नाम कटे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख वोटर्स के नाम फाइनल लिस्ट से बाहर हुए हैं। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के पहले फेज में बिहार में SIR कराया गया था। वहीं असम में SIR के बजाय 10 फरवरी को स्पेशल रिवीजन पूरा किया गया था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कई राज्यों में शेड्यूल में बार-बार बदलाव हुए। बिहार की तरह तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को SIR के तीसरे फेज 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। इन 22 राज्यों-UT में SIR प्रक्रिया इस महीने पांच विधानसभा चुनावों के बाद शुरू की जाएगी। चुनावी राज्य बंगाल में SIR के बाद 90.83 लाख नाम हटे पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई है, आयोग के 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक, SIR शुरू होने के बाद 63.66 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई। बाद में जांच और प्रक्रिया पूरी होने के साथ कुल हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर करीब 90.83 लाख हो गई है। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।



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Systematix: बढ़ती लागत व बदलते विकल्पों के बीच उपभोक्ता बाजार में मिला-जुला रुझान, जानिए रिपोर्ट में क्या दावा


ब्रोकरेज फर्म सिस्टेमैटिक्स की एक हालिया रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, आने वाली तिमाहियों में कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी (उपभोक्ताओं पर आधारित) सेक्टर को विकास और चुनौतियां दोनों का सामना करना पड़ सकता है। उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं, कच्चे माल (इनपुट) की बढ़ती लागत और विनियामक दबावों के कारण इस सेक्टर की विकास दर और मुनाफे पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। 

आभूषण और परिधान क्षेत्र में मजबूत बढ़त

वित्तीय वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही में इस सेक्टर में कुल मिलाकर अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। यह मुख्य रूप से वैल्यू अपैरल (किफायती परिधान) रिटेल, प्रीमियम फैशन और आभूषणों के मजबूत प्रदर्शन से प्रेरित था।


  • आभूषण: सोने की कीमतों में महंगाई, शादियों की मांग और त्योहारी खरीदारी के दम पर इस क्षेत्र ने असाधारण वृद्धि देखी है। हालांकि, उत्पाद मिश्रण में बदलाव के कारण मार्जिन में थोड़ी नरमी आ सकती है। सिस्टेमैटिक्स ने कहा, ” वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में आभूषण उद्योग ने उल्लेखनीय लचीलापन और मजबूत विकास गति का प्रदर्शन किया है, जिसमें सोने की कीमतों में भारी अस्थिरता के बावजूद उपभोक्ता मांग मजबूत रही है”।

  • परिधान: वैल्यू अपैरल खुदरा विक्रेताओं ने नए स्टोर के विस्तार और समान-स्टोर बिक्री में सुधार के माध्यम से मजबूत वृद्धि हासिल की। इसके साथ ही प्रीमियम ब्रांडों ने भी अपनी निरंतर गति बनाए रखी है। 

क्यूएसआर और बेवरेजेज: मार्जिन पर दबाव और अस्थिर मांग



अन्य उपभोक्ता खंडों में रिकवरी के संकेत तो हैं, लेकिन चुनौतियां भी बरकरार हैं:


  • क्विक सर्विस रेस्तरां: इस सेक्टर ने रिकवरी के शुरुआती संकेत दिए हैं, लेकिन मांग में अस्थिरता और एलपीजी (एलपीजी) आपूर्ति से संबंधित व्यवधानों के कारण मार्जिन लगातार दबाव में है। हालांकि कच्चे माल की स्थिर कीमतों के कारण ग्रॉस मार्जिन स्वस्थ रहा, लेकिन भारी छूट (डिस्काउंटिंग) और नकारात्मक परिचालन लीवरेज के कारण रेस्तरां का मुनाफा प्रभावित हुआ है।

  • अल्कोहलिक-बेवरेज: इस सेगमेंट में मिला-जुला प्रदर्शन रहा। नए उत्पादों के लॉन्च से ‘प्रेस्टीज एंड अबव’ सेगमेंट में दहाई अंकों की मजबूत वॉल्यूम वृद्धि देखी गई और इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल) कंपनियों ने ग्रोथ का नेतृत्व किया। इसके विपरीत, बीयर सेगमेंट का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। 

