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US-Iran War: ‘पिछले हालात नहीं दोहराएंगे’, ईरान के विदेश मंत्री ने Ceasefire पर बढ़ाई Trump की टेंशन?


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oi-Divyansh Rastogi

US-Iran War: मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान युद्ध अब तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है (फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुआ)। तनाव चरम पर है, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, और हॉर्मुज की नाकाबंदी वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका दे रही है। ऐसे में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का ताजा बयान सुर्खियों में है।

जापानी न्यूज एजेंसी क्योडो न्यूज को दिए इंटरव्यू में अराघची ने साफ कहा कि ईरान सीजफायर (युद्धविराम) नहीं चाहता। वे पिछले साल जैसी स्थिति दोबारा नहीं चाहते, मतलब कोई अस्थायी ठहराव नहीं, जिससे युद्ध फिर भड़क उठे। युद्ध को पूरी तरह, स्थायी और व्यापक रूप से खत्म करना चाहिए, ताकि दुश्मन दोबारा हमला करने की सोच भी न पाएं। बातचीत का स्वागत है, लेकिन केवल पूर्ण समाप्ति के लिए। कोई आधा-अधूरा समझौता नहीं।

US-Iran War Update

अराघची ने जोर दिया कि ईरान आत्मरक्षा में सक्षम है और जितना जरूरी होगा, उतना लड़ेगा। उन्होंने अमेरिका पर ‘अवैध युद्ध’ थोपने का आरोप लगाया और कहा कि तेहरान ने कभी सीजफायर या बातचीत की मांग नहीं की – यह ट्रंप के दावों का खंडन है।

Hormuz Iran Stands: हॉर्मुज पर ईरान का स्टैंड क्या?

ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद (लगभग 1 मार्च 2026 से) जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है – खासकर दुश्मन देशों (अमेरिका, इजरायल) के जहाजों के लिए। अराघची का कहना है कि जलडमरूमध्य खुला है, लेकिन ‘हमारे दुश्मनों’ के लिए बंद। सामान्य जहाजों को गुजरने की इजाजत, लेकिन अमेरिकी/इजरायली जहाजों पर सख्ती। जापान से जुड़े जहाजों के लिए ईरान ने मदद का वादा किया है। टोक्यो के साथ बातचीत चल रही है, क्योंकि जापान अपनी 93% क्रूड ऑयल इसी रास्ते से आयात करता है। ईरान का दावा है कि यह नाकाबंदी अमेरिका-इजरायल हमलों का जवाब है।

Donald Trump Stands On Iran War: डोनाल्ड ट्रंप का रुख क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सख्ती दिखाई है। उन्होंने कहा है कि ईरान ‘सैन्य रूप से खत्म’ हो चुका है, लेकिन हॉर्मुज को ‘क्लॉग’ कर रहा है। सीजफायर की कोई जल्दी नहीं है। कहा कि ‘जब दुश्मन को पूरी तरह खत्म कर रहे हों, तब रुकते नहीं।’ NATO सहयोगियों पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘कायर’ और ‘कागजी शेर’ कहा, क्योंकि उन्होंने हॉर्मुज सुरक्षित करने में मदद नहीं की। ट्रंप ने चीन, जापान, दक्षिण कोरिया जैसे देशों से मदद मांगी।

कहा कि अमेरिका को इस रास्ते की कम जरूरत है, यूरोप-एशिया ज्यादा निर्भर हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि अमेरिका अपने लक्ष्य (ईरान की मिसाइल क्षमता नष्ट, नौसेना-वायुसेना कमजोर, परमाणु रोकना) के बहुत करीब है, युद्ध ‘वाइंड डाउन’ करने पर विचार। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान बातचीत चाहता है, लेकिन अराघची ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।

US-Israel-Iran Ceasefire Update: युद्धविराम तय है या नहीं?

फिलहाल नहीं – दोनों तरफ से सख्त बयान बाजी जारी है। ईरान ने साफ कहा है कि कोई अस्थायी सीजफायर नहीं, पूर्ण अंत चाहिए। अमेरिका ने भी कहा कि लक्ष्य पूरे होने तक जारी, सहयोगियों से मदद की मांग लेकिन अकेले भी चलने को तैयार। हॉर्मुज की नाकाबंदी से तेल कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर – वैश्विक संकट गहरा रहा है। युद्ध फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका-इजरायल के सरप्राइज हमलों से शुरू हुआ, ईरान ने जवाबी हमले और नाकाबंदी की। अब तीसरे हफ्ते में कोई स्पष्ट अंत नजर नहीं आ रहा।

यह युद्ध न सिर्फ मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा को चुनौती दे रहा है। अराघची के बयान से साफ है कि ईरान कमजोर पड़ने के मूड में नहीं – बल्कि स्थायी समाधान की मांग कर रहा है। ट्रंप की तरफ से भी ‘विजय’ के दावे हैं, लेकिन ग्राउंड पर स्थिति जटिल बनी हुई है।



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