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Social Media Banned: कर्नाटक-आंध्र प्रदेश में नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया बैन, आपके राज्य में क्या हैं नियम?


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Social media Banned for Minors: बच्चों में बढ़ते सोशल मीडिया एडिक्शन के मद्देनजर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश सरकार ने ब़़ड़े फैसले लिए हैं। कर्नाटक सरकार 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने जा रही है, यह घोषणा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने बजट भाषण के दौरान की।

उन्होंने कहा कि ‘बच्चों की मानसिक सेहत, सीखने की क्षमता और डिजिटल लत को देखते हुए कड़े नियम जरूरी हो गए हैं इसलिए 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल प्लेटफार्म से दूर रखने का प्रस्ताव रखा गया है।’ सरकार का मानना है कि इससे बच्चों में डिजिटल एडिक्शन, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन फ्रॉड के खतरे कम होंगे।

Social Media Banned

इससे पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया यूज पर पाबंदी की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ‘बच्चों की इससे मेंटल हेल्थ खराब हो रही है इसलिए ये फैसला लिया गया है और इस फैसले को अगले 90 दिनों में अलग-अलग चरणों में लागू किया जाएगा।’

Social Media Banned for Minors: सोशल मीडिया के लिए सख्त हुए राज्य

भारत में अभी तक राष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया के लिए सख्त आयु प्रतिबंध कानून नहीं है, लेकिन कुछ नियम हैं, जिनका पालन करन बहुत ज्यादा जरूरी है जो कि निम्नलिखित हैं और हर किसी को ये जानना बहुत जरूरी है।

  • भारत में सोशल मीडिया के लिए मुख्य नियम केंद्र सरकार के ‘आईटी नियम 2021’ और ‘भारतीय न्याय संहिता 2023’ के तहत तय होते हैं, जिनका उद्देश्य अश्लीलता, नफरत और मानहानि पर रोक लगाते हैं।
  • इसी नियम के तहत 13 साल से कम उम्र के बच्चों को अकाउंट नहीं बनाना चाहिए।
  • डेटा प्रोटेक्शन और आईटी नियमों के तहत बच्चों के डेटा के लिए अभिभावक की अनुमति जरूरी हो सकती है।
  • केंद्र सरकार भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए नए नियमों पर विचार कर रही है।

Social Media Rules:गोवा-महाराष्ट्र उठा सकते हैं बड़ा कदम

गोवा सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की संभावना पर विचार कर रही है लेकिन अभी तक इस बारे में कोई निर्णय लिया नहीं गया है। तो वहीं महाराष्ट्र सरकार भी इस बारे में बड़ा कदम उठा सकती है, उसने हाल ही में एक टास्क फोर्स बनाई है जो बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर उम्र आधारित नियम सुझाएगी, सरकार इस बारे में जल्द ऐलान कर सकती है।

राजस्थान विधानसभा में उठा Social Media का मुद्दा

तो वहीं हाल ही में राजस्थान विधानसभा में बच्चों में बढ़ती डिजिटल लत को लेकर चिंता जताई गई है, उम्र के हिसाब से सोशल मीडिया नियम बनाने की मांग उठी है।

मद्रास हाईकोर्ट ने Social Media प्लेटफार्म पर दिया ये सुझाव

बीते फरवरी माह में ही मद्रास हाईकोर्ट ने सुझाव दिया था कि बच्चों को सोशल मीडिया से बचाने के लिए 16 साल से कम उम्र पर प्रतिबंध जैसे कानून पर विचार किया जाए, हालांकि अभी इस पर कोई कानून बना नहीं है।

Social media Banned for Minors: क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

लखनऊ निवासी और बाल मनोरोग विशेष्ज्ञ डॉ पूनम पांडे ने वनइंडिया हिंदी से खास बतचीत में कहा कि ‘सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल बच्चों पर गलत प्रभाव डालता है लेकिन आज के युग में हम उन्हें एकदम से इस साधन से दूर नहीं कर सकते हैं इसलिए इसका नियंत्रित इस्तेमाल जरूरी है और इसके लिए माता-पिता को सबसे पहले कदम उठाने पड़ेंगे।’

डॉ पूनम ने कहा कि ‘पैरेंटस को ये देखना चाहिए कि उनका बच्चा जो स्क्रीन पर ज्यादा समय व्यतीत कर रहा है, आखिर वो वहां देख क्या रहा है, 13-15 वर्ष के बच्चे अगरसोशल मीडिया का प्रयोग कर रहे हैं को ये वो माता-पिता की निगरानी में करें क्योंकि वो उन्हें सही मार्गदर्शन दे पाएंगे और सही-गलत का फर्क बतापाएंगे।’



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UPSC सिविल सर्विस 2025 फाइनल रिजल्‍ट जारी: राजस्‍थान के अनुज अग्निहोत्री टॉपर, 958 कैंडिडेट्स क्‍वालिफाई; टॉप 10 में 3 लड़कियां


1 मिनट पहले

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AIR 1 अनुज अग्रवाल राजस्‍थान के कोटा के रहने वाले हैं।

UPSC ने सिविल सर्विस एग्‍जाम 2025 का फाइनल रिजल्‍ट जारी कर दिया है। राजस्‍थान के कोटा के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया टॉप किया है। 958 कैंडिडेट्स अलग-अलग सर्विसेज के लिए क्‍वालिफाई हुए हैं। पूरा रिजल्‍ट ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर उपलब्‍ध है।

180 कैंडिडेट्स IAS के लिए चयनित

जारी रिजल्‍ट में कुल 180 कैंडिडेट्स IAS के लिए चयनित हुए हैं। कैटेगरी वाइज डिटेल्‍स इस तरह हैं।

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कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in और upsconline.nic.in पर विजिट कर फाइनल मेरिट लिस्‍ट चेक कर सकते हैं।

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27 फरवरी को खत्‍म हुए इंटरव्यू

