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Rajya Sabha में शरद पवार होंगे विपक्ष के साझा उम्मीदवार! क्या सुलझ गया MVA के भीतर ‘सीट विवाद’


Maharashtra

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Sharad Pawar Rajya Sabha 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में ‘महाविकास अघाड़ी’ (MVA) के भीतर जारी खींचतान के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। 16 मार्च 2026 को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार को अपना समर्थन देने का एलान कर दिया है।

काफी दिनों से जारी सस्पेंस और गठबंधन के भीतर चल रही रस्साकशी के बाद, इस फैसले के बाद महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में विपक्ष ने अपना दांव चल दिया है।

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कांग्रेस आलाकमान और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हस्तक्षेप के बाद, महाराष्ट्र कांग्रेस ने दिग्गज नेता शरद पवार की उम्मीदवारी पर मुहर लगा दी है। इससे पहले इस अकेली ‘जीतने योग्य’ सीट को लेकर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा था।

कांग्रेस का ‘त्याग’ और गठबंधन की मर्यादा

कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने ‘राष्ट्रीय दल’ होने के नाते पहले इस सीट पर दावा ठोका था। लेकिन अंततः गठबंधन की एकता को सर्वोपरि रखते हुए शरद पवार का नाम तय किया गया।

वडेट्टीवार ने कहा, शरद पवार साहब सबसे वरिष्ठ नेता हैं। हमने महाविकास अघाड़ी की नैतिकता और मर्यादा का पालन करते हुए उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि शरद पवार के करीबियों ने सीधे मल्लिकार्जुन खड़गे और उद्धव ठाकरे से संपर्क किया था, जिसके बाद यह सहमति बनी।

राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर कहांं फंसा था पेंच? समझिए सीटों का गणित

दरअसल, महाराष्ट्र की इस अकेली राज्यसभा सीट को लेकर महा विकास आघाड़ी के तीनों घटक दल एनसीपी (SP), कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने पहले अपना-अपना दावा पेश किया था। कांग्रेस ने खुद को राष्ट्रीय पार्टी बताते हुए सीट पर दावा किया था, जबकि शिवसेना (UBT) का तर्क था कि विधानसभा में संख्या बल के आधार पर उसे पहला हक मिलना चाहिए।

इन दावों के बीच सीट बंटवारे को लेकर गठबंधन में शुरुआती असहमति सामने आई, जिससे विपक्षी एकता पर सवाल उठने लगे थे। हालांकि, वरिष्ठता और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए लास्ट में शरद पवार के नाम पर सहमति बनी। बता दें कि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 है। यदि सात सीटों के लिए केवल सात ही उम्मीदवार मैदान में रहते हैं, तो चुनाव निर्विरोध हो जाएगा।

बीजेपी और महायुति की क्या है रणनीति

सत्ताधारी महायुति गठबंधन ने अपनी छह सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। BJP पार्टी ने राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, माया इवनाते और रामराव वडकुते को मैदान में उतारा है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हुई चर्चा के बाद, एनसीपी (अजीत पवार) की ओर से पार्थ पवार (अजीत पवार के बेटे) का नामांकन दाखिल होना तय माना जा रहा है।

शरद पवार की उम्मीदवारी के क्या हैं मायने

शरद पवार का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है। 85 वर्षीय पवार का राज्यसभा जाना न केवल एनसीपी (एसपी) के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह केंद्र की राजनीति में विपक्ष की आवाज को मजबूती देगा। उनके नाम पर सहमति बनने से यह संदेश गया है कि उद्धव ठाकरे और कांग्रेस, पवार के अनुभव को सम्मान देने के लिए पीछे हटने को तैयार हैं।

राज्यसभा चुनाव के इस समझौते को आने वाले विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। गठबंधन सहयोगियों ने यह साबित करने की कोशिश की है कि सीटों के बंटवारे पर मतभेद होने के बावजूद वे अंततः एकजुट होकर बीजेपी का मुकाबला करेंगे।



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