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Trump Netanyahu Clash: Iran से जंग के बीच आपस में भिड़े ट्रंप-नेतन्याहू! Khamenei की मौत के बाद पड़ी फूट?


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oi-Siddharth Purohit

Trump Netanyahu Clash: इजरायल-ईरान युद्ध के बीच एक बड़ी अटपटी खबर आ रही है। दरअसल तेल डिपो पर हमला करने के बाद ट्रंप और नेतन्याहू के बीच कहा-सुनी हो गई है और दोनों के बीच मतभेद बढ़ते जा रहे हैं। न्यूज वेबसाइट Axios ने इजरायली और अमेरिकी सूत्रों के हवाले से लिखा कि, इजरायल ने तय लिमिट से ज्यादा ईरान पर हमले कर दिए। इन हमलों की वजह से डोनाल्ड ट्रंप भड़क गए और अमेरिका-इजरायल के बीच इस युद्ध को लेकर पहला बड़ा मतभेद सामने आया है।

अमेरिका को नुकसान की चिंता

Axios ने लिखा कि अमेरिकी अधिकारियों को यह डर सता रहा है कि ईरान की बिल्डिंग्स और तेल डिपो पर इस तरह के इजरायली हमले रणनीतिक रूप से उल्टा असर डाल सकते हैं। इससे ईरानी लोग अपने वर्तमान शासन (सुप्रीम लीडर) के समर्थन में और अधिक एकजुट हो सकता है। इसके साथ ही वैश्विक तेल बाजार में भी भारी उछाल आ सकता है, जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

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तेहरान में लगी भीषण आग

शनिवार को Israel Defense Forces (IDF) की ओर से किए गए हवाई हमलों के बाद राजधानी Tehran में भीषण आग लग गई। आग की लपटें कई मील दूर से दिखाई दे रही थीं और पूरे शहर में घना धुआं फैल गया था। IDF ने अपने बयान में कहा कि जिन ईंधन डिपो को निशाना बनाया गया, उनका इस्तेमाल ईरानी शासन अपने ग्राहक देशों को ईंधन सप्लाई करने के लिए करता था, जिनमें सैन्य संस्थान भी शामिल हैं।

इजरायल ने बताया हमलों का मकसद

एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने कहा कि इन हमलों का एक उद्देश्य ईरान को यह संदेश देना भी था कि वह इजरायल के नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने से बचे। हमलों से पहले IDF ने अमेरिकी सेना को इसकी जानकारी दे दी थी, लेकिन एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि हमलों की व्यापकता देखकर अमेरिका वास्तव में हैरान रह गया। क्योंकि जितनी लिमिट तय की गई थी हमले उससे क्या ज्यादा बड़े थे।

क्यों आगबबूला हुए ट्रंप?

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने इस हमले पर जानकारी देते हुए कहा, “हमें नहीं लगता कि यह एक अच्छा विचार था।” वहीं एक इजरायली अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका की ओर से इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया आई और उनका संदेश लगभग ऐसा था कि “यह क्या था?” हालांकि इस पूरे मामले पर White House और IDF दोनों ने आधिकारिक बयान देने से इनकार कर दिया है।

तेल बाजार पर असर पड़ने की आशंका

जिन डिपो पर हमला किया गया वे सीधे तेल उत्पादन प्लांट्स नहीं थे, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों को डर है कि जलते हुए ईंधन डिपो के वीडियो और हवाई फुटेज वैश्विक तेल बाजारों में घबराहट फैला सकते हैं। इससे ऊर्जा की कीमतों में अचानक तेज बढ़ोतरी हो सकती है और दुनिया भर में तेल की कीमतें और महंगी हो सकती हैं।

ट्रंप के सलाहकार ने जताई नाराजगी

इसी संदर्भ में Donald Trump के एक सलाहकार ने Axios से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति को यह हमला पसंद नहीं आया। उनके अनुसार राष्ट्रपति तेल बचाना चाहते हैं, उसे जलाना नहीं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोगों को पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों की याद दिलाती हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।

ईरान की चेतावनी

दूसरी ओर ईरान के Khatam al-Anbiya Central Headquarters के प्रवक्ता ने शनिवार को चेतावनी दी कि अगर ईरान के तेल बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रहे, तो तेहरान पूरे क्षेत्र में इसी तरह के हमलों के साथ जवाब दे सकता है। यह मुख्यालय ईरान के सैन्य अभियानों की निगरानी करता है।

तेल की कीमत 200 डॉलर तक पहुंचने की चेतावनी

प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ईरान ने अभी तक क्षेत्रीय ईंधन और एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना नहीं बनाया है। लेकिन अगर वह ऐसा करता है, तो इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। इस धमकी के बाद से इंटरनेशनल मार्केट में भी चिंता बढ़ गई है।

अमेरिका-इजरायल के बीच मतभेद सुलझाने की कोशिश

एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, मौजूदा मतभेद और इस युद्ध में अमेरिका की उम्मीदों को दोनों सहयोगियों के बीच वरिष्ठ राजनीतिक स्तर पर सुलझाने की कोशिश की जाएगी। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिका और इजरायल इस रणनीतिक मतभेद को कैसे संभालते हैं और इसका युद्ध की दिशा पर क्या असर पड़ता है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।



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