अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर संभावित हमले टालने की घोषणा से ठीक पहले तेल बाजार में असामान्य सट्टेबाजी का मामला सामने आया है। बीबीसी द्वारा समीक्षा किए गए डाटा से पता चलता है कि घोषणा से करीब 15 मिनट पहले अचानक भारी मात्रा में ट्रेडिंग हुई, जिससे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट का कुछ ट्रेडर्स ने बड़ा फायदा उठाया। इस घटनाक्रम ने इनसाइडर जानकारी के दुरुपयोग की आशंकाओं को जन्म दे दिया है।
सुबह 06:49 ईटी पर न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज (एनवाईमेक्स) पर डब्ल्यूटीआई क्रूड के 733 कॉन्ट्रैक्ट्स पर दांव लगाए गए थे, जो महज एक मिनट में बढ़कर 2007 हो गए। यह करीब 170 मिलियन डॉलर यानी 1,400 करोड़ रुपये के सौदों के बराबर था।
इसी तरह ब्रेंट क्रूड के कॉन्ट्रैक्ट्स में भी एक मिनट के भीतर 20 से बढ़कर 1600 से ज्यादा ट्रेड दर्ज किए गए, जिनकी कीमत 150 मिलियन डॉलर यानी 1245 करोड़ आंकी गई। सामान्यतः सोमवार सुबह इस समय इतनी बड़ी ट्रेडिंग नहीं होती, जिससे इस गतिविधि पर संदेह और गहरा गया। जिन ट्रेडर्स ने पहले से दांव लगाया था, उन्हें भारी मुनाफा हुआ।
विशेषज्ञों की नजर में असामान्य गतिविधि
एक्सएनालिस्ट्स के मुख्य तेल विश्लेषक मुकेश साहदेव ने इस ट्रेडिंग पैटर्न को स्पष्ट रूप से असामान्य बताया। उनके अनुसार उस समय अमेरिका और ईरान के बीच किसी गंभीर बातचीत के संकेत नहीं थे, इसलिए इतनी बड़ी मात्रा में तेल गिरने पर दांव लगाना स्वाभाविक नहीं लगता। वहीं, किलिक एंड कंपनी की पार्टनर रैचल विंटर ने कहा कि कई निवेशकों ने ट्रंप के पोस्ट से ठीक पहले ऐसे कॉन्ट्रैक्ट्स खरीदे, जिनसे उन्हें तेल कीमत गिरने पर लाभ मिलना तय था।
नियामकों की नजर और बढ़ती जांच की मांग
यह पहली बार नहीं है, जब अमेरिकी विदेश नीति से जुड़े घटनाक्रमों के आसपास सट्टेबाजी बढ़ी हो। जनवरी में पॉलीमार्केट नामक क्रिप्टो-आधारित प्लेटफॉर्म पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के सत्ता से हटने पर भारी दांव लगाए गए थे। कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी बलों ने उन्हें पकड़ लिया, जिससे एक खाते को 32,537 डॉलर के दांव पर 436,000 डॉलर से ज्यादा का मुनाफा हुआ था।
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