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Parliament Special Session 2026: क्यों बुलाया जा रहा विशेष सत्र? महिला आरक्षण और परिसीमन पर फैसला!


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oi-Smita Mugdha

Parliament Special Session 2026: बजट सत्र के खत्म होते ही संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। अप्रैल में तीन दिनों के लिए (16, 17 और 18 अप्रैल) को आयोजित होने वाला संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र देश की राजनीति और विधायी ढांचे में बड़े बदलावों का संकेत दे रहा है। सूत्रों के हवाले से बतााया जा रहा है कि इस सत्र का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) को जल्द लागू करना और उससे जुड़े संवैधानिक संशोधनों को आगे बढ़ाना है।

यह सत्र बजट सत्र के दूसरे चरण के तुरंत बाद बुलाया गया है, जिसे विशेष रूप से इन महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और निर्णय के लिए बढ़ाया गया है। इस विशेष सत्र के एजेंडे में सबसे बड़ा प्रस्ताव लोकसभा की सीटों में बढ़ोतरी से जुड़ा हो सकता है। मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव सामने आ सकता है।

Parliament Special Session 2026

Parliament Special Session 2026: परिसीमन और महिला आरक्षण पर फैसला

– परिसीमन के बाद सीटें बढ़ाए जाने के सरकार के फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू होने के बाद पुरुषों के लिए सीटों की संख्या में बड़ा संतुलन बना रहे।

– प्रस्तावित व्यवस्था के तहत करीब 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं, जो भारतीय राजनीति में महिला प्रतिनिधित्व को ऐतिहासिक रूप से मजबूत करेगा।

– महिला आरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया भी इस सत्र का अहम हिस्सा होगी।

– सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर नए सिरे से निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण करने के लिए विधेयक पेश कर सकती है। इसका उद्देश्य 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले नई सीटों और आरक्षण व्यवस्था को लागू करना है।

Parliament Special Session: संविधान संशोधन प्रस्ताव भी होगा पेश

इसके अलावा, संसद में संविधान संशोधन से जुड़े प्रस्ताव भी पेश किए जा सकते हैं, ताकि महिला आरक्षण कानून को व्यवहारिक रूप से लागू करने में आने वाली कानूनी और तकनीकी बाधाओं को दूर किया जा सके। यह संशोधन ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ को और अधिक प्रभावी और लागू करने योग्य बनाएंगे। राजनीतिक दृष्टिकोण से यह सत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे देश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिल सकती है।

Delimitation का असर राज्यों के विधानसभा चुनाव पर

साथ ही, लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी और परिसीमन जैसे फैसले भविष्य की राजनीति और चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित करेंगे। अप्रैल 2026 का यह विशेष सत्र भारतीय लोकतंत्र में एक बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखता है, जहां महिला भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ संसदीय संरचना को भी नया आकार दिया जा सकता है।



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