UPSC सिविल सर्विस 2026 प्रीलिम्‍स परीक्षा 25 मई 2025 को आयोजित की गई थी। इसके बाद मेन्‍स एग्‍जाम 22 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक आयोजित किया गया। चयनित उम्‍मीदवारों के लिए पर्सनैलिटी टेस्ट या इंटरव्यू, 27 फरवरी 2026 को खत्‍म हुए थे।

इसी साल बदले IAS-IPS कैडर एलोकेशन रूल्‍स

भारत सरकार ने UPSC कैडर अलॉटमेंट के लिए 2017 से चली आ रही ‘जोन सिस्टम’ की व्यवस्था को खत्म कर दिया है। इसकी जगह नई ‘कैडर एलोकेशन पॉलिसी 2026’ लागू कर दी गई है। इसके तहत अब ‘साइकिल सिस्टम’ के जरिए अफसरों के कैडर का बंटवारा होगा। ये पॉलिसी इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS), इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFoS) के लिए चयनित उम्‍मीदवारों पर लागू होगी।

जियोग्राफिकल जोन को खत्‍म कर नए ग्रुप्‍स बनाए

UPSC ने अब तक सभी स्‍टेट और UTs के कुल 25 कैडर बनाए थे। इन्‍हें जियोग्राफिकली 5 जोन में बांटा गया था- नॉर्थ, वेस्ट, साउथ, सेंट्रल और ईस्ट। UPSC मेन्‍स क्लियर करने के बाद कैंडिडेट्स DAF II फॉर्म भरते थे जिसमें पहले जोन और फिर स्‍टेट प्रिफरेंस चुनने का मौका मिलता था। एक बार जिस स्‍टेट में ऑफिसर की नियुक्ति होती है, परमानेंट उसी स्टेट में काम करना होता है। इसे ही कैडर कहते हैं।

नई नीति में सभी 25 कैडरों को वर्णानुक्रम यानी अल्फाबेटिकल ऑर्डर (A, B, C….Z) में अरेंज कर 4 ग्रुप्स में डिवाइड किया गया है:

ग्रुप-I: AGMUT (दिल्ली/केंद्र शासित प्रदेश), आंध्र प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़

ग्रुप-II: गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश

ग्रुप-III: महाराष्ट्र, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु

ग्रुप-IV: तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल

पुराने सिस्टम में मान लीजिए अगर कैंडिडेट ने नॉर्थ जोन के हरियाणा कैडर को प्रेफरेंस दिया। ऐसे में प्रॉबेबिलिटी रहती थी कि कैंडिडेट को अगर हरियाणा नहीं भी मिलता था तो राजस्थान या उत्तर प्रदेश मिल जाता था। लेकिन नए सिस्टम में एक जोन के भीतर अल्फाबेटिकली अरेंज स्टेट होते हैं। इसका मतलब H- हरियाणा, J-झारखंड और K- केरल एक जोन में होंगे। ऐसे में नियुक्ति हरियाणा के अलावा झारखंड, कर्नाटक और केरल भी मिल सकता है।

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भारत सरकार ने UPSC कैडर अलॉटमेंट के लिए 2017 से चली आ रही ‘जोन सिस्टम’ की व्यवस्था को खत्म कर दिया है। इसकी जगह नई ‘कैडर एलोकेशन पॉलिसी 2026’ लागू कर दी गई है। पूरी खबर पढ़ें…

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अजित पवार प्लेन क्रैश मामला: भतीजे रोहित का सवाल- CID ने VSR के मालिक से पूछताछ की या मेहमाननवाजी की, अभी तक FIR क्यों नहीं


पुणे4 घंटे पहले

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26 फवरी को अजित पवार के दोनों भतीजे विधायक रोहित पवार और योगेंद्र पवार ने पुलिस से मुलाकात की।

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले में अजित के भतीजे रोहित पवार ने महाराष्ट्र सीआईडी की जांच पर सवाल खड़े किए। शुक्रवार को उन्होंने X पोस्ट में लिखा, ‘CID ने विमान कंपनी VSR के मालिक सिंह से पूछताछ की या उनकी मेहमाननवाजी की है।’

सीआईडी ने एक दिन पहले वी.के सिंह से 28 जनवरी को हुए बारामती प्लेन क्रैश मामले में पूछताछ की थी। अधिकारियों ने कहा था कि सिंह से सुबह 11 बजे से शाम 7.30 बजे तक पूछताछ की गई थी। इस दौरान उनका बयान भी रिकॉर्ड किया गया था।

रोहित ने आरोप लगाते हुए लिखा- सीआईडी का ज्यादा समय सिंह से पूछताछ से ज्यादा उनकी देखभाल में बीता। रात में वीके सिंह को काले शीशे वाली पुलिस गाड़ी में मेहमान की तरह ले जाया गया। इतने बड़े हादसे के बावजूद अबतक FIR दर्ज नहीं की गई है। उल्टा मीडिया और मेरे साथ बुरा बर्ताव किया।

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रोहित का आरोप- सिंह को VIP ट्रीटमेंट मिला

रोहित पवार ने कहा कि वीएसआर कंपनी के मालिक वी.के सिंह सीआईडी के सामने पेश हुए। उस व्यक्ति को सिक्योरिटी गार्ड ने घेर रखा था। सिंह को सीआईडी ​​कार्यालय में नाश्ता कराया गया, लंच कराया गया। यहां तक ​​कि क्रिकेट मैच भी दिखाया गया। यह दुखद है कि किसी को इस तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।

रोहित ने लिखा कि सच को छिपाने के लिए चाहे कितने भी पर्दे डाल दिए जाएं, सच्चाई का सूरज एक दिन जरूर उगेगा। दरअसल, 28 जनवरी की सुबह महाराष्ट्र के बारामती में VSR कंपनी का लियरजेट 45 एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया था। हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की डेथ हुई थी।

रोहित ने शिंदे-सुनेत्रा पवार से मुलाकात की

NCP-SCP के विधायक रोहित पवार ने अजित पवार प्लेन क्रैश मामले में राज्य के दोनों डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार (अजित पवार की पत्नी) से मुलाकात की। रोहित ने इस मामले में जांच की मांग की है। रोहित राज्य के सीएम देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात कर चुके हैं।

