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oi-Sumit Jha
Trump Threat Iran: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता विफल रहती है, तो अमेरिका ईरान पर बड़े हमले के लिए पूरी तरह तैयार है।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी युद्धपोतों को अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया जा रहा है और अगले 24 घंटे दोनों देशों के भविष्य के लिए निर्णायक साबित होंगे। जहां एक तरफ ट्रंप ईरान की नीयत पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शांति की उम्मीदें अब केवल एक मेज पर टिकी हैं।

Islamabad Peace Talks: युद्ध की तैयारी और आधुनिक हथियार
ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में बताया कि अमेरिकी सेना ईरान पर हवाई हमले करने के लिए तैयार खड़ी है। उन्होंने कहा कि हमारे युद्धपोतों में दुनिया के सबसे आधुनिक और खतरनाक हथियार भरे जा रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक, अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो इस बार का हमला पिछले हमलों के मुकाबले कहीं ज्यादा विनाशकारी होगा। अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति के जरिए ईरान को भारी नुकसान पहुंचाने की रणनीति बना चुका है, जिसकी तैयारी लगभग पूरी है।
Trump Truth Social Iran: ईरान की दोहरी नीति पर ट्रंप का वार
ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह दुनिया के सामने झूठ बोलता है। उनके अनुसार, ईरान मीडिया में परमाणु हथियार खत्म करने की बात करता है, लेकिन चोरी-छिपे यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) का काम जारी रखता है। ट्रंप का मानना है कि ईरान पर भरोसा करना मुश्किल है क्योंकि वह अपनी छवि सुधारने और ‘फेक न्यूज’ फैलाने में माहिर है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ईरान असल में उतना ताकतवर नहीं है जितना वह पीआर और प्रोपेगेंडा के जरिए दिखने की कोशिश करता है।
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इस्लामाबाद वार्ता और ईरान की शर्तें
11 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच अहम बैठक होनी है, लेकिन इस पर अभी भी काले बादल मंडरा रहे हैं। ईरान ने बातचीत शुरू करने से पहले दो बड़ी शर्तें रखी हैं: पहली, लेबनान में तुरंत युद्धविराम हो और दूसरी, अमेरिका द्वारा फ्रीज की गई ईरानी संपत्ति को तुरंत रिलीज किया जाए। इन शर्तों की वजह से वार्ता के सफल होने पर सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद के लिए निकल चुके हैं, पर ईरानी दल का अभी इंतजार है।
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ट्रंप का ‘ट्रुथ सोशल’ पर कड़ा संदेश
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि ईरानी नेता आज सिर्फ इसलिए सुरक्षित हैं ताकि वे शांति की मेज पर आ सकें। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के पास अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को बाधित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उनके अनुसार, ईरान केवल दबाव बनाने की राजनीति कर रहा है। ट्रंप ने साफ कर दिया कि अगर ईरान ने शांति का रास्ता नहीं चुना, तो अमेरिका उसे अपनी सैन्य ताकत दिखाने में जरा भी संकोच नहीं करेगा।



