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US-Iran Ceasefire: सीजफायर के ऐलान के बाद ग्लोबल मार्केट में घटे तेल के दाम! भारत पर कितना पड़ेगा असर?


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oi-Sohit Kumar

US Iran Ceasefire Impact: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की दहलीज पर खड़ा संकट फिलहाल टल गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाले हमले को दो सप्ताह के लिए टालते हुए सीजफायर का ऐलान किया है। यह फैसला ईरान द्वारा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को पूरी तरह खोलने की शर्त पर लिया गया है।

इस घोषणा के साथ ही ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में करीब 14.7% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर जानकारी दी कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख के अनुरोध पर उन्होंने यह कदम उठाया है। आइए जानतें हैं भारत पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

crude oil

सीजफायर और तेल की कीमतों पर असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की समय सीमा खत्म होने से कुछ घंटे पहले दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि हमने अपने सैन्य उद्देश्य पूरे कर लिए हैं और अब ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते पर चर्चा चल रही है। इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर 93.20 प्रति बैरल पर आ गई, जो पहले लगभग 70% तक बढ़ चुकी थी।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी संकेत दिया है कि यदि ईरान ने समय पर सहयोग किया, तो यह मध्य पूर्व में लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। इस पूरी प्रक्रिया में चीन ने पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों के साथ मिलकर मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।

भारत के लिए सीजफायर के क्या हैं मायने?

सीजफायर के इस फैसले का भारतीय बाजारों पर पॉजिटिवअसर देखने को मिल सकता है। गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) के संकेतों के आधार पर Nifty के एक बड़ी बढ़त (Gap-up start) के साथ खुलने की उम्मीद है।

क्या शेयर बाजार में आएगी तेजी?
‘थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज’ के संस्थापक गौरव उदानी के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव कम होने से निफ्टी करीब 700 अंकों की बढ़त के साथ 23,800 के स्तर पर खुल सकता है। हालांकि, 23,800-24,000 के बीच रेजिस्टेंस जोन होने के कारण मुनाफावसूली की संभावना भी बनी रहेगी।

क्या होगा सेक्टोरल इम्पैक्ट?
बैंकिंग, रियल एस्टेट और एविएशन (विमानन) जैसे रेट-सेंसिटिव सेक्टर में जोरदार खरीदारी देखी जा सकती है। तेल की कीमतें गिरने से ऑटोमोबाइल और FMCG कंपनियों को भी इनपुट कॉस्ट कम होने का फायदा मिलेगा।

सोने की कीमतों में तेजी
सुरक्षित निवेश (Safe-haven) के रूप में सोने की मांग बढ़ी है, जिससे गोल्ड फ्यूचर्स में 2.5% तक का उछाल देखा गया है और यह 4,851 प्रति औंस के करीब ट्रेड कर रहा है।

RBI की पॉलिसी पर नजर
आज (8 अप्रैल, 2026) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अपनी मौद्रिक नीति का ऐलान करेगा। जानकारों का मानना है कि रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रह सकता है, लेकिन RBI मुद्रास्फीति (Inflation) को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कर सकता है।

भारत की इकोनॉमी पर असर और क्रेडिबिलिटी
सिटी (Citi) (दुनिया का एक प्रमुख अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक) के एक विश्लेषण के अनुसार, यदि कच्चा तेल $90-$100 के दायरे में रहता है, तो भारत की महंगाई दर में 50-75 बेसिस पॉइंट का इजाफा हो सकता है। लेकिन वर्तमान सीजफायर से तेल की कीमतों में आई गिरावट भारत के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) को कम करने में मदद करेगी।

होर्मुज खुलने से सुधरेगी सप्लाई
भारत अपनी जरूरत का 90% LPG और 40% कच्चा तेल होर्मुज के रास्ते ही मंगवाता है। वर्तमान में भारत के 16 मालवाहक जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं, जिनमें ‘ग्रीन सानवी’ और ‘ग्रीन आशा’ जैसे बड़े गैस टैंकर शामिल हैं। अब सीजफायर के बाद इन जहाजों के सुरक्षित लौटने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे भारत में रसोई गैस की किल्लत दूर होगी और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी।



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