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oi-Sumit Jha
Pakistan Petrol Diesel Price: ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग को तीन हफ्ते बीत चुके हैं, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं। इस युद्ध का सबसे बड़ा असर तेल सप्लाई पर पड़ा है क्योंकि ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ पर पाबंदी लगा दी है।
इसका सबसे बुरा खामियाजा पड़ोसी देश पाकिस्तान भुगत रहा है, जहां पेट्रोल-डीजल के दाम 200% तक बढ़ गए हैं और हाहाकार मचा हुआ है। वहीं, भारत में सप्लाई प्रभावित होने के बावजूद सरकार ने कीमतों को काबू में रखा है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली हुई है।

Strait of Hormuz Blockade: पाकिस्तान में तेल की कीमतों का विस्फोट
पाकिस्तान में इस युद्ध ने आर्थिक तबाही मचा दी है। वहां पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। पेट्रोल अब 321.17 रुपये और डीजल 335.86 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। सरकार ने हाई-ऑक्टेन ईंधन पर चार्ज 100 रुपये से बढ़ाकर सीधे 300 रुपये कर दिया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की लाख कोशिशों के बावजूद जनता त्राहि-त्राहि कर रही है और महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है।
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Pakistan Oil Price Hike: रसोई गैस की किल्लत और भारी दाम
तेल के साथ-साथ पाकिस्तान में एलपीजी यानी रसोई गैस के लिए भी लंबी कतारें लगी हैं। वहां गैस 225.84 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है, जिससे एक सिलेंडर की कीमत करीब 2664 पाकिस्तानी रुपये तक जा पहुंची है। गरीब परिवारों के लिए अब घर का चूल्हा जलाना भी मुश्किल हो गया है। गैस की भारी किल्लत की वजह से कई छोटे कारोबार और होटल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
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भारत की स्थिति: सप्लाई पर असर, पर दाम स्थिर
पाकिस्तान के मुकाबले भारत की स्थिति काफी बेहतर बनी हुई है। हालांकि युद्ध की वजह से एलपीजी की सप्लाई चेन में थोड़ी दिक्कतें आई हैं, लेकिन भारत सरकार ने तेल और गैस के दामों में भारी बढ़ोतरी नहीं होने दी है। भारत में पेट्रोल अभी भी करीब 95 रुपये प्रति लीटर और रसोई गैस सिलेंडर 900 से 1000 रुपये के बीच मिल रहा है। वैश्विक संकट के बावजूद कीमतों का न बढ़ना भारतीय उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत है।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का संकट और ग्लोबल असर
ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ पर जो पाबंदी लगाई है, उसने पूरी दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है। ईरान का कहना है कि यह पाबंदी सिर्फ उसके दुश्मन देशों के लिए है, लेकिन इसका असर ग्लोबल मार्केट पर दिख रहा है। सप्लाई रुकने से कच्चे तेल की कमी हो गई है। अगर यह युद्ध और लंबा खिंचा, तो आने वाले दिनों में भारत सहित अन्य देशों के लिए भी ऊर्जा संकट गहरा सकता है।