रोहित का कहना है कि अगर VSR कंपनी एक विमान दुर्घटना में लापरवाही बरत रही है, तो वह दूसरे विमान दुर्घटना में भी लापरवाही बरत सकती है। क्या कोई यही कहना चाह रहा है कि उन्हें पता था कि अजीत पवार के विमान में लापरवाही बरती जा रही है। क्या इसके पीछे कोई साजिश थी। उनकी हत्या की योजना बनाई गई थी।

रोहित पवार ने कहा कि जय पवार और मैं भी मांग करते हैं कि वीएसआर कंपनी के सभी विमानों को रोक दिया जाए। ताकि अजीत पवार के मामले में जो हुआ, वह अन्य नेताओं के साथ न हो। हम वीएसआर के खिलाफ लड़ रहे हैं।

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सीबीआई प्रस्ताव क्यों नहीं स्वीकार रही

रोहित पवार ने कहा कि अजीत पवार की दुर्घटना के पीछे साजिश होने की बात कहने के बावजूद उचित जांच नहीं की गई। कहा जाता है कि सीबीआई को प्रस्ताव भेजा गया था। सुशांत सिंह के मामले में बिहार सरकार ने प्रस्ताव भेजा और सीबीआई ने दो दिन के भीतर उसे स्वीकार कर लिया, लेकिन महाराष्ट्र के नेता की मृत्यु हो गई। इस मामले में प्रस्ताव भेजे हुए 22 दिन हो चुके हैं, लेकिन इसे अभी तक क्यों नहीं स्वीकारा गया है? लोग सवाल उठा रहे हैं।

एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए

रोहित पवार ने कहा कि अजीत पवार को न्याय दिलाने के लिए उनके खिलाफ एक साधारण एफआईआर भी दर्ज नहीं की जा रही है। 2019 में घाटकोपर में हुए विमान हादसे में किरिट सोमैया के जाने के बाद एफआईआर दर्ज की गई थी।

उस एफआईआर और इस एफआईआर में कोई फर्क नहीं है, लेकिन अगर अजीतदादा के जाने के बाद पुलिस प्रशासन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं करता है तो हम क्या कहेंगे?

अगर सत्ता में बैठे लोगों के पास कुछ अधिकार हैं तो उन्हें कम से कम एफआईआर दर्ज कराने की अनुमति तो देनी चाहिए। अगर हम दिल्ली जाकर इस मामले में बड़े नेताओं से बात करें तो इससे निश्चित रूप से फायदा होगा।

बारामती प्लेन हादसे की एक तस्वीर, जिसमें प्लेन के मलबे के पास शव दिख रहा था।

बारामती प्लेन हादसे की एक तस्वीर, जिसमें प्लेन के मलबे के पास शव दिख रहा था।

1 मार्च: दावा-अजित का प्लेन क्रैश लैंडिंग से पहले पेड़ों से टकराया

एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने बारामती प्लेन क्रैश पर 22 पेज की प्राइमरी रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 28 जनवरी को मुंबई से बारामती जा रहे लियरजेट 45 XR एयरक्राफ्ट ने कम विजिबिलिटी के बावजूद रनवे पर लैंडिंग की।

रिपोर्ट के मुताबिक एयरक्राफ्ट पहले दायीं ओर मुड़ा, पेड़ों से टकराया और फिर जमीन पर गिर गया। इसके बाद उसमें आग लग गई। इस हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार और 4 और लोगों की मौत हो गई थी।

AAIB ने क्रैश साइट के पास के गांव में लगे CCTV फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि हादसे से पहले प्लेन दायीं ओर मुड़ा, पेड़ों और फिर जमीन से टकराया। इससे उसमें आग लग गई और पूरा कॉकपिट, केबिन जल गया।

पोस्ट-फ्लाइट चेक में कोई गड़बड़ी नहीं मिली थी

AAIB की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 27 जनवरी को प्लेन एक उड़ान पूरी करके मुंबई लौटा था। पोस्ट-फ्लाइट चेक के बाद टेक्नीशियन को उसमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली।

दरअसल, 26 जनवरी को VSR वेंचर्स के एयरक्राफ्ट VT-SSK ने मुंबई-सूरत-मुंबई सेक्टर के लिए एक चार्टर फ्लाइट ऑपरेट की थी। यह 27 जनवरी की रात 12.20 बजे मुंबई वापस आई।

अगले दिन यानि 28 जनवरी को इसी एयरक्राफ्ट को सुबह करीब 8.09 बजे टेक ऑफ क्लियरेंस दिया गया था।पुणे ATC के बाद, प्लेन सुबह 8.19 बजे बारामती टावर के संपर्क में आया। बाद में, कंट्रोलर ने पायलटों को बताया कि विजिबिलिटी 3 किलोमीटर थी।

हालांकि, एयरक्राफ्ट ने अप्रोच जारी रखा और बाद में गो-अराउंड किया। दूसरे अप्रोच के दौरान एयरक्राफ्ट ने फील्ड इन साइट की रिपोर्ट दी। बाद में बारामती टावर ने रनवे 11 के लिए लैंडिंग क्लियरेंस दिया।

बारामती टावर ने हवाओं के शांत होने की भी जानकारी दी। रनवे 11 के बाईं ओर क्रैश लैंड करने से पहले क्रू मेंबर को “ओह शिट… ओह शिट…” कहते हुए सुना गया था।

रिपोर्ट में 2 और दावे…

  • बारामती एयरपोर्ट पर अकेले रनवे की री-कारपेटिंग मार्च 2016 में की गई थी और रनवे की मार्किंग फीकी पड़ रही थी, साथ ही रनवे की सतह पर ढीली बजरी भी थी।
  • 61 साल के पायलट इन कमांड (PIC) को 28 जनवरी की फ्लाइट से पहले 34 घंटे का रेस्ट पीरियड मिला था, जबकि 25 साल के पायलट को 9 दिन और 15 घंटे का रेस्ट पीरियड मिला था।