चुनौतियां: इनपुट लागत और मार्जिन पर उभरता जोखिम

रिपोर्ट के अनुसार, खुदरा विस्तार विभिन्न क्षेत्रों में आक्रामक रहा है, जिससे राजस्व वृद्धि को तो समर्थन मिला है, लेकिन उच्च परिचालन लागत के कारण निकट अवधि की लाभप्रदता पर असर पड़ा है। भारी छूट और कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण मार्जिन पर दबाव स्पष्ट रूप से उभर रहा है। पैकेजिंग सामग्री की बढ़ती लागत और एल्को-बेवरेज सेगमेंट में विनियामक चुनौतियां भी प्रमुख अड़चनें हैं।



परिधान क्षेत्र के लिए चेतावनी देते हुए सिस्टेमैटिक्स ने कहा, “पॉलिएस्टर की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण परिधान कंपनियों को संभावित मार्जिन दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जिसका असर 1QFY27 से नतीजों पर पड़ सकता है, जब तक कि इन लागतों का बोझ उपभोक्ताओं पर न डाला जाए”।

टियर-2 और टियर-3 शहर बनेंगे ग्रोथ इंजन

इन तमाम चुनौतियों के बीच, कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी सेक्टर की विकास गति जारी रहने की उम्मीद है। उपभोक्ता व्यवहार में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है; टियर-2 और टियर-3 शहरों में ‘वन-स्टॉप शॉप्स’ तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, जो किफायती कीमतों पर विस्तृत रेंज पेश करते हैं। 



भविष्य के दृष्टिकोण से, ब्रोकरेज ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया में चल रहा भू-राजनीतिक संघर्ष खपत के लिए जोखिम पैदा करता है। वर्तमान मांग रिकवरी की स्थिरता बनाए रखने के लिए यह एक प्रमुख कारक है, जिस पर आगे कड़ी नजर रखने की आवश्यकता होगी।





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Shiprocket: D2C ब्रांड्स बन रहे राष्ट्रीय खिलाड़ी, जानिए कैसे शिपरॉकेट से छोटे उद्योगों को मिल रही पहचान


भारत में ई-कॉमर्स का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब यह केवल महानगरों और बड़े मार्केटप्लेस तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सूरत, लखनऊ, कोच्चि और रायपुर जैसे शहरों के छोटे और मझोले ब्रांड्स भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। ये ब्रांड्स अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे ग्राहकों तक पहुंच बनाते हुए डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) मॉडल को तेजी से अपना रहे हैं।

क्या है शिपरॉकेट?

इस बदलाव के केंद्र में Shiprocket (शिपरॉकेट) एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है। यह प्लेटफॉर्म एमएसएमई कंपनियों (छोटे और मझोले उद्योग) के लिए एंड-टू-एंड ई-कॉमर्स समाधान उपलब्ध कराता है, जिसमें शिपिंग, फुलफिलमेंट, चेकआउट और पोस्ट-ऑर्डर मैनेजमेंट जैसी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलती हैं।

उद्योग से जुड़े हालिया अध्ययनों के अनुसार, छोटे और लघु उद्योग पहले से ही देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान दे रहे हैं और आने वाले समय में ऑनलाइन रिटेल ग्रोथ में उनकी हिस्सेदारी और बढ़ने की संभावना है। खासकर D2C वर्ग पारंपरिक मार्केटप्लेस की तुलना में अधिक तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें गैर-मेट्रो शहरों का योगदान उल्लेखनीय है।

एमएसएमई कंपनियों के सामने कई चुनौतियां

रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ रहे हैं। वहीं, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए सोशल और चैट कॉमर्स एक नए बाजार के रूप में उभर रहा है, जहां लोकल बुटीक, क्षेत्रीय फूड ब्रांड्स और किराना स्टोर्स सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, MSMEs को कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। उच्च शिपिंग लागत, विभिन्न सेवा प्रदाताओं के बीच समन्वय की कमी, मल्टीपल कूरियर पार्टनर्स और पेमेंट गेटवे का प्रबंधन, रिटर्न और रिकॉन्सिलिएशन की जटिलताएं छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी बाधाएं हैं। साथ ही, अधिकांश छोटे व्यवसायों के पास तकनीकी टीम रखने की क्षमता भी सीमित होती है।

शिपरॉकेट ऐसे कर रहा एमएसएमई कंपनियों की मदद

इन समस्याओं के समाधान के रूप में Shiprocket ने एक सरल और प्रभावी प्लेटफॉर्म विकसित किया है। यह कई कूरियर पार्टनर्स को एक ही इंटरफेस में जोड़ता है, जिससे व्यापारी हर ऑर्डर के लिए कीमत, डिलीवरी समय और रेटिंग की तुलना कर सकते हैं। इसके फुलफिलमेंट सेंटर और यूनिफाइड कॉमर्स सिस्टम ऑनलाइन और ऑफलाइन चैनलों को जोड़ते हैं, जिससे लोकल स्टोर का स्टॉक भी ऑनलाइन ऑर्डर पूरा कर सकता है।

