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Nishant Kumar: नीतीश से साथ नहीं रहते हैं निशांत कुमार? JDU ज्वाइन करने की अटकलों के बीच तेज हुए घर की चर्चा


Bihar

oi-Kumari Sunidhi Raj

Nishant Kumar: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते पुत्र निशांत कुमार के पदार्पण को लेकर सरगर्मी चरम पर है। लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन और राजनीति से दूरी बनाकर रखने वाले निशांत के जेडीयू में शामिल होने की खबर ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के संकेतों के बाद, अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि निशांत 7 मार्च को जनता दल (यूनाइटेड) JDU की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस राजनीतिक कदम को बिहार में पार्टी के भविष्य और नेतृत्व की अगली पीढ़ी को तैयार करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

Nishant Kumar Nitish Kumar

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उत्तराधिकार और पार्टी की भावी दिशा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच निशांत की यह एंट्री राज्य की राजनीति के समीकरणों में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। इसी बीच उनके पिता के साथ ना रहने को लेकर भी बातें सामने आ रही हैं।

निशांत कुमार का शुरुआती जीवन और शिक्षा (Nishant Kumar Life)

20 जुलाई 1975 को जन्मे निशांत कुमार की प्रारंभिक शिक्षा पटना के सेंट कैरेंस स्कूल से हुई। एक स्कूल शिक्षक द्वारा शारीरिक दंड की घटना के बाद उन्हें उत्तराखंड के मसूरी के मानव भारती इंडिया इंटरनेशनल स्कूल भेजा गया। हालांकि, वहां मन न लगने के कारण वे वापस पटना आए और सेंट्रल स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की।

पिता की तरह ही निशांत ने तकनीकी शिक्षा का रास्ता चुना और रांची के निकट बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। उनके सहपाठियों का मानना है कि कॉलेज के शुरुआती दो वर्षों तक किसी को यह पता नहीं था कि वे मुख्यमंत्री के बेटे हैं।

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पिता के साथ नहीं रहते थे निशांत (Where do Nishant Kumar Live?)

निशांत की मां मंजू सिन्हा एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका थीं। मई 2007 में मां के निधन के बाद निशांत अपने पिता के साथ मुख्यमंत्री आवास (1 अणे मार्ग) में रहने लगे। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी के बजाय आध्यात्मिकता को प्राथमिकता दी।

वे ओशो, समाजवाद, बिहार की राजनीति, आर.एस.एस. से जुड़े विषयों और श्रीमद्भगवद्गीता जैसे धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में गहरी रुचि रखते हैं। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, उनका व्यक्तित्व काफी शांत और अंतर्मुखी रहा है, जिसके कारण वे दशकों तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे।

राजनीति में धीरे-धीरे सक्रियता (Nishant Kumar Political Interest)

निशांत ने पहली बार खुलकर राजनीतिक बयान जनवरी 2025 में दिया, जब उन्होंने अपने पिता के साथ बख्तियारपुर में जेडीयू के पक्ष में वोट देने की अपील की थी। इसके बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान पर उन्होंने एनडीए से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग की थी।

हाल के दिनों में, वे अपने पिता के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों और जन्मदिन समारोहों में अधिक बार नजर आने लगे हैं। “नीतीश के निशांत” फेसबुक पेज के जरिए भी उनकी सक्रियता देखी गई है, जो पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनके स्वागत का संकेत है।

जेडीयू में आम सहमति

पार्टी के भीतर निशांत के राजनीति में आने को लेकर व्यापक सहमति है। जेडीयू विधायक और मंत्रियों का मानना है कि पार्टी के विकास और युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए निशांत का सक्रिय होना जरूरी है। हालांकि, कुछ वरिष्ठ नेता इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रखने की वकालत करते रहे हैं।

वर्तमान में, राज्य की सियासत में उनके राज्यसभा जाने या बिहार की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। अब सभी की नजरें 7 मार्च के कार्यक्रम पर टिकी हैं, जहां से निशांत कुमार के औपचारिक राजनीतिक सफर की शुरुआत होगी।

With AI Inputs

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