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Suvendu Adhikari Net Worth: नंदीग्राम से पर्चा भरते ही चर्चा में शुभेंदु अधिकारी, कितनी है उनकी कुल संपत्ति?


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Suvendu Adhikari Net Worth : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (Bengal Election 2026) के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। उनके नामांकन के साथ ही उनके हलफनामे में दर्ज आपराधिक मामलों और संपत्ति का ब्योरा भी चर्चा का विषय बन गया है।

नंदीग्राम से दोबारा चुनावी मैदान में उतरे शुभेंदु ने अपने हलफनामे (Affidavit) में अपनी संपत्ति और मुकदमों का जो ब्यौरा दिया है, उसने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

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शुभेंदु न केवल नंदीग्राम से चुनाव लड़ रहे हैं, बल्कि इस बार वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ उनके गढ़ भवानीपुर से भी ताल ठोक रहे हैं। नामांकन के बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि जैसे नंदीग्राम में ममता हारी थीं, वैसे ही इस बार भवानीपुर में भी उनकी हार तय है।

कितनी है बंगाल BJP के बादशाह शुभेंदु अधिकारी की नेटवर्थ?

हलफनामे के अनुसार शुभेंदु अधिकारी की कुल संपत्ति लगभग ₹83.20 लाख बताई गई है। उनकी आय के मुख्य स्रोत विधायक वेतन, सांसद पेंशन और व्यवसाय हैं। आयकर रिटर्न के अनुसार उनकी सालाना आय करीब ₹17.38 लाख है।

अगर 2021 से तुलना करें, तो उस समय उनकी संपत्ति 1 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई थी, जबकि इस बार यह घटकर 83 लाख रुपये के आसपास रह गई है। शुभेंदु 2009 और 2014 में लोकसभा सांसद रह चुके हैं और टीएमसी सरकार में परिवहन एवं सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

हलफनामे में 25 आपराधिक मामलों का खुलासा

नामांकन पत्र के साथ दाखिल हलफनामे में शुभेंदु अधिकारी ने अपने ऊपर दर्ज कुल 25 आपराधिक मामलों का जिक्र किया है। इनमें हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी, धार्मिक भावनाएं भड़काने, दंगा, विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने, महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने, यौन उत्पीड़न, मानहानि, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि इन मामलों में उन्हें अब तक किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है। ज्यादातर केस ग्रामीण इलाकों से जुड़े हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम मामले दर्ज हैं। गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ केवल एक मामला दर्ज था, लेकिन इस बार यह संख्या बढ़कर 25 हो गई है। यह वृद्धि राजनीतिक बहस का मुद्दा बन सकती है, खासकर चुनावी माहौल में।

ममता बनर्जी से सीधी टक्कर के मुड में शुभेंदु अधिकारी

बता दें कि 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट पर 1,956 वोटों से हराकर देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। इस बार वे दो सीटों पर लड़कर ममता बनर्जी को चारों तरफ से घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी इस बार नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर सीट से भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनौती दे रहे हैं।

नामांकन के बाद एक जनसभा में अधिकारी ने दावा किया कि जैसे नंदीग्राम में जीत मिली थी, वैसे ही भवानीपुर में भी ममता बनर्जी हारेंगी। शुभेंदु अधिकारी का राजनीतिक करियर लंबा रहा है। वे 2009 और 2014 में लोकसभा सांसद रह चुके हैं और तृणमूल कांग्रेस सरकार में परिवहन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं। बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थामा और वर्तमान में राज्य की राजनीति में एक बड़े चेहरे के तौर पर उभरे हैं।

चुनाव में TMC vs BJP के बीच कड़ी टक्कर, क्या असर पड़ेगा चुनाव पर?

नामांकन के बाद अधिकारी ने दावा किया कि इस बार भाजपा को चुनाव में बढ़त मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बार “फर्जी वोटिंग” के कारण परिणाम प्रभावित हुए थे, लेकिन इस बार ऐसा संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वे 23 तारीख तक नंदीग्राम में और उसके बाद भवानीपुर में चुनाव प्रचार करेंगे।

शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ बढ़ते मामलों और उनकी संपत्ति में बदलाव जैसे मुद्दे चुनावी बहस को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, उनका ममता बनर्जी के खिलाफ सीधा मुकाबला इस चुनाव को और दिलचस्प बना रहा है। अब देखना होगा कि नंदीग्राम और भवानीपुर की जनता इस बार किसे अपना समर्थन देती है और क्या 2021 का इतिहास दोहराया जाता है या नया समीकरण बनता है।



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