Homeव्यवसायReport: भारत के आठ शहरों में औद्योगिक और वेयरहाउसिंग स्टॉक आधा अरब...

Report: भारत के आठ शहरों में औद्योगिक और वेयरहाउसिंग स्टॉक आधा अरब वर्ग फुट के पार, जानिए इसके क्या मायने


नाइट फ्रैंक इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि भारत के आठ प्रमुख बाजारों में औद्योगिक और वेयरहाउसिंग का स्टॉक आधा अरब वर्ग फुट को पार कर गया है। 31 दिसंबर, 2025 तक यह स्टॉक 0.549 अरब वर्ग फुट (549 करोड़ वर्ग फुट) दर्ज किया गया है। यह 2024 के 486 करोड़ वर्ग फुट से 13 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है।

नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के आंकड़े क्या कह रहे?

आठ शहरों में स्थापित वेयरहाउसिंग पार्कों में 256 करोड़ वर्ग फुट की संभावित जगह उपलब्ध है। यह 2025 में दर्ज वार्षिक लेनदेन मात्रा से तीन गुना अधिक है। यह निकट भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त क्षमता प्रदान करता है। मुंबई कुल स्टॉक का 31 फीसदी हिस्से के साथ औद्योगिक और वेयरहाउसिंग बाजार में अग्रणी है।

2025 में मुंबई का स्टॉक 170 करोड़ वर्ग फुट रहा, जो 2024 के 151 करोड़ वर्ग फुट से 12.5 फीसदी बढ़ा है। मुंबई अपने बड़े उपभोग आधार, बंदरगाह-नेतृत्व व्यापार और व्यापक लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे के कारण महत्वपूर्ण बाजार बना हुआ है। थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण, एफएमसीजी और खुदरा क्षेत्र से मांग बनी हुई है। भिवंडी और पनवेल क्लस्टर शहर के वेयरहाउसिंग इकोसिस्टम की रीढ़ हैं।

दिल्ली और आसपास के इलाकों की क्या स्थिति है?

दिल्ली-एनसीआर में स्थिति भारत के आठ प्राथमिक बाजारों में कुल औद्योगिक और वेयरहाउसिंग स्टॉक में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। एनसीआर का हिस्सा 21 फीसदी है। 2025 में एनसीआर का स्टॉक 115 करोड़ वर्ग फुट दर्ज किया गया। यह 2024 के 103 करोड़ वर्ग फुट से 11.65 फीसदी की वृद्धि है।

एनसीआर में वृद्धि के मुख्य कारण क्या हैं?

एनसीआर में विभिन्न उद्योगों से नई मांग देखी जा रही है। बेहतर अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी भी एक प्रमुख कारण है। बड़े पैमाने पर विनिर्माण आधारों से निकटता भी महत्वपूर्ण है। सतत औद्योगीकरण ने एनसीआर को भारत के सबसे पसंदीदा वेयरहाउसिंग गंतव्यों में से एक बना दिया है।





Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments