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भूल जाएंगे गोवा! उत्तर प्रदेश के इस बीच पर लें समुद्र का मज़ा, दिल्ली से है बस कुछ घंटों..
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Travel News :अगर आप सोच रहे हैं कि बीच का मज़ा लेने के लिए सिर्फ़ आपको गोवा तक जाना पड़ेगा, तो ऐसा नहीं उत्तर प्रदेश में एक ऐसी जगह है, जहां आप बीच जैसा अनुभव ले सकते हैं.
Travel News (AI)
Travel News : अगर आपको लगता है कि सिर्फ़ बीच का मज़ा लेने के लिए आपको गोवा तक जाना पड़ेगा, तो अब अपनी सोच बदलने का समय आ गया है. उत्तर प्रदेश में एक ऐसी जगह है जहां आप बीच जैसा अनुभव ले सकते हैं और वह भी, बिना किसी लंबी यात्रा के. राजधानी दिल्ली से बस कुछ ही घंटों की दूरी पर स्थित, यह जगह आजकल यात्रियों के बीच काफ़ी लोकप्रिय हो रही है….
हम गढ़मुक्तेश्वर की बात कर रहे हैं गंगा नदी के तट पर बसा एक कस्बा. यहां का “ब्रजघाट” इलाका अपनी रेतीली ज़मीन और शांत माहौल के साथ किसी समुद्र तट से कम नहीं लगता. जैसे ही आप यहां पहुंचते हैं, रेत के विशाल विस्तार और गंगा की बहती धाराएं आपको एक अनोखी शांति से सराबोर कर देती हैं.
परिवार, दोस्त या कपल्स के लिए है बेस्ट
वीकेंड पर, इस जगह पर काफ़ी भीड़ उमड़ती है. परिवार, दोस्त या कपल्स हर कोई यहां कुछ पल शांति से बिताने आता है. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का नज़ारा बेहद ख़ूबसूरत होता है, जब आसमान के रंग गंगा के पानी में घुलते हुए से प्रतीत होते हैं. ठीक इसी वजह से, फ़ोटोग्राफ़ी के शौकीनों के लिए भी इस जगह का एक विशेष आकर्षण है.
एडवेंचर के लिए यहां आएं
अगर आप एडवेंचर पसंद करते हैं, तो यहां बोटिंग का भी आनंद ले सकते हैं. साथ ही, गंगा किनारे बैठकर ठंडी हवा का आनंद लेना अपने आप में एक अलग अनुभव है. यहां आसपास कई छोटे-छोटे ढाबे और खाने-पीने की दुकानें भी हैं, जहां आपको स्थानीय स्वाद का मज़ा मिल सकता है.
जानें दिल्ली से कितनी है दूरी
सबसे अच्छी बात यह है कि यहां पहुंचना बेहद आसान है. आप दिल्ली से सड़क मार्ग से सिर्फ़ 2–3 घंटों में आराम से यहां पहुंच सकते हैं. अगर आप भी वीकेंड के लिए किसी शांत और खूबसूरत जगह की तलाश में हैं, तो गढ़मुक्तेश्वर का यह बीच आपके लिए एकदम सही जगह हो सकता है. तो, इस बार जैसे ही आपको थोड़ा भी खाली समय मिले, अपना सामान पैक करें और बिना ज़्यादा पैसे खर्च किए, इस अनोखे बीच का मज़ा लेने निकल पड़ें. यहां का अनुभव आपको गोवा की याद ज़रूर दिलाएगा शायद उससे भी ज़्यादा खास अंदाज़ में.
( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.
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पंजाब BJP के प्रभारी रहे बलबीर पुंज का निधन: दिल्ली में ली आखिरी सांस; राज्यसभा के रह चुके सांसद; गुरदासपुर में हुआ था जन्म – Chandigarh News
सीनियर भाजपा नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और पत्रकार बलबीर पुंज का देहांत हो गया है। उन्होंने शनिवार को दिल्ली के अस्पताल में आखिरी सांस ली। उन्हें शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह 76 वर्ष के थे। बलबीर पुंज नोएडा के सेक्टर-17 में रहते थे। उनकी एक बेटी विदेश में रहती है, जबकि दूसरी दिल्ली में रहती है। हालांकि वह मूल रूप से पंजाब के रहने वाले थे। अक्सर पंजाब आते रहते थे। उनकी रचनाएं कई मैगजीन व न्यूज पेपर में प्रकाशित होती थीं। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने शोक जताया है। पंजाब भाजपा प्रभारी भी रहे बलबीर पुंज का जन्म 2 अक्टूबर 1949 को पंजाब के गुरदासपुर जिले के लालोवाल में हुआ था। लेकिन उन्होंने कभी पंजाब से चुनाव नहीं लड़ा। पुंज ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की थी। वर्ष 1971 में उन्होंने द मदरलैंड अखबार से काम शुरू किया और 1974 में फाइनेंशियल एक्सप्रेस से जुड़ गए। वह कई पदों पर रहे। इसके बाद 1990 के दशक के अंत में वे सक्रिय राजनीति में आए और भारतीय जनता पार्टी से जुड़ गए। पार्टी में उन्होंने बौद्धिक प्रकोष्ठ के संयोजक के रूप में करीब 10 वर्षों तक काम किया। साथ ही वे भाजपा के राष्ट्रीय सचिव, कई राज्यों पंजाब, गुजरात, केरल और हिमाचल प्रदेशके प्रभारी तथा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे। वर्ष 2013 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। हालांकि, उन्होंने पंजाब में कभी चुनाव नहीं लड़ा। अयोध्या से संवाद’ पुस्तक भी लिखी
‘अयोध्या से संवाद’ उनकी सबसे चर्चित किताबों में से एक है। इस पुस्तक में उन्होंने अयोध्या विवाद के इतिहास को सरल तरीके से समझाया है। साथ ही उन्होंने यह बताया है कि भारत को अपनी सोच और नजरिए को औपनिवेशिक प्रभाव (विदेशी शासन की मानसिकता) से बाहर निकालकर अपनी असली पहचान को समझने की जरूरत है।
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