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मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की तैयारी में विपक्ष: दोबारा नोटिस देंगे, मार्च में एक बार खारिज हो चुका; अब 200 सांसदों का समर्थन जुटाएंगे
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नई दिल्ली41 मिनट पहले
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष नया नोटिस का मसौदा तैयार कर रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष एक बार फिर कोशिश में जुटा है। सूत्रों के अनुसार, कई विपक्षी दलों के नेता आपस में बातचीत कर रहे हैं।
करीब पांच सीनियर लीडर एक नए नोटिस का मसौदा तैयार करने पर काम कर रहे हैं, ताकि हटाने की कार्यवाही शुरू की जा सके। इससे पहले मार्च में विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में नोटिस दिया था।
हालांकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इन नोटिसों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोप उन्हें हटाने के लिए आवश्यक उच्च संवैधानिक मानदंडों को पूरा नहीं करते।
विपक्ष ने 200 हस्ताक्षर हासिल करने का लक्ष्य रखा
नए नोटिस में विपक्ष कम से कम 200 सांसदों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है। इसकी बड़ी वजह हाल ही में लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण संशोधन बिल है। लोकसभा में शुक्रवार को संविधान में 131वां संशोधन बिल वोटिंग के बाद गिर गया। बिल के खिलाफ 230 सांसदों ने वोट डाला था।

नियम के अनुसार 100 सांसदों के दस्तखत जरूरी
लोकसभा में CEC को हटाने के प्रस्ताव के लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। राज्यसभा में इसके लिए कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं।

कानून के अनुसार प्रस्ताव मंजूर होने पर ही जांच समिति
मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी तरीके से हटाया जा सकता है जैसे सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। अन्य चुनाव आयुक्तों को हटाने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश जरूरी होती है।
जजेज (इन्क्वायरी) एक्ट 1968 के अनुसार, अगर दोनों सदनों में एक ही दिन नोटिस दिया जाता है, तो जांच समिति तभी बनेगी जब दोनों सदनों में प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाएगा। इसके बाद लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा चेयरमैन मिलकर एक संयुक्त जांच समिति बनाएंगे।
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सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने बुधवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और चुनाव आयोग आमने-सामने आ गए हैं। डेरेक ने कहा कि हमने SIR के मुद्दे पर समय मांगा था, लेकिन मीटिंग के दौरान हमारे साथ खराब व्यवहार किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने हमें सिर्फ 5 मिनट में भगा दिया। डेरेक ओ’ब्रायन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बैठक सुबह 10:02 बजे शुरू हुई और 10:07 बजे खत्म हो गई। पूरी खबर
गौतम अडाणी ने तारंगा मंदिर में मांगी सुख-समृद्धि
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-Staff
अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने रविवार को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गुजरात की तारंगा पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक श्री अजीतनाथ भगवान श्वेतांबर जैन देरासर के दर्शन किए। इस दौरान उनकी पत्नी डॉ. प्रीति अडाणी भी उनके साथ मौजूद रहीं। यह मंदिर क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण जैन तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है।

