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oi-Smita Mugdha
Organic Colours For Holi: होली का त्योहार रंगों, उमंग और उत्साह का प्रतीक है। पिछले कुछ सालों में केमिकल वाले रंगों से होने वाली स्किन एलर्जी, आंखों में जलन और बालों को नुकसान की शिकायतें बढ़ी हैं। ऐसे में अब लोग तेजी से ऑर्गेनिक और नेचुरल रंगों की ओर रुख कर रहे हैं। होली (Holi 2026) में भी बाजार में हर्बल और इको-फ्रेंडली रंगों की मांग बढ़ रही है।
ऑर्गेनिक रंग प्राकृतिक चीजों से बनाए जाते हैं। जैसे फूल, फल, सब्जियां और जड़ी-बूटियां। इनमें हानिकारक केमिकल्स, सीसा (Lead) या माइका जैसे तत्व नहीं होते। यही वजह है कि ये त्वचा और बालों के लिए सुरक्षित माने जाते हैं। बच्चों और संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए ये खासतौर पर बेहतर विकल्प हैं।

Organic Colours For Holi: सेहत और पर्यावरण दोनों के लिए अच्छा
केमिकल रंग पानी में घुलकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं ऑर्गेनिक रंग बायोडिग्रेडेबल होते हैं और जल स्रोतों को प्रदूषित नहीं करते। इसके अलावा इन्हें साफ करना भी आसान होता है। केमिकल वाले रंग खास तौर पर बच्चों की स्किन को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में ऑर्गेनिक रंग एक सुरक्षित विकल्प है। इन रंगों के साथ आप त्योहार का भरपूर मजा ले सकते हैं।
Organic Colours के लिए विकल्प क्या हैं?
हल्दी और बेसन से पीला रंग
चुकंदर पाउडर से गुलाबी या लाल रंग
पालक या मेहंदी पाउडर से हरा रंग
टेसू (पलाश) के फूल से नारंगी रंग
इन प्राकृतिक विकल्पों को घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। बाजार में भी प्रमाणित हर्बल ब्रांड्स के रंग उपलब्ध हैं, जिन पर ‘केमिकल-फ्री’ या ‘स्किन-सेफ’ का लेबल होता है।
Organic Colours For Holi: रखें इन बातों का ध्यान
– रंग खरीदते समय पैकेजिंग पर सामग्री (Ingredients) जरूर पढ़ें। खेलने से पहले त्वचा पर नारियल तेल या मॉइस्चराइजर लगा लें, ताकि रंग आसानी से निकल जाए।
– इस होली, खुशियों के साथ सेहत और पर्यावरण का भी ध्यान रखें। ऑर्गेनिक रंगों के साथ त्योहार मनाकर आप न सिर्फ खुद को सुरक्षित रखेंगे, बल्कि प्रकृति की भी रक्षा करेंगे।



