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Purnima 2026 Aaj Hai: फाल्गुन पूर्णिमा आज, कैसे रखें व्रत? कब खेली जाएगी होली?


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oi-Ankur Sharma

Phalgun Purnima 2026 Aaj Hai: हिंदू पंचांग में हर महीने पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है, सभी पूर्णिमाओं में फाल्गुन पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है और इसी दिन होली भी मनाई जाती है लेकिन इस बार इसकी तिथि को लेकर भ्रम पैदा हो गया है कि आखिर व्रत कब और कैसे रखा जाए। फाल्गुन पूर्णिमा 2026 की तिथि को लेकर भ्रम है, क्योंकि यह दो कैलेंडर दिनों में पड़ रही है।

पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि आज शाम 5:56 बजे से शुरू होकार 3 मार्च 2026 को शाम 5:08 बजे तक रहेगी। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण है, जिससे सूतक काल लगेगा और कई धार्मिक कार्यों पर रोक लग जाएगी।

Phalgun Purnima 2026 Kab Hai

शास्त्रों के नियमानुसार, पूर्णिमा व्रत उस दिन रखा जाता है जब पूर्णिमा तिथि में चंद्रमा का उदय होता है। इस आधार पर फाल्गुन पूर्णिमा का व्रत आज रखना ही उचित है क्योंकि आज चंद्र दर्शन मान्य है।

Phalgun Purnima 2026 Significance: फाल्गुन पूर्णिमा का महत्व

फाल्गुन पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। भक्तजन धन, सुख-शांति और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं। इस व्रत से धन-आर्थिक स्थिरता, संतान सुख, परिवार की उन्नति और अधूरी इच्छाओं की पूर्ति होती है। चंद्रमा की पूजा से मानसिक शांति मिलती है। ज्योतिष के अनुसार, चंद्र दोष वालों को यह व्रत विशेष रूप से रखने की सलाह दी जाती है। इस दिन स्नान और दान से विशेष पुण्य लाभ होता है।

Phalgun Purnima 2026 Puja Vidhi: फाल्गुन पूर्णिमा व्रत की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें (संभव हो तो पवित्र नदी में)। सूर्य देव को प्रणाम कर व्रत का संकल्प लें। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान करते हुए, एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर उनकी प्रतिमा स्थापित करें।
  • तिलक, फूल और वस्त्र अर्पित कर विष्णु मंत्रों का जाप करें, भोग लगाएं। पूर्णिमा कथा पढ़कर आरती करें। चंद्रमा निकलने पर कच्चे दूध में पानी मिलाकर अर्घ्य दें।
  • प्रसाद ग्रहण कर, भोजन करके व्रत खोलें। व्रत की पूर्णता हेतु अगले दिन दान करना आवश्यक माना गया है।

Holi Kab hai: होली 4 मार्च को खेली जाएगी

3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण के चलते उस दिन सूतक काल लगेगा, जिससे कई धार्मिक कार्य प्रतिबंधित रहेंगे इसलिए होलिका दहन तो आज होगा तो वहीं रंगों वाली होली 4 मार्च को खेली जाएगी। व्रत का पारण भी आज होलिका दहन के बाद किया जा सकता है।

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी चीज को अमल लाने के लिए किसी ज्योतिषी और किसी पंडित से अवश्य बातें करें। हमारा मकसद किसी भी तरह का अंधविश्वास फैलाना नहीं है।



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