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Rajya Sabha Candidate:कौन हैं लक्ष्मी वर्मा, किस जाति से? इकलौती महिला उम्मीदवार को BJP क्यों भेज रही राज्यसभा


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oi-Pallavi Kumari

Laxmi Verma BJP Rajya Sabha Candidate: छत्तीसगढ़ की सियासत में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर हलचल तेज है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जब उम्मीदवारों की सूची जारी की तो सबसे ज्यादा चर्चा एक नाम पर थम गई, और वह नाम है लक्ष्मी वर्मा। सवाल उठने लगे कि आखिर कौन हैं लक्ष्मी वर्मा, किस सामाजिक पृष्ठभूमि से आती हैं और पार्टी ने उन्हें ही क्यों चुना।

छत्तीसगढ़ से बीजेपी की इकलौती महिला चेहरा (Rajya Sabha Election 2026)

राज्यसभा की दो सीटें छत्तीसगढ़ से खाली हो रही हैं। बीजेपी ने इनमें से एक सीट के लिए लक्ष्मी वर्मा को मैदान में उतारा है। वह इस सूची में पार्टी की इकलौती महिला उम्मीदवार हैं। लंबे समय से अटकलें थीं कि इस बार संगठन सामाजिक संतुलन और महिला प्रतिनिधित्व दोनों को साधेगा। यही रणनीति आखिरकार टिकट वितरण में साफ दिखी।

Laxmi Verma BJP Rajya Sabha Candidate

कौन हैं लक्ष्मी वर्मा? (Who is Laxmi Verma)

55 वर्षीय लक्ष्मी वर्मा एमए लोक प्रशासन की पढ़ाई कर चुकी हैं। राजनीति में उनका सफर तीन दशक पुराना है। 1994 में रायपुर के वार्ड नंबर 7 से पार्षद चुनी गईं और यहीं से उनकी सक्रिय राजनीति की शुरुआत हुई। वर्ष 2000 में रायपुर लोकसभा क्षेत्र में सांसद प्रतिनिधि की भूमिका निभाई।

2010 में रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। संगठन में भी उनका कद लगातार बढ़ता गया और 2021 में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। उसी साल उन्होंने भाजपा मीडिया प्रवक्ता के तौर पर भी काम किया। 2024 में उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य बनाया गया।

लक्ष्मी वर्मा राजनीतिक सफर

  • 1994: रायपुर के वार्ड नंबर 7 से पार्षद चुनी गईं
  • 2000: रायपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद प्रतिनिधि रहीं
  • 2010: रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुईं
  • 2021: प्रदेश उपाध्यक्ष बनीं
  • 2021: मीडिया प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाली
  • 2024: राज्य महिला आयोग की सदस्य बनीं
Laxmi Verma BJP Rajya Sabha Candidate

Laxmi Verma Caste: किस जाति से आती हैं और क्यों अहम है यह समीकरण

लक्ष्मी वर्मा कुर्मी समाज से आती हैं, जो ओबीसी वर्ग में महत्वपूर्ण माना जाता है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में सामाजिक समीकरण बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ओबीसी और महिला वर्ग दोनों को साथ लेकर चलने की रणनीति के तहत यह फैसला लिया गया है।

प्रदेश संगठन ने राज्यसभा के लिए सात नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा था। शुरुआती सूची में लक्ष्मी वर्मा के साथ नारायण चंदेल, सरोज पांडेय, भूपेंद्र सवन्नी, किरण बघेल, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी और निर्मल शामिल थे। मंथन के बाद तीन नाम शॉर्टलिस्ट किए गए, जिनमें लक्ष्मी वर्मा, नारायण चंदेल और डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी थे।

आखिरकार केंद्रीय नेतृत्व ने लक्ष्मी वर्मा के नाम पर मुहर लगा दी। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि महिला प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देने की रणनीति ने समीकरण बदल दिए।

लक्ष्मी वर्मा को भाजपा क्यों भेज रही है राज्यसभा?

पार्टी लंबे समय से संकेत दे रही थी कि इस बार ‘मातृशक्ति’ को आगे लाया जाएगा। लक्ष्मी वर्मा की महिला वर्ग में मजबूत पकड़ मानी जाती है। संगठन में 30 साल की सक्रियता और जमीनी अनुभव को देखते हुए उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला हुआ।

लक्ष्मी वर्मा का राज्यसभा पहुंचना सिर्फ एक नाम का चयन नहीं है। यह संदेश है कि बीजेपी सामाजिक संतुलन, महिला सशक्तिकरण और संगठनात्मक निष्ठा को एक साथ साधना चाहती है। कुर्मी समाज की प्रतिनिधि और तीन दशक के अनुभव वाली नेता को आगे कर पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि 2026 की सियासत में रणनीति अब और ज्यादा सूक्ष्म हो चुकी है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह फैसला आने वाले समय में किस तरह असर डालेगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

छत्तीसगढ़ में जीत का गणित (Assembly Strength)

छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए 31 वोट जरूरी होते हैं। बीजेपी के पास 54 विधायक हैं, कांग्रेस के पास 35 और एक विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का है। ऐसे में दोनों प्रमुख दल एक-एक सीट आसानी से जीत सकते हैं।

इस बार जिन दो सांसदों का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को खत्म हो रहा है, वे कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम और केटीएस तुलसी हैं। कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है। फिलहाल राज्य से राज्यसभा में कुल पांच सदस्य हैं। राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन का कार्यकाल 2028 तक है, जबकि भाजपा के देवेन्द्र प्रताप सिंह 2030 तक सदस्य बने रहेंगे।

राज्यसभा चुनाव का पूरा कार्यक्रम (Rajya Sabha Election 2026 Schedule date)

नोटिफिकेशन 26 फरवरी 2026 को जारी हुआ। नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च है। 6 मार्च को जांच होगी और 9 मार्च तक नाम वापसी की जा सकेगी। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना होगी। पूरी प्रक्रिया 20 मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।



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