इसके अलावा, शिपरॉकेट का क्रॉस-बॉर्डर समाधान भारतीय व्यापारियों को 100 से अधिक देशों में अपने उत्पाद भेजने की सुविधा देता है। इस तरह, सेलम के साड़ी ब्रांड से लेकर भोपाल के स्नैक निर्माता तक, शिपरॉकेट अब केवल एक सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि एक रणनीतिक साझेदार के रूप में उभरकर सामने आया है, जो क्षेत्रीय D2C ब्रांड्स को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचने में सक्षम बना रहा है।



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उत्तराखंड पुलिस ने पाकिस्तानी आतंकवादी के लिए जासूसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।


India

-Oneindia Staff

उत्तराखंड पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो पाकिस्तान स्थित आतंकवादी के साथ मिलकर काम करने का आरोपी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने बताया कि 29 वर्षीय विक्रांत कश्यप ने कथित तौर पर देहरादून में सरकारी और रक्षा प्रतिष्ठानों के स्थान विवरण और तस्वीरें पाकिस्तान में अपने हैंडलर्स को भेजी थीं।

 देहरादून में जासूसी के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार

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एसएस पी सिंह के अनुसार, कश्यप कथित तौर पर इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) एजेंट और पाकिस्तानी आतंकवादी शहजाद भट्टी के निर्देशों पर काम कर रहा था। यह गिरफ्तारी गुरुवार शाम को प्रीमनगर इलाके में विशिष्ट खुफिया इनपुट के बाद हुई। अधिकारियों ने कश्यप के कब्जे से एक .32-बोर पिस्तौल, सात जिंदा कारतूस और स्प्रे पेंट का एक कैन जब्त किया।

कश्यप पाकिस्तान स्थित भट्टी और अन्य हैंडलर्स के साथ इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क में था। पूछताछ के दौरान, उसने स्वीकार किया कि वह दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का प्रशंसक था और भट्टी से जुड़कर उसकी हत्या का बदला लेना चाहता था। मूसेवाला की मई 2022 में पंजाब के मनसा जिले में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

आरोपित गतिविधियाँ

एसएसपी ने खुलासा किया कि कश्यप ने देहरादून में पुलिस मुख्यालय और अंतर-राज्यीय बस टर्मिनस (आईएसबीटी) जैसे प्रमुख स्थानों की तस्वीरें और वीडियो अपने हैंडलर्स को भेजी थीं। उसे कथित तौर पर इन साइटों पर विस्फोटक लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसके अतिरिक्त, कश्यप को देहरादून में महत्वपूर्ण इमारतों पर “तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान” स्प्रे पेंट करने और इन कृत्यों के वीडियो रिकॉर्ड करने का निर्देश दिया गया था।

भविष्य की योजनाएं

एसएसपी सिंह के अनुसार, कश्यप, जो 2024-2025 के दौरान पंजाब के नाभा में रहता था, को उसके हैंडलर्स ने नेपाल के रास्ते उसे दुबई भेजने की योजनाओं के बारे में सूचित किया था। उसके मोबाइल फोन से संवेदनशील जानकारी प्राप्त की गई है।

With inputs from PTI

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उत्तराखंड में राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं गणना के साथ जनगणना 2027 का शुभारंभ हुआ।


India

-Oneindia Staff

शुक्रवार को उत्तराखंड में जनगणना 2027 का उद्घाटन चरण शुरू हुआ, जिसमें राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं-गणना सुविधा के माध्यम से अपने विवरण डिजिटल रूप से दर्ज किए। डिजिटल इंडिया के हिस्से के रूप में, यह पहल नागरिकों को जनगणना अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने से पहले ऑनलाइन अपनी जानकारी इनपुट करने की अनुमति देती है।

