Homeट्रैवलUPSC 2025 Result: बिहार के मेधावियों का शानदार प्रदर्शन, टॉप-20 में 5...

UPSC 2025 Result: बिहार के मेधावियों का शानदार प्रदर्शन, टॉप-20 में 5 बिहारी छात्र, पढ़ें उनकी सफलता की कहानी


Bihar

oi-Puja Yadav

UPSC 2025 Result Bihar Topper candidates : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2024-25 का फाइनल रिजल्ट शुक्रवार 6 मार्च 2026 को जारी कर दिया। इस साल के परिणामों में बिहार के मेधावियों ने अपना परचम लहराया है। इस साल कुल 958 कैंडिडेट्स सफल हुए हैं, जिनमें बिहार के 24 होनहार युवाओं ने बाजी मारी हैं।
पिछले साल के मुकाबले इस बार बिहार का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है, जहां टॉप-20 में राज्य के 5 अभ्यर्थियों ने जगह बनाई है।

upsc-2025-result-bihar-topper-candidates-list

मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला ने पूरे देश में चौथी रैंक हासिल कर बिहार का नाम रोशन किया है, वहीं वैशाली के उज्जवल प्रियांक ने 10वीं रैंक पाकर टॉप-10 में जगह बनाई है।

Bihar Topper Raghav Jhunjhunwala: मुजफ्फरपुर के राघव बने ‘बिहार टॉपर’

मुजफ्फरपुर के सरैयागंज के रहने वाले राघव झुनझुनवाला ने ऑल इंडिया चौथी रैंक लाकर इतिहास रच दिया है। अपनी सफलता पर राघव ने विनम्रता के साथ कहा-मुझे इतनी अच्छी रैंक की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। मैंने केवल अपनी ईमानदारी से मेहनत की थी और फल की चिंता नहीं की। यह मेरे माता-पिता और शिक्षकों के आशीर्वाद का परिणाम है।

Bihar Topper Candidates List: बिहार के युवाओं ने संघर्षों को मात देकर हासिल की सफलता

इस बार के नतीजों में केवल रैंक नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों के संघर्ष की कहानियाँ भी चर्चा का केंद्र हैं। सफल होने वाले 24 बिहारी छात्रों में कोई किराना दुकानदार का बेटा है, तो कोई दृष्टिबाधित योद्धा।

दृष्टिबाधित रवि राज (20वीं रैंक): नवादा के रवि राज ने साबित कर दिया कि हौसले के आगे शारीरिक अक्षमता कुछ भी नहीं। एक किराए के कमरे से अपनी पढ़ाई शुरू करने वाले रवि वर्तमान में नागपुर में IRS की ट्रेनिंग ले रहे हैं। उन्होंने पिछली बार की 182वीं रैंक में सुधार कर इस बार टॉप-20 में जगह बनाई है।

किराना दुकानदार के बेटे आयुष (143वीं रैंक): समस्तीपुर के आयुष कुमार ने आईआईटी खड़गपुर से बीटेक और सैमसंग में लाखों की नौकरी छोड़कर यूपीएससी का रास्ता चुना। दूसरे प्रयास में सफलता पाने वाले आयुष के पिता ताजपुर में एक छोटी सी किराने की दुकान चलाते हैं।

ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा (301वीं रैंक): रणवीर सेना के संस्थापक रहे दिवंगत ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा ने IRS के लिए चयनित होकर अपनी एक नई पहचान बनाई है। आरा की रहने वाली आकांक्षा ने दिल्ली में रहकर तैयारी की और दूसरे प्रयास में लक्ष्य हासिल किया।

जूही दास का साहस (649वीं रैंक): किशनगंज की जूही दास की कहानी सबसे भावुक करने वाली है। उनके इंटरव्यू से ठीक 10 दिन पहले पिता का निधन हो गया, लेकिन इस वज्रपात के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और चौथे प्रयास में परीक्षा क्रैक की।

UPSC में पिछले साल से बेहतर बिहार का प्रदर्शन

आंकड़ों पर गौर करें तो 2024 के रिजल्ट में बिहार के केवल 3 अभ्यर्थी टॉप-20 में थे, जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर 5 हो गई है। राज्य के सुदूर इलाकों से आए छात्रों ने यह साबित कर दिया है कि बिहार की मिट्टी में आज भी प्रशासनिक नेतृत्व की अद्भुत क्षमता है।

UPSC 2025 का परिणाम बिहार के उन हजारों युवाओं के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। मुजफ्फरपुर के राघव से लेकर किशनगंज की जूही तक, हर सफल अभ्यर्थी की कहानी यह सिखाती है कि बाधाएं कितनी भी बड़ी क्यों न हों, दृढ़ संकल्प के आगे वे टिक नहीं सकतीं।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments