Homeव्यवसायTrade Deal: भारत को अमेरिका के साथ प्रतिस्पर्धी देशों से बेहतर ट्रेड...

Trade Deal: भारत को अमेरिका के साथ प्रतिस्पर्धी देशों से बेहतर ट्रेड डील मिली, पीयूष गोयल ने दोहराया दावा


उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत को अमेरिका के साथ अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर व्यापार समझौता मिला है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध बेहद मजबूत और बहुआयामी हैं। गोयल ने पहले भी यह दावा किया है।

रायसीना डायलॉग में बोलते हुए गोयल ने कहा कि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसकी अर्थव्यवस्था करीब 30 ट्रिलियन डॉलर की है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध बेहद सकारात्मक रहे हैं और पिछले वर्ष के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारत और नरेंद्र मोदी की सराहना की है।

क्या-क्या बोले गोयल?

गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका रणनीतिक साझेदार हैं और दोनों दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। उनके अनुसार व्यापार समझौते का उद्देश्य अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर बाजार पहुंच दिलाना होता है और इस मामले में भारत को सबसे अच्छा समझौता मिला है।

उन्होंने कहा कि भारत को यह बढ़त अपने पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ-साथ एशिया के अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में मिली है। गोयल के अनुसार भारत-अमेरिका संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसमें तकनीक, रक्षा, निवेश और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भी मजबूत सहयोग शामिल है।

पहले चरण की रूपरेखा हुई तय

मंत्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए रूपरेखा तय हो चुकी है। इसके तहत अमेरिका ने भारत पर लगाए जाने वाले पारस्परिक शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की थी। हालांकि बाद में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से इन शुल्कों को रद्द किए जाने के बाद अमेरिका ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लागू कर दिया।

प्रस्तावित समझौते में क्या है खास?


  • प्रस्तावित समझौते के तहत भारत अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और कई कृषि वस्तुओं पर शुल्क कम या समाप्त करेगा।

  • इनमें पशु चारे के लिए डीडीजीएस, रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स जैसे उत्पाद शामिल हैं।

  • भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान पुर्जे, कीमती धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का भी इरादा जताया है।

मोदी सरकार ने किए नौ एफटीए

गोयल ने यह भी कहा कि मोदी सरकार द्वारा किए गए नौ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) में किसी भी हितधारक की संवेदनशीलता से समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से भारतीय उद्योगों के लिए वैश्विक बाजारों के दरवाजे खुले हैं।

ऑटो सेक्टर को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ एफटीए में शुल्क रियायतें देने से देश में उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प मिलेंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। शुरुआती दौर में विदेशी कंपनियां सीमित संख्या में कारें निर्यात कर सकती हैं, लेकिन भारतीय बाजार को समझने के बाद उन्हें यहां निर्माण करना ही पड़ेगा।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments