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Tata: टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने चेताया, पश्चिम एशिया संकट से बढ़ेगी आपूर्ति शृंखला की चुनौती और लागत


पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच टाटा समूह के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने समूह के शीर्ष अधिकारियों को एक चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। गुरुवार को समूह की कंपनियों के 30 से अधिक मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और प्रबंध निदेशकों की बैठक हुई। इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में चंद्रशेखरन ने मौजूदा संकट के संभावित परिणामों को देखते हुए संचालन के स्तर पर तैयारियों की जरूरत पर बल दिया।

कंपनी के अधिकारियों को आगाह करते हुए क्या बोले चंद्रशेखरन?

चंद्रशेखरन ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रही उथल-पुथल दुनिया की आपूर्ति शृंखला को बुरी तरह प्रभावित कर रही है और इसके कारण लागत में वृद्धि हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को मांग में संभावित मंदी और विभिन्न परियोजनाओं में होने वाली देरी के प्रति आगाह किया। बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि कमोडिटी की बढ़ती कीमतें और सप्लाई चेन की बाधाएं मांग पर भारी पड़ सकती हैं। इसके असर से परिचालन लागत बढ़ेगी और मुनाफे पर दबाव पड़ेगा। कई व्यवसायों के लिए, इसका मतलब यह हो सकता है कि उत्पादन का स्तर उनकी स्थापित क्षमता से कम रह जाए। 

कंपनी में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए क्या निर्देश?

इस संकट के प्रभाव को कम करने के लिए चंद्रशेखरन ने कंपनियों को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इसके प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:


  • नकदी और तरलता का प्रबंधन: कंपनियों को नकदी बचाने और तरलता को समझदारी से प्रबंधित करने पर विशेष जोर देने के लिए कहा गया है। साथ ही, नए और चल रहे प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन का पुनर्मूल्यांकन करने की सलाह दी गई है।

  • लागत अनुकूलन: स्पष्ट लक्ष्यों के साथ लागत में कटौती के प्रोग्राम लागू करने का आह्वान किया गया है। तेल की कीमतों, मुद्रा की चाल और लॉजिस्टिक्स की लागत में वृद्धि के कारण यह कदम आवश्यक हो गया है।

  • साइबर सुरक्षा: मौजूदा वैश्विक माहौल को देखते हुए साइबर सुरक्षा और नेटवर्क रेजिलिएंस को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।

कर्मचारियों की सुरक्षा प्राथमिकता

इस बैठक में एक प्रमुख चिंता पश्चिम एशिया क्षेत्र में मौजूद कर्मचारियों की सुरक्षा और उनकी आवाजाही को लेकर थी। टाटा समूह के 10,000 से अधिक कर्मचारी इस क्षेत्र में कार्यरत हैं, जिनमें वोल्टास, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड और टाइटन (डेमास ब्रांड सहित) के कर्मचारी शामिल हैं। समूह ने जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के कदम उठाए हैं। एयर इंडिया के सहयोग से कुछ कर्मचारियों और उनके परिवारों को यूएई के रास्ते वापस भी लाया जा चुका है। इसके अलावा, अस्थायी कर्मचारियों का समर्थन करने और प्रभावित क्षेत्र में कर्मचारियों व उनके परिवारों के तनाव को दूर करने पर भी जोर दिया गया है।

आगे का आउटलुक

चंद्रशेखरन ने नेतृत्वकर्ताओं से आग्रह किया है कि जब स्थितियां सामान्य होने लगें, तो वे रिकवरी के चरण के लिए पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने अधिकारियों को साफ-साफ संदेश दिया, “आपको तैयार स्थिति में रहना चाहिए- चुस्त रहें; अपनी गति न खोएं”। टाटा समूह का वर्तमान रुख दिखता है कि कंपनी वर्तमान अस्थिरता से निपटने के साथ-साथ भविष्य के विकास के लिए अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत बनाए रखना चाहती है।





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