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The Bonus Market Update: बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार; सेंसेक्स 2500 अंक टूटा, निफ्टी 23100 के नीचे


हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन यानी गुरुवार को शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क सूचकांक और निफ्टी में तीन प्रतिशत की ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 2,496.89 अंक या 3.26 प्रतिशत गिरकर 74,207.24 पर बंद हुआ। जून 2024 के बाद यह इसकी सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट है। दिन के दौरान, यह 2,753.18 अंक या 3.58 प्रतिशत गिरकर 73,950.95 पर पहुंचा था। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 775.65 अंक या 3.26 प्रतिशत गिरकर 23,002.15 पर बंद हुआ।

निवेशकों को 11 लाख करोड़ का हुआ नुकसान

बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को आई बड़ी बिकवाली के बीच बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 11.5 लाख करोड़ रुपये घटकर करीब 427 लाख करोड़ रुपये रह गया। सेंसेक्स के सारे शेयर हरे निशान पर बंद हुए।

सेंसेक्स की कंपनियों का हाल

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से, इटरनल, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फिनसर्व प्रमुख पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं। एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती द्वारा नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए इस्तीफा देने के बाद बैंक के शेयरों में 5.13 प्रतिशत की गिरावट आई।

कीमती धातुओं में भारी गिरावट

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमत 14230 रुपये गिरकर 2.33 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 5330 रुपये गिरकर 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

जंग ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ाई 

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ऊर्जा ढांचे पर हमलों ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। ईरान के प्रमुख गैस उत्पादन क्षेत्र पर हमले और कतर स्थित दुनिया की सबसे बड़ी एलएनजी उत्पादन सुविधा को निशाना बनाए जाने से ऊर्जा आपूर्ति पर असर की आशंका गहरा गई है।



बैंकिंग और मार्केट विशेषज्ञ अजय बग्गा ने एएनआई से बातचीत में कहा कि इन घटनाओं ने खाड़ी क्षेत्र के तनाव को बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचा दिया है। उनके अनुसार, इससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई में बाधा की आशंका बढ़ी है, जिसका असर महंगाई और बाजारों पर साफ दिख सकता है।

फेड ने ब्याज दरों को रखा स्थिर

इस बीच, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखा है। फेड चेयर जेरोम पॉवेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में “अनिश्चितता” शब्द का कई बार उल्लेख करते हुए संकेत दिया कि टैरिफ और ऊर्जा संकट से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। उनका रुख अपेक्षाकृत सख्त (हॉकिश) माना जा रहा है।

यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट

एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक काफी नीचे बंद हुए। यूरोप के बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। बुधवार को अमेरिकी बाजार में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।

कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंची

ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,714.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,253.03 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बुधवार को सेंसेक्स 633.29 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 76,704.13 पर बंद हुआ। निफ्टी 196.65 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 23,777.80 पर समाप्त हुआ।


 



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