अडाणी दंपत्ति सुबह मेहसाणा जिले के खेरालू तालुका स्थित दाभोड़ा हेलीपैड पहुंचे। वहां जैन समुदाय के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसके बाद वे पहाड़ी पर स्थित मंदिर के लिए रवाना हुए। अक्षय तृतीया को हिंदू और जैन दोनों ही परंपराओं में बेहद शुभ माना जाता है, इसलिए सुबह से ही वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे हुए थे।
जैन धर्म के दूसरे तीर्थंकर भगवान अजीतनाथ को समर्पित यह मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से काफी खास है। 12वीं शताब्दी का यह मंदिर सोलंकी शासक राजा कुमारपाल से जुड़ा हुआ है और देशभर के श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का केंद्र है। अपनी शानदार नक्काशी और आध्यात्मिक शांति के लिए मशहूर यह मंदिर पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों को भी खूब आकर्षित करता है।
दर्शन के दौरान गौतम अडाणी ने गर्भगृह में पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर में कुछ समय बिताया। इस दौरान उन्होंने कैंटीन एरिया का भी दौरा किया, जहां तीर्थयात्री विश्राम और भोजन के लिए रुकते हैं।
गौतम अडाणी ने मंदिर के ट्रस्टी सचिन अशोकभाई शाह से तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा की। बातचीत का मुख्य फोकस मंदिर की ऐतिहासिक विरासत और आध्यात्मिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए आवाजाही और अन्य सुविधाओं को आसान बनाना था। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर के भविष्य की योजनाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और विरासत के संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना प्राथमिकता है। एक पवित्र स्थल के रूप में इसकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, अब यहां आने वाले लोगों के अनुभव को और बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के अलावा, अडाणी ग्रुप तारंगा पहाड़ियों में वृक्षारोपण अभियान में भी सहयोग कर रहा है। इस पहल का मकसद पवित्र स्थल के आसपास के प्राकृतिक वातावरण को बचाना और हरियाली बढ़ाना है। इससे क्षेत्र की जैव विविधता और पर्यावरण को काफी मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि अक्षय तृतीया को समृद्धि, नई शुरुआत और दान-पुण्य का दिन माना जाता है।
जैन परंपरा में इस दिन का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान ऋषभदेव ने लंबे उपवास के बाद पहला दान (आहार) ग्रहण किया था, जिससे मुनियों को आहार देने की परंपरा शुरू हुई। यही वजह है कि इस दिन देशभर के जैन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
तारंगा की यह यात्रा अडाणी परिवार की हालिया धार्मिक गतिविधियों की एक कड़ी है। इससे पहले इसी महीने हनुमान जयंती के मौके पर गौतम अडाणी ने अपने परिवार के साथ अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन किए थे। उनकी यह यात्रा भारत के धार्मिक विरासत स्थलों के प्रति उनकी आस्था और संरक्षण के प्रयासों को दर्शाती है।
पहलगाम हमले की बरसी से पहले कश्मीर में सुरक्षा बढ़ी: 22 अप्रैल को लश्कर के आतंकियों ने 26 लोगों की हत्या की थी
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पहलगाम5 घंटे पहले
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पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले कश्मीर भर के टूरिस्ट स्पॉट्स पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सभी सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे पहलगाम हमले की बरसी पर टूरिस्ट स्पॉट्स के आस-पास, किसी भी संभावित आतंकी हमले को लेकर सतर्क रहें।
पहलगाम आने वाले टूरिस्टों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। हर सर्विस प्रोवाइडर की जांच-पड़ताल की गई है। उन्हें रजिस्टर्ड किया है। उन्हें यूनीक QR कोड दिया गया है। इसमें व्यक्ति की निजी जानकारी और दूसरी डिटेल्स हैं।
दरअसल, पिछले साल 22 अप्रैल को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने पहलगाम की बायसरन वैली में 26 लोगों को गोली मारकर हत्या कर दी थी। इनमें 25 टूरिस्ट और एक पोनी राइडर शामिल था।
हमले के कारण जम्मू-कश्मीर से टूरिस्ट ने आना बंद कर दिया था। लगभग 50 टूरिस्ट स्पॉट बंद कर दिए गए थे। बाद में सिक्योरिटी ऑडिट के बाद कुछ स्पॉट दोबारा खोले गए।
पहलगाम में सुरक्षा से जुड़ी तस्वीरें…

वेरिफिकेशन के बाद ही टूरिस्ट और वेंडरों को एंट्री दी जा रही है।

हर टूरिस्ट स्पॉट्स पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

जगह-जगह जवान तैनात हैं, ताकि हर एक मूवमेंट पर नजर रखी जा सके।

CRPF के जवान लगातार टूरिस्ट स्पॉट्स और आसपास के इलाके में पेट्रोलिंग कर रहे हैं।

पहलगाम में मौसम खराब होने के बावजूद टूरिस्ट पहुंच रहे हैं।
QR कोड इनीशिएटिव क्यों, इसमें क्या-क्या हैं
जम्मू-कश्मीर के बाहर से आकर यहां काम करने वाले वेंडरों का भी पुलिस ने पूरा वेरिफिकेशन किया है, ताकि सुरक्षा में कोई कमी न रहे। इसी वजह से उन्हें अलग-अलग QR कोड दिए गए हैं।
इन QR कोड में व्यक्ति का नाम, पिता का नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, काम का क्षेत्र दर्ज होती है। साथ ही यह जानकारी भी होती है कि उसका पुलिस वेरिफिकेशन हुआ है या नहीं।
पहलगाम में काम करने वाले सभी लोग जैसे पोनी राइड चलाने वाले, फोटोग्राफर, वेंडर और अन्य को जांच के बाद ही QR कोड दिए गए हैं।
भारत आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका में प्रदर्शनी लगाएगा
अमेरिका में भारतीय दूतावास कैपिटल हिल पर मंगलवार को एक प्रदर्शनी लगाएगा, जिसमें पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर फोकस होगा।
भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ‘द ह्यूमन कॉस्ट ऑफ टेररिज्म’ प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इसका उद्देश्य आतंकवाद से होने वाले नुकसान और उसके असर को सामने रखना है।
यह एक डिजिटल प्रदर्शनी होगी, जिसमें 1993 के मुंबई बम धमाके, 2008 के मुंबई हमले और पहलगाम हमले जैसे मामलों को दिखाया जाएगा। साथ ही इन हमलों के पीछे रहे संगठनों और उनसे जुड़े लोगों की जानकारी भी दी जाएगी।
पहलगाम हमले का बदला लेने भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था
पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए इंडियन एयरफोर्स ने 6-7 मई 2025 की आधी रात 1:05 बजे पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की। सिर्फ 25 मिनट चले ऑपरेशन में 7 शहरों में 9 आतंकी ठिकाने तबाह कर दिए। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया।
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जम्मू-कश्मीर में 14 टूरिस्ट स्पॉट फिर से खोले गए:पहलगाम हमले के बाद से बंद थे; पिछले साल सितंबर में भी 7 खुल चुके

जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने केंद्र शासित प्रदेश में बंद 14 टूरिस्ट स्पॉट को फिर से खोलने का ऐलान किया। लेफ्टिनेंट गवर्नर ने कहा कि पूरी सिक्योरिटी रिव्यू और चर्चा के बाद मैंने कश्मीर और जम्मू डिवीजन में और टूरिस्ट स्पॉट फिर से खोलने का ऑर्डर दिया है। पूरी खबर पढ़ें…
पहलगाम हमले की बरसी से पहले कश्मीर में सुरक्षा बढ़ी: 22 अप्रैल को लश्कर के आतंकियों ने 26 लोगों की हत्या की थी
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पहलगाम6 मिनट पहले
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पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले कश्मीर भर के टूरिस्ट स्पॉट्स पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सभी सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे पहलगाम हमले की बरसी पर टूरिस्ट स्पॉट्स के आस-पास, किसी भी संभावित आतंकी हमले को लेकर सतर्क रहें।
पहलगाम आने वाले टूरिस्टों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। हर सर्विस प्रोवाइडर की जांच-पड़ताल की गई है। उन्हें रजिस्टर्ड किया है। उन्हें यूनीक QR कोड दिया गया है। इसमें व्यक्ति की निजी जानकारी और दूसरी डिटेल्स हैं।
दरअसल, पिछले साल 22 अप्रैल को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने पहलगाम की बायसरन वैली में 26 लोगों को गोली मारकर हत्या कर दी थी। इनमें 25 टूरिस्ट और एक पोनी राइडर शामिल था।
हमले के कारण जम्मू-कश्मीर से टूरिस्ट ने आना बंद कर दिया था। लगभग 50 टूरिस्ट स्पॉट बंद कर दिए गए थे। बाद में सिक्योरिटी ऑडिट के बाद कुछ स्पॉट दोबारा खोले गए।
पहलगाम में सुरक्षा से जुड़ी तस्वीरें…