लियरजेट 45 वीएसआर वेंचर्स का जेट है, मुख्यालय दिल्ली में

VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली स्थित एक नॉन-शेड्यूल्ड एयर ऑपरेटर कंपनी है। यह कंपनी प्राइवेट जेट चार्टर्ड, मेडिकल इवेक्युएशन (एयर एम्बुलेंस) और एविएशन कंसल्टेंसी का काम करती है। जिस लियरजेट 45XR विमान का बारामती में एक्सीडेंट हुआ, उसे 1990 के दशक में ‘सुपर-लाइट’ बिजनेस कैटेगरी के तहत बनाया गया था। इसे लग्जरी और तेज रफ्तार कॉर्पोरेट उड़ानों के लिए जाना जाता है।

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अजित पवार प्लेन क्रैश,भतीजे रोहित-योगेंद्र बारामती पहुंचे, FIR की मांग:बोले- VSR को बचाया जा रहा, DGCA-नागरिक उड्डयन मंत्रालय और CID की भूमिका पर शक

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महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले में अजित के दोनों भतीजे रोहित और योगेंद्र पवार गुरुवार सुबह बारामती पहुंचे। यहां दोनों ने बारामती ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचकर क्रैश मामले में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और एयरक्राफ्ट कंपनी VSR के खिलाफ एफआईआर की मांगी की। पूरी खबर पढ़ें…

अजित पवार के भतीजे का आरोप- प्लेन क्रैश बड़ी साजिश:दुर्घटना के समय कई धमाके हुए थे, विमान में पेट्रोल के डिब्बे रखे गए थे

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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने शनिवार को अजित पवार के प्लेन क्रैश पर फिर सवाल उठाए। उन्होंने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फेंस में स्क्रीन पर डेटा और फोटो दिखाए। पूरी खबर पढ़ें…

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इंदौर में दो पत्नियों के बीच मारपीट: पति को लेकर हुआ विवाद, महिला को पेट में लात मारकर किया घायल


Bhopal

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MP News: इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में पति को लेकर दो पत्नियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने दूसरी पर हाथापाई और लात-घूंसे से हमला कर दिया।

गीता नगर निवासी ताहेरा शाह ने अपने पति वारिस अली की दूसरी पत्नी साइना पर मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 (मारपीट), 117 (गंभीर चोट पहुंचाने की कोशिश) और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Indore Saina furious over her husband target Tahera kicking her in the stomach

फाइल फोटो

पुलिस के अनुसार, घटना गुरुवार को हुई। ताहेरा शाह अपने पति वारिस अली के साथ घर पर थीं। इसी दौरान साइना वहां पहुंच गई और वारिस अली के घर नहीं आने को लेकर विवाद करने लगी। ताहेरा ने पुलिस को बताया कि उसने साइना को समझाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी महिला भड़क गई और विवाद बढ़ गया। साइना ने ताहेरा के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की और उसके पेट में लात मार दी। इस दौरान घर में मौजूद वारिस अली और रिश्तेदार नाहिद ने बीच-बचाव किया, लेकिन मारपीट रुकने में समय लगा।

मारपीट में गंभीर रूप से घायल ताहेरा को तुरंत इलाज के लिए पहले जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया। एमवाय अस्पताल में पुलिस ने ताहेरा के बयान दर्ज किए। उसके आधार पर चंदन नगर थाना पुलिस ने साइना के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए। आरोपी महिला की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

पारिवारिक विवाद की जड़ क्या है?

पुलिस जांच में सामने आया है कि वारिस अली की दो शादियां हैं। ताहेरा पहली पत्नी हैं, जबकि साइना दूसरी पत्नी। दोनों के बीच पति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। साइना का आरोप है कि वारिस अली ज्यादातर समय ताहेरा के साथ रहते हैं, जिससे वह नाराज रहती है। वहीं ताहेरा का कहना है कि साइना बार-बार घर आकर विवाद करती है और अब उसने हिंसक रूप ले लिया है। पेट में लात मारने से ताहेरा को गंभीर चोटें आई हैं और वह अभी एमवाय अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टरों ने बताया कि चोट गंभीर है, लेकिन जान को खतरा नहीं है।

समाज में चर्चा और चिंता

यह घटना इंदौर में बहुविवाह और पारिवारिक विवादों के हिंसक रूप लेने की एक और मिसाल है। स्थानीय स्तर पर लोग कह रहे हैं कि ऐसे मामलों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। कई महिला संगठनों ने इस घटना की निंदा की है और कहा है कि पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि पति की जिम्मेदारी है कि वह दोनों पत्नियों के बीच संतुलन बनाए रखे, ताकि ऐसी घटनाएं न हों।

पुलिस ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। चंदन नगर थाना प्रभारी ने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और आरोपी महिला जल्द गिरफ्तार कर ली जाएगी। घटना के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है, लेकिन पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर स्थिति नियंत्रण में रखी है।

यह मामला एक बार फिर बहुविवाह से जुड़े सामाजिक मुद्दों को उजागर करता है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने पर आरोपी को सख्त सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल, ताहेरा का इलाज जारी है और परिवार सदमे में है।



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IND vs NZ Final: सिर्फ 2000 में देखें वर्ल्ड कप फाइनल! टिकट बुक करने का आखिरी मौका


Cricket

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IND vs NZ T20 World Cup 2026 Final Tickets: दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट ग्राउंड ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ में रविवार, 8 मार्च को इतिहास रचा जाने वाला है। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। टीम इंडिया अपने तीसरे विश्व खिताब के लिए जान झोंकने को तैयार है, वहीं कीवी टीम पहली बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाकर अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज कराना चाहती है।

1.3 लाख दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम इस समय पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस का केंद्र बना हुआ है। आइए जानते हैं इस महामुकाबले के लिए टिकटों से लेकर परिवहन तक का पूरा अपडेट क्या है?

