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Shani Asta 2026: शनि हुए अस्त, इन तीन राशियों की किस्मत बनेगी रॉकेट, जमकर होगा धनलाभ


Astrology

oi-Ankur Sharma

Shani Asta 2026: न्याय के देवता शनि 13 मार्च को मीन राशि में अस्त हो गए हैं, जिसके बाद लोगों के मन में भय व्याप्त है कि अब कुछ बुरा होने वाला है लेकिन आपको बता दें कि ऐसा कुछ नहीं हैं। दरअसल शनि देव का अस्त होना (शनि अस्त) ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत करीब आ जाता है तो उसकी शक्ति कम हो जाती है, इसे अस्त होना कहा जाता है।

इस दौरान उस ग्रह के शुभ-अशुभ प्रभाव कमजोर या अलग तरह से महसूस होते हैं। काशी के पंडित दयानंद शास्त्री के मुताबिक शनिदेव हर बार किसी को निगेटिव चीजें प्रदान करे, ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है, शनि के अस्त होने से तीन राशियों को फायदा पहुंचने वाला है और ये तीन राशियां हैं मेष, वृषभ और कन्या

Shani Asta 2026

इन तीनों को करियर में फायदा होगा और दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करेंगे और यही नहीं इन्हें अप्रत्याशित धनलाभ भी होगा। आपको बता दें कि शनिदेव पूरे 40 दिन तक अस्त रहेगें , वो 22 अप्रैल तक इसी अवस्था में रहेंगे।

  • मेष राशि- आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत, मान सम्मान में वृद्धि और करियर में तरक्की के योग।
  • वृषभ राशि-करियर में धीरे-धीरे सुधार, रुके हुए काम पूरे होने के योग और शिक्षा और प्रतियोगिता में लाभ।
  • कन्या राशि– मेहनत का फल मिलेगा, धन लाभ होगा और करियर में अप्रत्याशित सफलता हासिल होगी।

Shani Asta 2026 News:शनि अस्त के दौरान क्या करें उपाय

शनिवार को शनि देव की पूजा करें, पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं, काले तिल और उड़द दान करें और शनि मंत्र का जाप करें, जो ऐसा नियमित तौर पर करता है उसे धन लाभ होता है। शनिवार को शनि आरती करने से इंसान को सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

Shani Asta 2026 Effect: शनिदेव को खुश करने के लिए करें आरती

  • जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ।
  • सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥ ॥
  • जय जय श्री शनिदेव..॥
  • श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी ।
  • नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी ॥
  • ॥ जय जय श्री शनिदेव..॥
  • क्रीट मुकुट शीश रजित दिपत है लिलारी ।
  • मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी ॥
  • ॥ जय जय श्री शनिदेव..॥
  • मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी ।
  • लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी ॥
  • ॥ जय जय श्री शनिदेव..॥
  • देव दनुज ऋषि मुनि सुमरिन नर नारी ।
  • विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी ॥ ॥
  • जय जय श्री शनिदेव..॥

Disclaimer: इस आलेख का मतलब किसी भी तरह का अंधविश्वास पैदा करना नहीं है। यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार की राय जरूर लें।



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