QR कोड इनीशिएटिव क्यों, इसमें क्या-क्या है
J-K के बाहर से आने वाले वेंडरों का भी, जो यहां अपनी रोजी-रोटी कमाने आते हैं, पुलिस ने ठीक से वेरिफ़िकेशन और जांच-पड़ताल की है ताकि यह पक्का हो सके कि सुरक्षा में कोई चूक न हो। इसलिए यूनीक क्यूआर कोड दियाा गया है।
QR कोड में सर्विस देने वाले का नाम, पिता का नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, काम करने का रूट, और यह जानकारी होती है कि पुलिस ने उसका वेरिफिकेशन किया है या नहीं।
पहलगाम में काम करने वाले सभी सर्विस प्रोवाइडर, जिनमें पोनी-राइड ऑपरेटर, फ़ोटोग्राफर, वेंडर और दूसरे लोग शामिल हैं, को वेरिफिकेशन के बाद ही QR कोड जारी किया गया है।
हैवान पिता की दरिंदगी, 11 साल की दो जुड़वा बेटियों की गला रेतकर हत्या, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
Last Updated:
Kanpur News: कानपुर में एक हैवान पिता ने अपनी दो 11 साल की जुड़वां बेटियों की गला रेतकर जान ले ली. सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है. आइए आपको पूरी वारदात के बारे में बताते हैं.
कानपुर पिता ने की बेटियों की हत्या
कानपुर: कानपुर में डबल मर्डर का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने 11 साल की जुड़वां बेटियों ‘रिद्धि-सिद्धि’ का गला रेतकर मार डाला. इस दौरान उसकी पत्नी रेशमा छेत्री अपने बेटे के साथ दूसरे कमरे में सो रही थी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है.
दरअसल कानुपर के नौबस्ता में एक पिता ने अपनी 11 साल की जुड़वा बेटियों की हत्या कर दी. आरोपी पिता ने बेरहमी से दोनों बेटियों का गला रेत दिया. दोनों मासूम बेटियों के नाम रिद्धि-सिद्धि थे. सूचना पर पुलिस जब अपार्टमेंट में पहुंची, तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गई. कमरे में खून ही खून फैला था और मासूम बच्चियों के शव पड़े थे.
दूसरे कमरे में सो रहे थे पत्नी-बेटा
जानकारी के अनुसार, यह दिल दहला देने वाली घटना जिले के नौबस्ता थाना क्षेत्र में स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट की है. पुलिस ने बताया कि अपार्टमेंट के एक फ्लैट में अभिरंजन मिश्रा अपने तीन बच्चों और पत्नी के साथ रहता है. पारिवारिक कलह के चलते वह काफी समय से डिप्रेशन में चल रहा था. शनिवार रात को खाना खाने के बाद अभिरंजन अपनी दो जुड़वा बेटियों के साथ कमरे में सोने चला गया था, जबकि उसकी पत्नी अपने बेटे के साथ दूसरे कमरे में सो रही थी.
रात में पिता अभिरंजन ने 11 साल की दोनों बेटियों रिद्धि और सिद्धि की गला काटकर हत्या कर दी. बेटियों की मौत पर बिलखती मां ने खुद को संभालते सुबह 4.30 बजे पुलिस को वारदात की सूचना दी. नौबस्ता थाना की पुलिस पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस जब कमरे में दाखिल हुई, तो वहां खून की खून फैला था.
मामले की जांच में जुटी पुलिस
जानकारी लगने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया. पूछताछ मे डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोपी अभिरंजन मिश्रा एमआर का काम करता है. पारिवारिक कलह के चलते वह तनाव में था. दोनों बच्चियों की हत्या का कारण जानने के लिए पुलिस आरोपी पिता से पूछताछ कर रही है. जांच के बाद मामले का खुलासा किया जाएगा. बताया जा रहा है कि पुलिस आरोपी से यह भी पूछताछ कर रही है कि क्या वह अपनी पत्नी और बेटे की भी हत्या करना चाहता था. क्या दूसरे कमरे में सोने के कारण उनकी जान बच गई.
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