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टिकटों की मारामारी: सिर्फ 2,000 रुपए में आखिरी मौका

‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ में होने वाले इस ऐतिहासिक फाइनल के लिए टिकटों की मांग आसमान छू रही है। बुकमायशो (BookMyShow) और आईसीसी पोर्टल पर अधिकांश टिकट ‘सोल्ड आउट’ हो चुके हैं। हालांकि, सूत्रों के अनुसार मैच से 24 से 48 घंटे पहले टिकटों की एक सीमित ‘फाइनल रिलीज’ की जा सकती है। वर्तमान में ऊपरी स्टैंड्स के लिए सबसे सस्ते टिकट की कीमत 2,000 रुपए से 4,000 रुपए के बीच है।

जबकि प्रीमियम क्लब लेवल सीटों के दाम 20,000 रुपए से 25,000 रुपए तक पहुंच गए हैं। वहीं, लग्जरी प्रेसिडेंशियल सुइट्स के लिए 50,000 रुपए से 75,000 रुपए तक खर्च करने होंगे।

1 लाख तक पहुंचा होटल का किराया

फाइनल मुकाबले के चलते अहमदाबाद के होटलों में पैर रखने की जगह नहीं है। शहर के प्रमुख लग्जरी होटलों में एक रात का किराया 60,000 रुपए से 1,00,000 रुपए तक पहुंच गया है। ऐसे में बाहर से आ रहे फैंस के लिए गांधीनगर या प्रहलाद नगर बेहतर विकल्प साबित हो रहे हैं, जहां 15,000 रुपए से 25,000 रुपए में कमरे उपलब्ध हैं। गांधीनगर से स्टेडियम की दूरी महज 20 मिनट की है और मेट्रो की सीधी कनेक्टिविटी ने फैंस की राह आसान कर दी है।

मेट्रो का ‘स्पेशल प्लान’ और सख्त सुरक्षा

भारी क्राउड को देखते हुए अहमदाबाद मेट्रो ने अपनी सेवाओं को रात 12:30 बजे तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। यात्रियों को लंबी लाइनों से बचाने के लिए 50 का स्पेशल पेपर रिटर्न टिकट जारी किया गया है। स्टेडियम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और गेट दोपहर 4:00 बजे से ही खोल दिए जाएंगे।

इंडिया vs न्यूज़ीलैंड T20 वर्ल्ड कप 2026 फ़ाइनल कब और कितने बजे खेला जाएगा?
इंडिया का सामना ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड से रविवार, 8 मार्च को होगा। मैच शाम 7 बजे IST से शुरू होगा।

इंडिया vs न्यूज़ीलैंड T20 वर्ल्ड कप 2026 फ़ाइनल किस स्टेडियम में खेला जाएगा?
इंडिया और न्यूज़ीलैंड के बीच ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 फ़ाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा।

इंडिया vs न्यूज़ीलैंड T20 वर्ल्ड कप 2026 फ़ाइनल लाइव टेलीकास्ट कहां होगा?
इंडिया vs न्यूज़ीलैंड T20 वर्ल्ड कप 2026 फ़ाइनल का लाइव टेलीविज़न कवरेज स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर मिलेगा।इसके अलावा JioHotstar ऐप और वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा।

इंडिया vs न्यूज़ीलैंड T20 वर्ल्ड कप 2026 के फ़ाइनल का टिकट कहां से मिलेगा?
इंडियन फ़ैन BookMyShow से टिकट खरीद सकते हैं। ज़्यादा डिमांड के कारण, फ़ैन्स को तुरंत बुक करने की सलाह दी जाती है। टिकट की कीमतें सीटिंग कैटेगरी पर निर्भर करेंगी। डिजिटल टिकट के लिए स्टेडियम में एंट्री के लिए वैलिड ID की भी ज़रूरत हो सकती है। फ़ैन्स को धोखाधड़ी से बचने के लिए अनऑफ़िशियल रीसेल प्लेटफ़ॉर्म से टिकट खरीदने से बचना चाहिए।

इंडिया vs न्यूज़ीलैंड T20 वर्ल्ड कप 2026 फ़ाइनल: स्क्वॉड
इंडिया: सूर्यकुमार यादव (C), संजू सैमसन, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, ईशान किशन, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज, वाशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, तिलक वर्मा।

न्यूजीलैंड: मिशेल सेंटनर (कप्तान), फिन एलन, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, डेरिल मिशेल, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम सीफर्ट, ईश सोढ़ी, कोल मैककोन्ची। रिजर्व: बेन सियर्स।



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Karnataka Budget 2026: एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को तोहफा, मैसूर में 500 करोड़ की लागत से तैयार होगा फिल्म सिटी


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oi-Smita Mugdha

Karnataka Budget 2026: कर्नाटक सरकार ने राज्य का सालाना आम बजट शुक्रवार (6 मार्च) को पेश किया है। फिल्म उद्योग को नई गति देने के लिए बजट में कई अहम घोषणाएं की हैं। इन फैसलों का उद्देश्य फिल्म निर्माण को आसान बनाना, पर्यटन को बढ़ावा देना और कन्नड़ सिनेमा को मजबूत करना है। सरकार ने फिल्म शूटिंग से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने से लेकर नई फिल्म सिटी और डिजिटल लोकेशन मैप तक कई योजनाओं का ऐलान किया है।

सरकार ने फिल्म निर्माताओं को विभिन्न विभागों से अनुमति लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ‘Cine Mitra’ नाम से एक सिंगल विंडो ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने का फैसला किया है। इस पोर्टल के माध्यम से फिल्म शूटिंग और फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी जरूरी अनुमतियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। इससे फिल्म निर्माताओं को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी।

Karnataka Budget 2026

Karnataka Budget 2026: टूरिज्म और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

– राज्य सरकार ‘कर्नाटक फिल्म लोकेशन डिजिटल मैप’ भी तैयार करेगी। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 1 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

– इस डिजिटल मैप में राज्य के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक स्मारकों और संभावित फिल्म शूटिंग लोकेशनों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी।

सीएम ने बजट पेश करते हुए कहा कि इससे फिल्म निर्माताओं को उपयुक्त लोकेशन ढूंढने में आसानी होगी और राज्य में फिल्म शूटिंग को भी बढ़ावा मिलेगा।

Karnataka Budget: एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को मिली सौगात

कन्नड़ फिल्मों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने सब्सिडी से जुड़ा भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है। पहले गुणवत्ता वाली कन्नड़ फिल्मों को दी जाने वाली सब्सिडी बंद कर दी गई थी। हालांकि वर्ष 2025-26 में सरकार ने तीन साल के लिए फिल्मों का चयन कर सब्सिडी वितरित की है। अब शेष वर्षों की सब्सिडी देने के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने मैसूर में प्रस्तावित फिल्म सिटी प्रोजेक्ट को भी नई मंजूरी दी है।

पहले इस परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। अब संशोधित प्रशासनिक मंजूरी में थीम पार्क, स्टार होटल और रेस्तरां को भी शामिल किया गया है। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए ट्रांजैक्शन एडवाइजर की नियुक्ति भी कर दी गई है।

पुट्टन्ना कनागल का घर बनेगा म्यूजियम

इसके अलावा प्रसिद्ध कन्नड़ फिल्म निर्देशक दिवंगत पुट्टन्ना कनागल के आवास को एक म्यूजियम के रूप में विकसित करने का भी फैसला किया गया है। सरकार का मानना है कि इन पहलों से कर्नाटक का फिल्म उद्योग और पर्यटन दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा।



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Reliance Power Raid: बैंक लोन में हुई हेराफेरी? 12 ठिकानों पर ED की छापेमारी! क्या है पूरा मामला?


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oi-Kumari Sunidhi Raj

ED Raids Reliance Power: देश के प्रमुख कारोबारी घरानों में शुमार अनिल अंबानी समूह एक बार फिर केंद्रीय जांच एजेंसी के निशाने पर है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए रिलायंस पावर (Reliance Power) से जुड़े मुंबई और हैदराबाद के 10 से 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक, करीब 15 टीमों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसमें डिजिटल साक्ष्य और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया है।

यह कार्रवाई बैंक ऋणों के कथित दुरुपयोग, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच के तहत की जा रही है। जांच एजेंसी को अंदेशा है कि बैंकों से लिए गए कर्ज के फंड को जटिल कॉरपोरेट संरचनाओं के जरिए डायवर्ट किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित विशेष टीम (SIT) इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है, जिससे कॉरपोरेट जगत में हड़कंप मच गया है।

Reliance Power Raid: बैंक लोन में हुई हेराफेरी? 12 ठिकानों पर ED की छापेमारी! क्या है पूरा मामला?

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10 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ एक्शन

जानकारी के मुताबिक, ईडी (ED) की टीमों ने शुक्रवार सुबह कंपनी के दफ्तरों और शीर्ष अधिकारियों के आवासों पर दस्तक दी। इस तलाशी अभियान का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या बैंक लोन की राशि का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया गया जिसके लिए वह ली गई थी, या उसे शेल कंपनियों के माध्यम से कहीं और ट्रांसफर किया गया। एजेंसी वर्तमान में कई डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है।

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मनी लॉन्ड्रिंग और फेमा उल्लंघन का संदेह

प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत जांच कर रही है। इसके साथ ही, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के संभावित उल्लंघन की भी संभावना जताई गई है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि समूह ने एक जटिल नेटवर्क का इस्तेमाल कर धन को इधर-उधर भेजा है। रिपोर्ट के अनुसार, अनिल अंबानी के कारोबारी समूह के खिलाफ पहले से ही तीन मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज हैं।

अनिल अंबानी से पहले भी हो चुकी है पूछताछ

यह पहली बार नहीं है जब अनिल अंबानी जांच के दायरे में आए हों। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में ईडी उनसे पहले भी दो बार पूछताछ कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी विशेष जांच टीम (SIT) समूह की विभिन्न कंपनियों के लेनदेन और बैंक ऋणों के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है। अदालत को दी गई जानकारी के अनुसार, इन मामलों में वित्तीय अनियमितताओं के गहरे साक्ष्य मिले हैं।

कॉरपोरेट गवर्नेंस और वित्तीय साख पर सवाल

ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी रिलायंस पावर पर हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर बड़े घरानों में कॉरपोरेट गवर्नेंस की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। फिलहाल, मुंबई और हैदराबाद में हुई इस छापेमारी के बाद कारोबारी हलकों और सोशल मीडिया पर कयासों का दौर शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

ED ने कुछ दिन पहले जब्त की थी जमीन

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नवंबर 2025 में नवी मुंबई में स्थित धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी (DAKC) की 132 एकड़ से अधिक जमीन जब्त की थी, जिसकी कीमत करीब 4,462.81 करोड़ रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई के बाद मामले में अब तक कुल 7,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत की गई है। इससे पहले करीब 3,000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त होने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन अब यह आंकड़ा दोगुने से भी ज्यादा हो गया है।

इससे पहले ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े मामलों में 3,083 करोड़ रुपये की 42 संपत्तियां भी कुर्क की थीं। यह जांच तब शुरू हुई थी जब सीबीआई ने आरकॉम, अनिल अंबानी और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 406 और 420 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 13(2) और 13(1)(d) के तहत एफआईआर दर्ज की थी।

With AI Inputs

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Iran USA War: ईरान के पलटवार से टेंशन या ट्रंप को कुर्सी जाने का डर? व्हाइट हाउस में पूजा-पाठ, दुनिया हैरान


International

oi-Sumit Jha

Iran USA War 2026: ईरान के साथ छिड़ी भीषण जंग और गहराते आंतरिक असंतोष के बीच, व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से आई एक तस्वीर ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो अब तक अपनी आक्रामक छवि के लिए जाने जाते थे, पहली बार सार्वजनिक रूप से ‘ईश्वरीय शरण’ में नजर आए। अमेरिका के शीर्ष पादरियों के साथ ईसाई पद्धति से की गई इस विशेष प्रार्थना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है।

2026 की इस निर्णायक जंग में जहां एक तरफ मिसाइलें बरस रही हैं, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप हाथ जोड़कर राष्ट्र और अमेरिकी सैनिकों की सलामती की दुआ मांग रहे हैं।

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Donald Trump Prayer Video: ओवल ऑफिस में प्रार्थना: शक्ति या मजबूरी?

व्हाइट हाउस के गलियारों में गूंजती प्रार्थना की आवाजें ट्रंप के मानसिक दबाव को साफ बयां कर रही हैं। राष्ट्रपति के सहायक डेन स्केविनो द्वारा साझा किए गए वीडियो में ट्रंप अपनी कुर्सी पर आंखें मूंदकर ध्यान में लीन दिखे। पादरियों ने राष्ट्रपति को नेतृत्व की शक्ति और अमेरिकी सेना की सुरक्षा के लिए आशीर्वाद दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूजा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि उन अमेरिकी परिवारों को सांत्वना देने की एक कोशिश है, जिनके बेटे और बेटियां मोर्चे पर तैनात हैं।

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Trump Prayer Video: 5 साल बाद युद्ध का साया और जन आक्रोश

2021 में अफगानिस्तान से सैनिकों की वापसी के बाद अमेरिका ने खुद को सीधे युद्धों से दूर रखने की कोशिश की थी, लेकिन 2026 में ईरान के साथ शुरू हुआ यह संघर्ष फिर से इतिहास दोहरा रहा है। युद्ध के मैदान में अब तक 6 अमेरिकी सैनिकों की आधिकारिक मौत ने देश के भीतर गम और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। एक्सियोस का सर्वे बताता है कि 50% से ज्यादा अमेरिकी इस जंग के खिलाफ हैं, जिससे ट्रंप की घरेलू राजनीति संकट में घिर गई है।

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US Iran Conflict Update Hindi: मध्य पूर्व का दबाव और खाड़ी देशों की नाराजगी

ईरान और अमेरिका की इस जंग ने खाड़ी के देशों (Gulf Countries) को भी अपनी चपेट में ले लिया है। तेहरान ने अरब के 12 देशों पर हमला कर युद्ध का दायरा बढ़ा दिया है, जिससे मुस्लिम देशों में भारी नाराजगी है। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, खाड़ी के दो प्रमुख देशों ने ट्रंप प्रशासन से अपनी स्पष्ट नाराजगी जाहिर की है। ट्रंप पर अब यह दोहरी चुनौती है कि वे अपने सहयोगियों का भरोसा कैसे बचाएं और ईरान के आक्रामक रुख को कैसे नियंत्रित करें।

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घायल अमेरिका और ट्रंप की ‘अंतिम शरण’

ईरान के सटीक प्रहारों और अंतरराष्ट्रीय दबाव ने अमेरिका को रक्षात्मक रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। ट्रंप का ओवल ऑफिस में पूजा करना इस बात का संकेत है कि सैन्य शक्ति के साथ-साथ अब उन्हें ‘चमत्कार’ की भी उम्मीद है। ‘गॉड ब्लेस अमेरिका’ का नारा अब केवल एक तकियाकलाम नहीं, बल्कि एक हताश राष्ट्र की पुकार बन गया है। क्या यह प्रार्थना ट्रंप को उस राजनीतिक और सैन्य भंवर से निकाल पाएगी, जिसमें वे इस वक्त बुरी तरह फंसे हुए हैं?



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रायसीना डायलॉग, ईरानी उप-विदेश मंत्री बोले- आखिरी गोली तक लड़ेंगे: ट्रम्प न्यूयॉर्क का मेयर नियुक्त नहीं कर सकते, हमारा लीडर क्या खाक तय करेंगे


नई दिल्ली10 मिनट पहले

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ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह दिल्ली में चल रहे रायसीना डायलॉग 2026 में शामिल हुए।

दिल्ली में चल रहे रायसीना डायलॉग 2026 में शुक्रवार को ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह भी शामिल हुए। उन्होंने कहा- तेहरान के पास अमेरिकी-इजराइली हमले के खिलाफ देश की रक्षा के लिए बहादुरी से लड़ने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है, कसम खाई है कि देश आखिरी गोली और आखिरी सैनिक तक विरोध करेगा।

उन्होंने कहा- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान में नेतृत्व बदलने की बात करते हैं, जबकि वे अपने ही देश में न्यूयॉर्क के मेयर तक नियुक्त नहीं कर सकते। यह एक तरह का औपनिवेशिक नजरिया है। वे अपने देश में लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन ईरान की लोकतांत्रिक सरकार को गिराना चाहते हैं।

ANI से चर्चा के दौरान खतीबजादेह ने कहा- ईरान इस समय पूरी तरह से युद्ध की स्थिति से गुजर रहा है। जब हम बात कर रहे हैं, मेरे साथी नागरिकों पर अमेरिका-इजराइल का लगातार हमला हो रहा है। मुझे लगता है कि अभी ईरान के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वह हमलावर के खिलाफ पूरी तरह से विरोध करे।

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कुर्द ईरान की पहचान का अहम हिस्सा

अमेरिका के संभावित जमीनी हमले के सवाल पर उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी औपनिवेशिक मिशन को रोकने के लिए तैयार है। अपने देश की राजनीतिक व्यवस्था बदलने की किसी भी कोशिश का विरोध करेगा।

उन्होंने कहा कि ईरान के कुर्द समुदाय को अलगाववाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। ईरान के कुर्द देश की पहचान का अहम हिस्सा हैं, जबकि कुछ अलगाववादी समूहों को बाहरी एजेंसियों का समर्थन मिला है।

रायसीना डायलॉग 2026 के सेशन में खतीबजादेह से सवाल-जवाब

सवाल: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को आप कैसे देखते हैं? जवाब: यह ईरान के अस्तित्व की लड़ाई है। कुछ ताकतें ईरान को खत्म करना चाहती हैं। हम हमलावरों को पीछे धकेलने के लिए अपने देश की रक्षा की लड़ाई लड़ रहे हैं।