 उत्तराखंड की जनगणना 2027 की शुरुआत स्व-गणना के साथ हुई।

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अधिकारियों ने घोषणा की है कि स्वयं-गणना का विकल्प 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक उपलब्ध रहेगा। इस अवधि के बाद, 25 अप्रैल से 24 मई तक, जनगणना कर्मी डेटा एकत्र करने के लिए घरों का दौरा करेंगे। राज्यपाल ने राज्य के विकास के लिए एक मूलभूत तत्व के रूप में जनगणना के महत्व पर जोर दिया, और सटीक डेटा संग्रह के लिए नागरिकों से सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री धामी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि राज्य सरकार के लिए प्रभावी नीतियों को तैयार करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि लाभ राज्य के हर कोने तक पहुंचे, सटीक जनगणना डेटा महत्वपूर्ण है। उन्होंने निवासियों से अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जनगणना शुभंकर ‘प्रगति’ और ‘विकास’ के साथ सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।

राज्य के जनगणना मंत्री मदन कौशिक ने भी स्वयं-गणना सुविधा का उपयोग किया और नागरिकों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रयास में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आग्रह किया। इस प्रारंभिक चरण के दौरान, निवासी अपने घरों की स्थिति, बिजली और पानी जैसी सुविधाओं और संपत्ति के विवरण के बारे में 33 प्रश्नों का उत्तर देंगे।

स्वयं-गणना में भाग लेने वालों को एक अद्वितीय एसई आईडी (SE ID) प्राप्त होगी, जिसे उन्हें अपने आगमन पर गणकों को प्रदान करना होगा। इस प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए पूरे उत्तराखंड में लगभग 30,000 गणक और पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।

डेटा संग्रह समय-सीमा

स्वयं-गणना चरण 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक निर्धारित है, जो निवासियों को डिजिटल रूप से अपनी जानकारी जमा करने के लिए एक अवसर प्रदान करता है। इसके बाद, 25 अप्रैल से 24 मई तक, गणक सीधे परिवारों से डेटा एकत्र करने के लिए घर-घर जाकर दौरा करेंगे।

इस दोहरे दृष्टिकोण का उद्देश्य निवासियों को अपनी जानकारी ऑनलाइन पूर्व-पंजीकृत करने की अनुमति देकर डेटा संग्रह को सुव्यवस्थित करना और सटीकता को बढ़ाना है। यह पहल डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत पारंपरिक जनगणना विधियों में प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम को दर्शाती है।

With inputs from PTI



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हरियाणा के मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम के अस्पताल में 33% सीटें और बिस्तर आरक्षित करने की घोषणा की।


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-Oneindia Staff

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गुरुग्राम में आगामी श्री शीतला माता देवी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हरियाणा के छात्रों और निवासियों के लिए 150 एमबीबीएस सीटों का 33 प्रतिशत और 850 बिस्तरों का आवंटन किया जाए। इन आरक्षित सीटों के लिए शुल्क अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों के अनुरूप होगा, जिससे सस्ती शिक्षा सुनिश्चित होगी।

 हरियाणा ने अस्पतालों में सीटें और बिस्तर आरक्षित किए हैं।

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यह निर्देश पीपीपी मॉडल के तहत परियोजना के संचालन और रखरखाव पर केंद्रित कैबिनेट उप-समिति की बैठक के दौरान जारी किया गया। बैठक में उद्योग और वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, विरासत और पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आरती सिंह राव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

सैनी ने जोर दिया कि आरक्षित अस्पताल बिस्तरों पर रोगियों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलना चाहिए, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जा सके। उन्होंने गुरुग्राम की स्वास्थ्य सेवा पहचान को बढ़ाने के उद्देश्य से संस्थान के विकास में अंतरराष्ट्रीय मानकों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव, सुमिता मिश्रा ने बताया कि संस्थान गुरुग्राम के सेक्टर-102ए, खेड़की माजरा में 30.75 एकड़ में बनाया जा रहा है। निर्माण 1 अप्रैल, 2022 को शुरू हुआ था, जिसका लक्ष्य 31 अगस्त, 2026 तक पूरा करना है। 679.08 करोड़ रुपये की परियोजना लागत में से लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

बुनियादी ढांचे का विकास गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए), नगर निगम गुरुग्राम और श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड द्वारा 50:45:5 के अनुपात में किया जा रहा है। जीएमडीए को निष्पादक एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। संस्थान का संचालन 31 अक्टूबर, 2026 तक एक सफल बोली लगाने वाले को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

भविष्य की योजनाएं

सैनी ने अधिकारियों को गुरुग्राम में प्रत्येक 100 से 150 बिस्तरों की क्षमता वाले तीन से चार अतिरिक्त अस्पतालों के प्रस्तावों का मसौदा तैयार करने का भी निर्देश दिया। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र की बढ़ती आबादी की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा करना है।

With inputs from PTI

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