सवाल: क्या इस संघर्ष के दूसरे देशों तक फैलने का खतरा है? जवाब: हम कोशिश कर रहे हैं कि यह संघर्ष दूसरे इलाकों तक न फैले। ऐसी खबरें भी आई हैं कि मोसाद और इजराइल कुछ जगहों पर फॉल्स-फ्लैग ऑपरेशन की कोशिश कर रहे हैं, जैसे तेल रिफाइनरी या साइप्रस को निशाना बनाना। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि इन घटनाओं की शुरुआत ईरान से नहीं हुई।

सवाल: कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि खाड़ी देशों में भी ऐसी गतिविधियां पकड़ी गई हैं। इस पर आपका क्या कहना है? जवाब: रिपोर्टों के मुताबिक सऊदी अरब और कतर में कुछ मोसाद समूहों को फॉल्स-फ्लैग ऑपरेशन की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है और हम नहीं चाहते कि यह संघर्ष दूसरे देशों तक फैले।

सवाल: आप कहते हैं कि यह ‘अस्तित्व की लड़ाई’ है। इसका क्या मतलब है? जवाब: यह केवल ईरान की लड़ाई नहीं है। जब किसी देश के शीर्ष नेता को निशाना बनाया जाता है, तो यह बहुत खतरनाक मिसाल है। अगर यह नया सामान्य बन गया तो दुनिया के लिए गंभीर खतरा होगा।

सवाल: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की बात पर आपका क्या कहना है? जवाब: ट्रम्प ईरान में नेतृत्व बदलने की बात करते हैं, जबकि वे अपने ही देश में न्यूयॉर्क के मेयर तक नियुक्त नहीं कर सकते। यह एक तरह का औपनिवेशिक नजरिया है। वे अपने देश में लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन ईरान की लोकतांत्रिक सरकार को गिराना चाहते हैं।

सवाल: क्या इस युद्ध को रोकने का कोई रास्ता है? जवाब: यह उस पक्ष पर निर्भर है जिसने आक्रमण शुरू किया। अगर वे आज हमला रोक दें, तो हम केवल अपनी रक्षा कर रहे हैं, हम आक्रमण नहीं कर रहे। किसी भी देश के लिए कूटनीति ही सबसे अच्छा रास्ता है। मुझे संदेह है कि मौजूदा अमेरिकी प्रशासन कूटनीति और संवाद की अहमियत को समझता है या नहीं।

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अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांत भी खतरे में

खतीबजादेह ने इस संघर्ष को बाहरी हमले के खिलाफ जरूरी राष्ट्रीय लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान होना चाहिए और इसे चुनिंदा तरीके से लागू नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार इस समय अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांत भी खतरे में हैं।

हिंद महासागर में जो जहाज डूबा, उसे भारत ने बुलाया था

खतीबजादेह ने हिंद महासागर में डूबे ईरानी जहाज पर कहा- यह जहाज भारत के निमंत्रण पर एक अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में भाग लेने आया था। वह औपचारिक कार्यक्रम के लिए था, उस पर हथियार नहीं थे। इस घटना में कई युवा ईरानी नाविकों की मौत हुई।

भारत के साथ संबंधों पर उन्होंने कहा कि उनकी भारत के विदेश मंत्री से संक्षिप्त मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि ईरान और भारत के बीच पुराने सभ्यतागत संबंध हैं और दोनों देश इन रिश्तों को काफी महत्व देते हैं।

अब जानिए क्या है रायसीना डायलॉग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 मार्च को रायसीना डायलॉग 2026 का उद्घाटन किया था। इस कार्यक्रम को भारत का विदेश मंत्रालय (MEA) और ऑबसर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) मिलकर आयोजित करते हैं।

इस बार रायसीना डायलॉग का 11वां संस्करण आयोजित किया जा रहा है, जो 5 से 7 मार्च तक चलेगा। रायसीना डायलॉग जियो-पॉलिटिक्‍स और जियो-फाइनेंस पर भारत का एक प्रमुख सम्मेलन है।

इसमें मंत्री, पूर्व राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष, संसद सदस्य, मिलिट्री कमांडर और उद्योग जगत के प्रमुखों सहित 110 देशों के लगभग 2700 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया है।

रायसीना डायलॉग में इंटरनेशनल कम्युनिटी के सामने देश-दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण मुद्दों पर बातचीत की जाती है। इस बार वैश्विक सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इकोनॉमिक सिक्योरिटी और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

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शांगरी-ला डायलॉग की तर्ज पर शुरू हुआ

रायसीना डायलॉग को सिंगापुर में होने वाले शांगरी-ला डायलॉग की तर्ज पर आयोजित किया जाता है। शांगरी-ला रक्षा मंत्रियों के लिए होने वाला सम्मेलन है, जबकि रायसीना में विदेश मंत्रियों की बैठक होती है।

रायसीना डायलॉग का आयोजन विदेश मंत्रालय और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) मिलकर करते हैं। इस बार के रायसीना डायलॉग में 125 देशों के 3500 से ज्यादा डेलीगेट शामिल होंगे। इस दौरान रूस-यूक्रेन जंग के अलावा कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमले की यह खबर भी पढ़ें…

ट्रम्प बोले- ईरान मेरे बिना सुप्रीम लीडर न चुने:सिलेक्शन में अमेरिका का रोल जरूरी; खामेनेई का बेटा मंजूर नहीं

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को उनके बिना नया सुप्रीम लीडर नहीं चुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि नए नेता के चयन में अमेरिका की भूमिका जरूरी है और बिना अमेरिका की भागीदारी के ऐसा करना वक्त की बर्बादी होगी। एक्सिओस को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि ईरान अगर अमेरिका को शामिल किए बिना नया सुप्रीम लीडर चुनता है तो इसका कोई मतलब नहीं होगा। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है, लेकिन वह इसे स्वीकार नहीं करेंगे।

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